रीवा । नारी चेतना मंच की वरिष्ठ नेत्री मीरा पटेल ने कहा है कि एक तरफ सरकार ने महिलाओं को भूस्वामी बनाने पर उनके नाम पर खरीदी जमीन के रजिस्ट्री शुल्क में कुछ राहत दे रखी है वहीं दूसरी ओर भूस्वामी महिलाओं के साथ भू माफिया गैंग के द्वारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। मीरा पटेल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय ओंकार नाथ खरे की पुत्रवधु एवं शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष रहीं सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ गायत्री खरे के नाम का फर्जी एग्रीमेंट बनाकर उनकी जमीन की रजिस्ट्री कराने की तैयारी कर रहे भू माफिया गैंग की धरपकड़ तत्काल की जानी चाहिए।
शासन प्रशासन के विभिन्न विभागों में आपसी तालमेल नहीं होने और भ्रष्टाचार के चलते ऐसे मामलों में लीपापोती कर दी जाती है। श्रीमती पटेल ने कहा कि जब रीवा की प्रख्यात प्रबुद्ध महिला डॉ गायत्री खरे के नाम का दुरुपयोग करने का भू माफिया षड्यंत्र हो सकता है तो आम महिलाऐं कतई सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि डॉ गायत्री खरे के द्वारा ग्राम बाबूपुर पटवारी हल्का पड़रा हुजूर तहसील रीवा के अपने प्लाट को भू माफिया फर्जीवाड़ा से बचाने के लिए सोमवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल , जिला पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह , एसडीएम अनुराग तिवारी से मुलाकात करके जमीनी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में वह मंगलवार को रीवा जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक केपी वेंकटेश्वर राव एवं संभागीय आयुक्त अनिल सुचारी से भी मुलाकात करेंगी। फर्जी एग्रीमेंट की भनक मिलने उनके द्वारा वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों एवं पंजीयन विभाग में 15 मार्च को आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इधर 15 जून को फर्जी एग्रीमेंट की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से हाथ लगने के बाद उनके द्वारा इसे आधार बनाकर स्थानीय चोरहटा थाने में 16 जून को लिखित शिकायत दर्ज कराई।
श्रीमती पटेल ने कहा कि पकड़े जाने के डर से भू माफिया के द्वारा फर्जी एग्रीमेंट के कागजात भी नष्ट किए जा सकते हैं। पुलिस प्रशासन को इस बात का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए कि स्टांप पेपर कहां से खरीदे गए , किस नोटरी के द्वारा उसे सत्यापित किया गया। डॉ गायत्री खरे के स्थान पर उन्हीं के नाम वाली किस महिला को फर्जी तरीके से खड़ा करके एग्रीमेंट तैयार किया गया ,यह काफी गंभीर मामला है। किस व्यक्ति को गलत लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी एग्रीमेंट किया गया। इसके आगे और भी क्या फर्जीवाड़ा हुआ और किन-किन लोगों ने गवाही के रूप में या दूसरे तरीके से इस गैर कानूनी काम में मदद की , ऐसे सारे लोगों को गिरफ्त में लिए जाने की सख्त जरूरत है।श्रीमती पटेल ने कहा कि भू माफिया के खिलाफ बोलना और लिखित शिकायत दर्ज कराना निश्चित रूप से बहुत साहसिक कृत्य है जिसके लिए डॉ गायत्री खरे को विशेष साधुवाद है। आमतौर पर भू माफिया का खौफ इतना अधिक है कि इनके खिलाफ कोई बोलता ही नहीं है। ऐसी स्थिति में शासन प्रशासन का फर्ज बनता है कि डॉ गायत्री खरे के परिवार की सुरक्षा के संबंध में संज्ञान लेते हुए उनकी सुरक्षा गारंटी लें।
