किसी भी देश में जब कोई मुसीबत आती है, तो यहां रहने वाले ऊंचे वर्ग के लोग कभी अपनी जान बचाने, तो कभी अपनी दौलत बचाने के लिए भागते हैं. कुछ ऐसा ही हो रहा है दुबई में भी, जहां हालात बिगड़ते ही रईसों ने अपने पैसे टैक्स हैवेन में भेजने शुरू कर दिए हैं और खुद भी किसी तरह निकल रहे हैं.
ऊंची-ऊंची इमारतें, दुनियाभर की सुविधाएं, साफ-सफाई और ग्लोबल कनेक्टिविटी… यही तो दुबई की वो खासियत थी, जिसकी वजह से ये लोगों की पसंदीदा जगह बनी हुई थी. दुनिया के ज्यादातर रईस लोग दुबई में अपनी प्रॉपर्टी जरूर रखते हैं या फिर यूं कहें कि ये अमीरों का स्वर्ग है, तो गलत नहीं होगा. हालांकि इस वक्त इस जगह की स्थिति बदली हुई है. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध के बीच दुबई से अमीर लोगों का पलायन शुरू हो गया है. पहले टैक्स-फ्री लाइफस्टाइल के कारण दुबई दुनिया के रईसों की पसंद था, लेकिन अब ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल संघर्ष ने इसकी सेफ हेवन वाली छवि को झटका दिया है.
हालात तब और बिगड़े जब हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच शहर में सुरक्षा खतरे बढ़े. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई अमीर लोग अब अपना पैसा स्विट्जरलैंड भेज रहे हैं और खुद भी वहां शिफ्ट होने की तैयारी में हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि स्विट्जरलैंड उन्हें सबसे बड़ी सुविधा सुरक्षा, राजनीतिक स्थिरता और मजबूत बैंकिंग सिस्टम के रूप में देता है. वहां का बैंकिंग सेक्टर गोपनीयता, सुरक्षित निवेश और कानून के सख्त पालन के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े निवेशकों का भरोसा बना रहता है.
UAE में करोड़पतियों की ऐश
संयुक्त अरब अमीरात ने 2025 में करीब 9800 करोड़पतियों को आकर्षित किया, जिससे लगभग 63 अरब डॉलर की संपत्ति आई. हेनले एंड पार्टनर्स के मुताबिक इस वजह से यूएई अमीर लोगों के लिए दुनिया का नंबर एक ठिकाना बन गया, जिसने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया. युद्ध ने इस चमक के पीछे की कमजोरी उजागर कर दी. चार्टर कंपनियों के मुताबिक, लोग तेजी से बाहर निकलना चाह रहे हैं. दुबई में सुरक्षा का भरोसा हिलता है, तो इसका असर तेजी से पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
रईसों ने भर-भरकर पैसे भेजे टैक्स हैवेन में
- पैसे के ट्रांसफर की बात करें तो शुरुआत में नकद और बैंक डिपॉजिट स्विट्जरलैंड भेजे जा रहे हैं. इसके बाद धीरे-धीरे शेयर, बॉन्ड और अन्य निवेश भी ट्रांसफर किए जाते हैं. पिछले कुछ सालों में यूएई से स्विट्जरलैंड में जमा संपत्ति में करीब 40% की बढ़ोतरी देखी गई है.
- इसी बीच कई अमीर लोग प्राइवेट जेट के जरिए यूरोप जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ फ्लाइट्स का किराया 3.5 लाख डॉलर तक पहुंच गया है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पलायन कितनी तेजी से हो रहा है.
- विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव अभी पूरी तरह आंकड़ों में नहीं दिखा है, लेकिन ट्रेंड साफ है कि जैसे-जैसे तनाव बढ़ेगा, वैसे-वैसे दुबई से पूंजी और अमीर लोगों का रुख स्विट्जरलैंड की ओर बढ़ता जाएगा.

