एस पी मित्तल, अजमेर
7 मार्च को जब ब्लॉग के माध्यम से लोगों को राजस्थान के मशहूर चिकित्सक अजमेर निवासी डॉ. केएस यादव के निधन की सूचना मिली तो उनके चाहने वाले शोक में डूब गए। चाहने वालों ने मुझे फोन कर डॉ. यादव के बारे में जानकारी ली। राजस्थान पुलिस के सेवानिवृत्त महानिरीक्षक गोविंद नारायण शर्मा की पत्नी मिसेज शर्मा ने जोधपुर से फोन कर बताया कि यादव के परिवार से उनके पारिवारिक संबंध रहे। कुछ वर्ष पहले जब वे अजमेर आई थीं, तब फॉयसागर रोड स्थित आवास पर डॉ. यादव की पत्नी डॉ. सुशीला यादव से मुलाकात हुई थी, उन्हें अपने पुत्र डॉ. भावन यादव के निधन का गहरा दुख था। तब उनकी मुलाकात डॉ. यादव से नहीं हो सकी। जैन समाज के प्रतिनिधि कोसिनोक जैन का कहना था कि पारिवारिक संबंधों की वजह से रोट तीज के अवसर पर डॉ. यादव का पूरा परिवार हमारे घर भोजन करने आता था। लेकिन पिछले कई वर्षों से इस परंपरा का निर्वाह नहीं हो पा रहा है। अजमेर के जनसंपर्क अधिकारी रहे और बाद में विभाग के संयुक्त निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए प्यारे मोहन त्रिपाठी का कहना रहा कि डॉ. यादव के इस तरह चले जाने से मन आहत है। अजमेर में वर्षों तक रहे और इन दिनों जयपुर में रह रहे समाजसेवी शंकरलाल शर्मा ने भी डॉ. यादव के संबंधों के बारे में बताया। सभी का मानना रहा कि डॉ. यादव ने चिकित्सा के क्षेत्र में अजमेर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया। इसी प्रकार डॉ. यादव के पुत्र डॉ. राजन यादव और उनकी पत्नी डॉ. पूजा यादव ने कहा कि डॉ. केएस यादव की देखभाल अच्छी तरह की जा रही थी। वे आराम से सुकून के साथ फॉयसागर रोड किरण नर्सिंग होम के आवासीय परिसर में रह रहे थे। डॉ. यादव ने गुमनामी में अंतिम समय नहीं गुजारा बल्कि वे हमारे परिवार के साथ रह रहे थे। कोरोना संक्रमण की वजह से घर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। उन्होंने बताया कि डॉ. यादव को ब्रेन हेमरेज भी हुआ, जिसका इलाज जयपुर स्थित फोर्टिस अस्पताल में करवाया गया। डॉ. केएस यादव के निधन का पूरे परिवार को दुख है। डॉ. सुशीला यादव की देखभाल भी अच्छे तरीके से की जा रही है। जहां तक संपत्तियों को लेकर पारिवारिक विवादों का सवाल है तो ऐसे विवाद तो अंबानी परिवार में भी हुए हैं। लेकिन इन विवादों से डॉ. केएस यादव के निधन का कोई संबंध नहीं है। डॉ. पूजा यादव का कहना रहा कि उन्होंने परिवार के सदस्य के नाते अपने ससुर की खूब सेवा की। अपने ससुर की चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धियों पर उन्हें गर्व है। 7 मार्च को डॉ. यादव के निधन पर लिखे गए ब्लॉग के शब्दों को लेकर परिवार के किसी सदस्य की भावनाएं आहत हुई है तो इसका मुझे खेद है।
गनी गुर्देजी ने भेजा फोटो:
डॉ. केएस यादव के साथ अपनी यादों को ताजा करते हुए ख्वाजा साहब की दरगाह के प्रमुख खादिम सैयद अब्दुल गनी गुर्देजी ने एक फोटो भेजा हे। यह फोटो दरगाह में आयोजित रोजा इफ्तार के प्रोग्राम का है। मोलाई कमेटी की ओर से गनी गुर्देजी ही प्रतिवर्ष रोजा इफ्तार का प्रोग्राम करते हैं। यह फोटो इसी प्रोग्रम में डॉ. यादव की उपस्थिति का है। फोटो में गनी गुर्देजी और डॉ. यादव के साथ साथ एडवोकेट एसके सक्सेना,प्यारे मोहन त्रिपाठी आदि भी नजर आ रहे हैं। गनी गुर्देजी का कहना है कि डॉ. याव जब कचहरी रोड पर प्रताप मेमोरियल अस्पताल चलाते थे, तब खादिम समुदाय में बहुत लोकप्रिय थे। डॉ. यादव के चाहने वालों ने इस अस्पताल के बंद हो जाने पर अफसोस प्रकट किया है।

