गुजरात की रिद्धि शर्मा ने अपनी मेहनत और जुनून से सफल कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया है। नौकरी छोड़कर उन्होंने अपना पूरा फोकस खुद का काम जमाने पर किया। आज उनकी दो कंपनियों से करोड़ों की कमाई है। इन दोनों में ही कई लोग काम करते हैं।
रिद्धि शर्मा गुजरात के जामनगर शहर से हैं। उन्होंने गजब की सफलता हासिल की है। वह आईटी इंजीनियर से उद्यमी बनी हैं। उन्होंने पहले अपने पति के साथ मिलकर एक आईटी कंपनी ‘वेबपिक्सल टेक्नोलॉजीज’ शुरू की। फिर अपने बेटे के जन्म के बाद आयुर्वेदिक ब्रांड ‘बेबीऑर्गेनो’ की शुरुआत की। शिशुओं के लिए सुरक्षित उत्पादों की कमी को देखते हुए उन्होंने 2020 में इस ब्रांड की नींव रखी थी। रिद्धि शर्मा ने सिर्फ 50,000 रुपये की शुरुआती पूंजी से अब करोड़ों का साम्राज्य बना दिया है। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि जुनून और कड़ी मेहनत से कुछ भी संभव है। आइए, यहां रिद्धि शर्मा की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
2011 में शुरू की पहली कंपनी
जागनगर की रिद्धि शर्मा कॉलेज के दिनों में पढ़ाई से ज्यादा खेल में दिलचस्पी रखती थीं। उन्होंने जी एच पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, विद्यानगर से बीई आईटी की डिग्री हासिल की है। रिद्धि राज्य स्तर पर वॉलीबॉल, बैडमिंटन और टेबल टेनिस की खिलाड़ी थीं। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने एक आईटी फर्म में कोडर के तौर पर अपना करियर शुरू किया। लेकिन, मार्केटिंग में दिलचस्पी होने के कारण चार महीने बाद ही उनका रोल बदल गया। रिद्धि टीम लीडर के तौर पर काम कर रही थीं। तभी उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर खुद का काम करने का फैसला किया। उन्होंने अपने पति रिपुल शर्मा के साथ मिलकर अपने सपनों को हकीकत में बदला। 2011 में सिर्फ 50,000 रुपये की बचत से उन्होंने अपनी पहली कंपनी ‘वेबपिक्सल टेक्नोलॉजीज’ शुरू की। शुरुआत में दोनों अपनी नौकरी के साथ इस व्यवसाय को भी संभाल रहे थे। वे रात-रात भर जागकर काम करते थे। उन्हें मुश्किल से 3-4 घंटे की नींद मिलती थी।
बेटे के जन्म के साथ आया बड़ा टर्न
रिद्धि शर्मा के जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनका बेटा पैदा हुआ। एक मां के रूप में उन्हें शिशुओं के लिए सुरक्षित और आयुर्वेदिक उत्पादों की कमी महसूस हुई। उनकी दादी ने उनके बेटे के लिए घर पर ही आयुर्वेदिक उबटन और तेल बनाए। इनसे उनके बच्चे को काफी फायदा हुआ। दादी के घर लौटने के बाद रिद्धि को महसूस हुआ कि बाजार में ऐसे विश्वसनीय उत्पादों की कमी है। इसी कमी को उन्होंने एक अवसर के रूप में देखा और मार्च 2020 में उन्होंने अपने घर से ही ‘बेबीऑर्गानो’ नाम से एक आयुर्वेदिक हेल्थ और वेलनेस ब्रांड शुरू किया। इसमें उन्होंने 2 लाख रुपये का शुरुआती निवेश किया।
अब करोड़ों का कारोबार
‘बेबीऑर्गेनो’ की शुरुआत ‘हींग रोल-ऑन’ जैसे उत्पादों से हुई। पहले 6 महीनों में रिद्धि को सिर्फ 10,000 रुपये महीने का रेवेन्यू मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जल्द ही उनके उत्पादों की क्वालिटी को लोगों ने पसंद किया और उनकी बिक्री बढ़ने लगी। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रेवेन्यू 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अब यह बढ़कर 7 करोड़ रुपये तक हो गया है। आज उनकी 90% बिक्री उनकी अपनी वेबसाइट से होती है, जबकि बाकी 10% अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आती है।
सफलता की यह है कुंजी
आज रिद्धि अपने पति के साथ दो सफल कारोबार वेबपिक्सल टेक्नोलॉजीज और बेबीऑर्गेनो चला रही हैं। दोनों से उनकी जबरदस्त कमाई होती है। इन कंपनियों में दर्जनों लोग काम करते हैं। रिद्धि शर्मा की कहानी हमें सिखाती है कि अगर हममें कुछ करने का जुनून है तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी साबित किया कि छोटे शहर से होने या खेलों में रुचि रखने से भी आप एक सफल उद्यमी बन सकते हैं। उनकी सफलता का सीक्रेट उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच है।

