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10 लाख खर्च कर इंदौर की प्रत्येक  आंगनवाडिय़ा बनेंगी स्मार्ट

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इंदौर। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास कर रही आंगनवाडिय़ों को अब हाईटेक बनाया जाएगा। शहर की एक निजी कंपनी ने दस आंगनवाडिय़ों को गोद लेकर एक करोड़ के फंड से न केवल इन्हें हाईटेक बनाने की मंजूरी दी है, बल्कि इनकी सुंदरता व रखरखाव पर भी ध्यान देगी।

आंगनवाडिय़ों को अब निजी कंपनियां गोद लेकर न केवल हाईटेक बनाएगी, बल्कि शहर के पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को पोषण और शिक्षा भी उपलब्ध कराएगी। महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों के अनुसार युनाइटेड वे नामक कंपनी स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, आजीविका, विकलांगता जैसे मुद्दों को लेकर सीएसआर फंड के माध्यम से कार्य कर रही है। अब ये कंपनी आंगनवाडिय़ों को गोद लेकर उन्हें विकसित बनाएगी। संस्था ने दस आंगनवाडिय़ों को गोद लिया और यहां सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। ज्ञात हो कि सरकार ने निजी कंपनियों के माध्यम से आंगनवाडिय़ों को गोद लेने की पहल की है, जिसके बाद कंपनियां आगे आने लगी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी हाथठेला चलाकर आंगनवाडिय़ों के लिए सामग्री, खिलौने व लगभग आठ करोड़ की धनराशि जमा की थी, जिनसे कई आंगनवाडिय़ों में सुविधाएं जुटाई गई हैं।

शहरी 1 और 3 के साथ गांव की परियोजना शामिल

महिला एवं बाल विकास अधिकारी रामनिवास भदोरिया के अनुसार शहरी क्षेत्र की एक व तीन नंबर परियोजना में स्थित आंगनवाड़ी ग्रामीण एक परियोजना की आंगनवाडिय़ों को चिन्हीत किया गया है। हालांकि दस केन्द्रों की सूची अभी तैयार की जा रही है। जिन आंगनवाडिय़ों के पास सरकारी भवन उपलब्ध है उन्हें इस सूची में शामिल किया जाएगा। भौतिक संसाधनों के साथ छत आंतरिक दिवारें बाहरी दिवारों पर रंगरोगन करने के साथ आकर्षक चित्रकारी भी की जाएगी। बच्चों के लिए खेल सामग्री भंडारन के लिए अलमारी, बिजली फिटींग, पंखे, बोरवेल या नल कनेकश्न, खेल-खेल में सिखने वाले उपकरण, भोजन के लिए बरतन, बच्चों के लिए बैठक व्यवस्था की जाएगी।

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