*बिचोली मरदाना के किसान की 30 बीघा जमीन में सोयाबीन की हुई फसल बर्बाद *
इंदौर। इंदौर जिले में कृषि विभाग की लापरवाही के चलते नकली और फसल को बर्बाद करने वाली दवाइयां ऊंचे दामों पर किसानों को बेची जा रही है। किसान दवा विक्रेताओं के विश्वास में दवाई ले जाता है और जब खेत में डालता है तो उसकी पूरी फसल बर्बाद हो जाती है ऐसा ही एक मामला सावेर तहसील के ग्राम बलोदा टाकून का सामने आया है ।

इंदौर जिले के ग्राम बिचोली मरदाना के रहने वाले जितेंद्र सिंह परमार ने जिसकी बालोदा टाकुर में 38 बीघा जमीन है, उस जमीन में उसने सोयाबीन की फसल बोई थी और इंदौर के बालाजी पेस्टिसाइड्स से कृषि दवाइयां खरीद कर जब उसने यह कृषि दवाइयां अपने खेत में छिड़की तो पूरी फसल बर्बाद हो गई । जितेंद्र सिंह का कहना है कि जिस तरह से मेरी फसल बर्बाद हुई है ऐसी अन्य किसानों की भी हुई है और कृषि विभाग को मैंने शिकायत भी की है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है ।
संयुक्त किसान मोर्चे के रामस्वरूप मंत्री, चंदन सिंह बड़वाया, बबलू जादव ,शैलेंद्र पटेल आदि नेताओं ने कहा है कि पूरे इंदौर संभाग में नकली कृषि दवाइयां की भरमार है । कई बार कृषि विभाग को शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है । इससे लगता है कि कृषि विभाग और पेस्टिसाइड की कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों के बीच सांठगांठ है ।अआपने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि नकली कृषि दवाइयां का कारोबार सख्ती से रोका जाए, जिन दवाइयां ने फसले बर्बाद की है उनके विक्रय पर पाबंदी लगाई जाए तथा जिन किसानों की फसले बर्बाद हुई है उसका पटवारी से निरीक्षण कर के धारा 64 के तहत किस को मुआवजा दिया जाए ।