Site icon अग्नि आलोक

*किसान हितों की अनदेखी के खिलाफ किसानों का आक्रोश*

Share

भावांतर भुगतान, उचित मूल्य व अहिल्यापथ की टीएनसी बहाली की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं को किसान हितैषी बताने के दावों पर सवाल उठाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पर सशक्त प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सरकार की घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित हैं, धरातल पर किसानों को न तो समय पर भावांतर राशि मिल रही है और न ही उनकी उपज का उचित मूल्य।

संयुक्त किसान मोर्चा, किसान संघर्ष समिति एवं भारतीय किसान मजदूर सेना के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल सहित अन्य किसान नेताओं ने किया।

ज्ञापन में बताया गया कि जिले की मंडियों में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर यह घोषणा की गई थी कि सोयाबीन फसल विक्रय के 15 दिनों के भीतर भावांतर राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी, लेकिन 18 नवंबर से अब तक एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसानों को भुगतान नहीं हुआ है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

किसानों ने घोड़ारोज व जंगली सुअरों से हो रहे भारी फसल नुकसान, स्मार्ट मीटर के नाम पर बढ़े बिजली बिल, बिना सहमति मीटर परिवर्तन, रात्रिकालीन सिंचाई से हो रही परेशानियों, लक्ष्मी नगर अनाज मंडी के 186 किसानों के वर्षों से लंबित भुगतान, अहिल्यापथ से प्रभावित किसानों की जमीनों की टीएनसी पर लगी रोक, निरंजनपुर सब्जी मंडी को उप-मंडी घोषित करने, खाद की अनावश्यक टैगिंग तथा प्याज के लगातार गिरते दामों पर भी सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर भावांतर राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठन इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे।

प्रदर्शन में अर्जुन सांखला, प्रवीण ठाकुर (जिला अध्यक्ष), शुभम सांखला, रामप्रसाद पटेल, आशीष पटेल, विनोद सिसोदिया, शुभम मोय, सोहन सिसोदिया, पवन पटेल, दिलीप सिसोदिया, संदीप जाधव, पप्पू यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Exit mobile version