अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से कांग्रेस विधायक ने जुटाए थे दो हजार करोड़ रुपये, ईडी जब्त किए पांच लग्जरी वाहन
ED की बेंगलुरु जोनल टीम ने 2 सितंबर को बेंगलुरु और चाल्लकेरे में कई ठिकानों पर छापेमारी की. छापों के दौरान एजेंसी ने 5 लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं, जिनमें VIP नंबर वाली मर्सिडीज बेंज भी शामिल है. इसके अलावा लगभग 55 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं. इसमें 40.69 करोड़ रुपये वीरेंद्र के 9 बैंक खातों और एक डिमैट अकाउंट से, जबकि करीब 14.46 करोड़ रुपये 262 ‘म्यूल अकाउंट्स‘ से मिले हैं. ये खाते ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों से जुड़ी रकम को घुमाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे.

ईडी की जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र कई ऑनलाइन बेटिंग साइट्स जैसे King567, Raja567 और Lion567 चला रहे थे. इन वेबसाइट्स के जरिए महज कुछ ही समय में 2000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम इकट्ठी की गई.
दुबई से चल रही थीं तीन कंपनियां
ईडी के मुताबिक, वीरेंद्र का भाई के.सी. तिप्पेस्वामी दुबई से 3 कंपनियां चला रहा है, जिनका सीधा संबंध इन बेटिंग और कॉल सेंटर कारोबार से है. इसके अलावा दुबई में और भी कई शेल कंपनियां बनाई गई हैं, जिनका इस्तेमाल पैसों की हेराफेरी और हवाला लेन-देन में किया जा रहा है.
इससे पहले भी ईडी ने वीरेंद्र के ठिकानों से 12 करोड़ रुपये नकद, 6 करोड़ रुपये के सोने-गहने, 10 किलो चांदी और 4 गाड़ियां जब्त की थीं.
सट्टेबाजी वेबसाइट ऑपरेटर्स कर रहे थे कंट्रोल
जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे रैकेट में “म्यूल अकाउंट्स” अहम भूमिका निभा रहे हैं. ये खाते अलग-अलग लोगों के नाम पर खुलवाए गए थे, लेकिन असल में सट्टेबाजी वेबसाइट ऑपरेटर्स इन्हें कंट्रोल कर रहे थे. खिलाड़ियों से जमा हुई रकम इन खातों में घुमाई जाती और फिर हवाला के जरिए बाहर भेज दी जाती थी. फिलहाल ईडी की पूछताछ और जांच जारी है.
यह भी दावा किया गया है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से जनता को धोखा देने से जुड़े मामले में मुख्य आरोपित वीरेंद्र और दुबई में उसके सहयोगी धन जुटाने और अपनी अवैध गतिविधियों को वास्तविक ई-कॉमर्स व्यवसायों के रूप में छिपाने के लिए विभिन्न गेटवे और फिनटेक सेवा प्रदाताओं का उपयोग करके कई गेमिंग वेबसाइट संचालित कर रहे थे।
चित्रदुर्ग के 50 वर्षीय विधायक को सिक्किम से गिरफ्तार किया था
ईडी ने 23 अगस्त 2025 को चित्रदुर्ग के 50 वर्षीय विधायक को सिक्किम से गिरफ्तार किया था, जहां वह एक कसीनो को पट्टे पर लेने के लिए व्यावसायिक यात्रा पर गए थे। वह फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं। एजेंसी ने मामले में वीरेंद्र, उनके सहयोगियों, परिवार के सदस्यों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ छापेमारी के बाद उन्हें हिरासत में लिया था।