नोटबंदी महाघोटाला के चलते अर्थव्यवस्था चौपट हुई : अजय खरे
रीवा । समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि नोटबंदी महा घोटाला थी जिसके चलते देश की अर्थव्यवस्था चौपट हुई है । 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के समय मूल्य के हिसाब से 500 और 1,000 रुपये के 15.41 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे । रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस आ चुके हैं । इसका मतलब है कि बंद नोटों में सिर्फ 10,720 करोड़ रुपये ही बैंकों के पास वापस नहीं आ पाए थे । समाजवादी जन परिषद के नेता श्री खरे ने कहा कि नोटबंदी के नाम पर बड़ी साजिश के चलते देश में लाखों करोड़ों रुपए के नकली नोट भी खफा दिए गए । इसी वजह से नोट बदलने की तारीख बढ़ाने के बजाय कम कर दी गई ,जबकि इसके चलते लाखों आम आदमी बंद नोट बदलवाने से वंचित हो गए । श्री खरे ने सवाल किया है कि रिजर्व बैंक के द्वारा चलन से बाहर किए गए ₹500 और ₹1000 के नोटों को नष्ट करने की कार्यवाही आनन-फानन क्यों की गई ? आखिरकार इतनी जल्दी क्यों थी ? मोदी सरकार के द्वारा किसी व्यक्ति या संस्था के द्वारा चलन से बाहर किए गए नोटों को रखना अपराध बना दिया गया । श्री खरे ने कहा कि यदि बैंकों में जमा ₹500 और ₹1000 के नोटों को नष्ट करने की कार्यवाही नहीं होती तो बहुत जल्दी बैंकों में नकली नोटों के जमा करने की बात का भंडाफोड़ हो जाता । श्री खरे ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़े पैमाने पर बंद किए गए ₹500 और ₹1000 के असली नोट जमा हो रहे थे।यदि इन नोटों की आमद नहीं रोकी जाती तो निश्चित रूप से नकली नोटों की वजह से चलन से अधिक नोट बैंकों में जमा होते । श्री खरे ने कहा कि नोटबंदी के तत्काल बाद एक बड़ी साजिश के चलते बड़े पैमाने पर नकली नोट जमा किए गए थे । निकट भविष्य में कोई बखेड़ा न खड़ा हो इसके लिए बैंकों में जमा चलन से बाहर किए गए ₹500 और ₹1000 के नोटों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया । न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी वाली कहावत को चरितार्थ किया गया । श्री खरे ने कहा कि लोगों के पास से बंद किए गए ₹1000 एवं ₹500 के पुराने नोट यदि भविष्य में कभी एकत्रित किए गए तो बड़े पैमाने पर नकली नोटों को जमा कराने के मामले का भंडाफोड़ हो सकता है । श्री खरे ने कहा इसी के चलते मोदी सरकार ने सबूतों को मिटाने न केवल सभी जमा किए गए असली नकली पुराने नोट नष्ट कर दिए बल्कि इन पुराने नोटों को रखना कानूनन अपराध भी बना दिया ।
नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा नकली नोटों का भंडाफोड़ रोकने 500 और 1000 के सभी नोट नष्ट किए गए

