महाराष्ट्र के निकाय चुनाव परिणामों के बाद मेयर पद को लेकर महायुति में रस्साकशी तेज है. एक तरफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती का हवाला देकर मुंबई में शिवसेना का मेयर बनाने के संकेत दिए हैं, तो दूसरी तरफ MIM नेता इम्तियाज जलील ने दावा किया है कि शिंदे की शिवसेना ने मालेगाव में मेयर पद के लिए उनसे संपर्क किया था.
बीएमसी में मेयर पद के लिए एकनाथ शिंदे ने एक तरह से दावेदारी पेश कर दी है. शिंदे ने जोर देकर कहा कि 23 जनवरी से बालासाहेब ठाकरे का जन्मशती वर्ष शुरू हो रहा है. इस भावनात्मक मौके पर शिवसैनिक चाहेंगे कि बीएमसी (BMC) का नेतृत्व शिवसेना के हाथ में होना चाहिए. हालांकि, एक अन्य मौके पर जब उनसे पूछा गया कि क्या बीएमसी में मेयर शिवसेना का होगा? तो उन्होंने कहा, महागठबंधन से ही एक महापौर होगा. उन्होंने भाजपा से किसी महापौर के बारे में कुछ भी कहने से परहेज किया. इससे संकेत मिलता है कि शिवसेना महापौर पद पर अड़ी हुई है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिंदे ने मुंबई में पहले ढाई साल के लिए शिवसेना का मेयर बनाने की मांग रखी है. हालांकि, जब उनसे इस ‘ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले’ पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय यह कहकर टाल दिया कि “आप ही सवाल पूछते हैं और आप ही जवाब देते हैं”.
बीजेपी का पलटवार: ठाणे और कल्याण पर नजर
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एकनाथ शिंदे ने मुंबई में मेयर पद के लिए किसकी जन्मशती का हवाला दिया?
- Aबालासाहेब ठाकरे
- Bराज ठाकरे
- Cशरद पवार
- Dउद्धव ठाकरे
शिंदे की इस मांग के बाद महायुति में आंतरिक संघर्ष की खबरें हैं. बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे द्वारा मुंबई में मेयर पद की मांग करने के बाद, बीजेपी ने अब ठाणे और कल्याण-डोंबिवली नगर निगमों में अपना मेयर बनाने की मांग कर दी है. हालांकि, शिंदे ने स्पष्ट किया है कि बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन में चुनाव लड़ा है, इसलिए मेयर पद का फैसला आपसी सहमति से होगा. उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां महायुति साथ लड़ी है, वहां महायुति का ही मेयर बनेगा.
मालेगाव में ‘शिंदे गुट ने दिया था MIM को ऑफर’
एक तरफ महायुति में एकता की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने एक बड़ा खुलासा करके खलबली मचा दी है. जलील ने दावा किया है कि मालेगाव महानगरपालिका में मेयर बनाने के लिए एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ओर से उनके स्थानीय नेताओं को प्रस्ताव मिला था.
जलील के अनुसार, मालेगाव में MIM के 21 नगरसेवक जीते हैं. शिंदे गुट ने प्रस्ताव दिया था कि क्या हम साथ आ सकते हैं? लेकिन MIM के स्थानीय विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर इसे ठुकरा दिया और स्पष्ट किया कि वे न तो बीजेपी के साथ जाएंगे और न ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ.
संभाजीनगर में तलवार लहराने पर विवाद
इम्तियाज जलील ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. छत्रपती संभाजीनगर में जीत के जश्न के दौरान शिंदे गुट के नगरसेवक अभिजीत जीवनवाल द्वारा तलवार लहराने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन उसी प्रभाग में पालक मंत्री संजय शिरसाट की बेटी और पीए द्वारा तलवार लहराने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. जलील ने सवाल उठाया कि क्या अमीरों और गरीबों के लिए कानून अलग-अलग है.

