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*आईपीसी बैंक की लापरवाही से बीमा दावे की बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे किसान*

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इंदौर। आईपीसी बैंक के अधिकारियों की लापरवाही के चलते 2017 से 628 किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा का क्लेम प्राप्त करने के लिए भटक रहे हैं। आज नहीं किसने की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और पीड़ित किसान कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे तथा वहां पर अपनी शिकायत दर्ज कराकर किसानों का बकाया 2 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान  कराने की मांग की।  

जनसुनवाई में पहुंचने वाले किसानों का नेतृत्व रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव ,शैलेंद्र पटेल, राधेश्याम मंडलोई, चंदनसिंह बड़वाया, आदि ने किया ।जनसुनवाई में अपर कलेक्टर को शिकायत दर्ज करवाते हुए किसान नेताओं ने कहा कि इन 628 किसानों में से 407 किसान सदस्यों के बीमा कंपनी के पोर्टल पर बैंक की गलती के कारण एंट्री नहीं हो पाई ,जबकि 221 किसानों की पोर्टल पर एंट्री तो हुई लेकिन त्रुटिवश उनका पटवारी हल्का गलत डाल दिया गया । जिसके कारण उन्हें क्लेम का भुगतान नहीं हुआ।

 जब हैरान परेशान किसानों ने तत्कालीन कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव से शिकायत की तो कलेक्टर ने न केवल आईपीसी बैंक के अधिकारियों को बल्कि प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को और भारत सरकार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से आदेशित किया  कि किसानों  के असंतोष को दूर करने के लिए उनके बीमा दावे का तत्काल भुगतान कराया जाए और यदि किसानों के बीमा भुगतान के लिए वित्तीय संस्था या बैंक द्वारा गलती की गई है तो उसके लिए वह वित्तीय संस्था ही जिम्मेदार होगी और किसानों के नुकसानों की भरपाई बैंक को करना होगी । 

आज दिनांक तक कलेक्टर के आदेश के बावजूद आईपीसी बैंक और कृषि कल्याण विभाग ने इंदौर जिले के 628 किसानों को न्याय और हक दिलाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की है । बल्कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले अधिकारी को पुरस्कृत करते हूए बैंक का एमडी बना दिया गया।

अतः संयुक्त किसान मोर्चा  चाहता है कि पिछले 7 सालों से भटक रहे किसानों को न्याय मिले और उनके हक का बीमा दावे का पैसा उनको शीघ्रता शीघ्र प्राप्त हो । 

अपर कलेक्टर ने किसान मोर्चा नेताओं की बात को ध्यान से सुना तथा जल्द ही आईपीसी बैंक के अधिकारियों के साथ तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले में त्वरित निर्णय करते हुए किसानों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

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