*हरदा में आदिवासियों की भूमि पर अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए डॉ सुनीलम ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
पाथ कंपनी ने हाईकोर्ट से प्रतिबंधित सिंचाई विभाग की जमीन पर लगाया प्लांट*
हरदा जिले में पाथ कंपनी एवं ठेकेदारों द्वारा आदिवासियों की भूमि से किए जा रहे अवैध उत्खनन पर रोक लगाने और नवीन खनन अनुज्ञा निरस्त कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग करते हुए किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने हरदा जिलाधीश को पत्र लिखा है।
हरदा जिलाधीश को भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत भादूगांव के ग्राम अंधेरीखेड़ा के कृषकों ने पत्र भेजकर बताया कि पाथ कंपनी और कुछ ठेकेदारों के द्वारा ग्राम पंचायत की बिना अनुमति के आदिवासी कृषकों की भूमि जिस पर गेहूं, चना की फसल बोई गई है, का अवैध तरीके से उत्खनन कर 60-70 फीट खाई करके मिट्टी और गंजाल नदी से बजरी का परिवहन तवा कमांड क्षेत्र की नहर के रास्ते एवं पुलों से किया जा रहा है। जिससे कृषि भूमि में गहरे गड्ढे बन चुके हैं। कृषि भूमियों का क्रय विक्रय भी किया गया है। भादूगांव – टेमागांव की प्रधानमंत्री सड़क योजनान्तर्गत बनी सड़क पर क्षमता से अधिक वजनी वाहनों के चलने से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं पाथ कंपनी ने तवा कमांड एरिया (गंजाल पूल) के हाईकोर्ट से प्रतिबंधित सिंचाई विभाग की जमीन पर प्लांट लगा रखा है। भादूगांव पुलिया के ऊपर से ज्यादा वजनदार वाहन निकलते हैं जिससे पुलिया ढहने की कगार पर है।
उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन पर रोक लगाने हेतु ग्रामीणों, आदिवासी किसानों के अलावा जनपद सदस्य, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष, भादू गांव के उप सरपंच द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, माननीय खनिज संसाधन मंत्री, हरदा जिलाधीश, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी, सिंचाई विभाग, तहसीलदार, रहटगांव एवं हल्का पटवारी को पत्र भेजा गया था लेकिन अभी तक अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई हैं।
डॉ सुनीलम ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अवैध उत्खनन करने वालों से भारी जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करने का दावा करते हैं लेकिन तमाम अधिकारियों को साक्ष्य के साथ लिखित शिकायत करने पर भी अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में सरकार नाकाम दिखाई पड़ रही है।
भागवत परिहार
कार्यालय प्रभारी, किसान संघर्ष समिति, मुलतापी
9752922320

