चित्तौड़गढ़
उदयपुर-अजमेर खंड के बाद अब रतलाम-चित्तौड़गढ़ खंड में भी इलेक्ट्रिक इंजन से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। रतलाम मंडल ने इस ट्रैक पर पहली बार गुरुवार रात इंदौर-उदयपुर ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित किया। जो रात 9.30 बजे इंदौर से निकली। डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन से अब सफर में 30 से 45 मिनट की बचत होगी।
रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही दो और ट्रेनों का भी इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन शुरू हो जाएगा। रतलाम-चित्तौड़गढ़ 189 किमी ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन गत वर्ष मार्च में पूरा हो गया था। कोरोना संक्रमण के चलते सीआरएस निरीक्षण अटकने से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन अटका रहा। जनवरी में सीआरएस ने निरीक्षण कर जो 11 कमियां बताई, उसे संबंधित कंपनी ने 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट रेलवे बोर्ड व सीआरएस कार्यालय को भेज दी थी।
ओके रिपोर्ट मिलने के बाद रतलाम मंडल ने इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन योग्य ट्रेनों की सूची रेलवे बोर्ड को भेजी थी। जहां से मंजूरी मिलते ही सबसे पहले गुरुवार रात इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस को इलेक्ट्रिक इंजन से रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही जल्द जयपुर-भोपाल व जयपुर-हैदराबाद को भी इलेक्ट्रिक इंजन चलाया जाएगा।
रतलाम में सिर्फ इंजन बदलने में लगते हैं 30 मिनट, अब नहीं लगेंगे
इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस इंदौर से रतलाम तक इलेक्ट्रिक इंजन से ही पहुंचती थी। जहां प्लेटफार्म नंबर दो पर डीजल इंजन लगाकर उदयपुर के लिए रवाना होती थी। गुरुवार रात यह चेंज नहीं करना पड़ा। वर्तमान में स्पेशल नंबर से चल रही अन्य ट्रेनें भी जल्द इलेक्ट्रिक इंजन से चलेगी। ऐसे में रतलाम से चित्ताैड़गढ़ होकर उदयपुर, जयपुर जाने वाली ट्रेनों का इंजन नहीं बदलना पड़ेगा।
इंजन बदलने में लगने वाले 30 मिनट के समय की बचत होगी। इससे यात्री पहले के मुकाबले जल्दी सफर पूरा करेंगे। उदयपुर-जयपुर ट्रैक पर पहले ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। डीजल की जगह इलेक्ट्रिक इंजन के कारण रेलवे के ईंधन खर्च में भी कमी आएगी।
2006 में अमान परिवर्तन हुआ था, 15 साल बाद अब इलेक्ट्रिफाई भी
रतलाम-चित्तौड़गढ़ खंड पर 2004 के पहले तक मीटरगेज ट्रैक था। वर्ष 2006 में ब्रॉडगेज होने के बाद डीजल इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। अब 15 साल बाद इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया।
पहले नीमच तक चली थी हल्दीघाटी पैसेंजर
रतलाम-चित्तौड़गढ़ इलेक्ट्रिफिकेशन के पहले तीन चरण में रतलाम-जावरा, जावरा-मंदसौर तथा मंदसौर-नीमच के बीच काम पूरा हुआ। रतलाम मंडल ने रतलाम-नीमच के बीच सबसे पहले यमुनाब्रिज हल्दीघाटी पैसेंजर ट्रेन का बिजली इंजन से संचालन किया था। फिर यह नीमच से इंजन बदलकर यमुनाब्रिज तक जाती थी। कोरोनाकाल में ट्रेनें ही बंद हो गई थी। अब सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों का स्पेशल नंबर से संचालन किया जा रहा है।
रतलाम-चित्तौड़गढ़ ट्रैक पर गुरुवार रात इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस ट्रेन का इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन शुरू कर दिया है। इससे समय की बचत होगी। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने पर जल्द ही दो और ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जाएगी।
-विनीत गुप्ता, डीआरएम रतलाम मंडल

