इंदौर
बारिश नहीं होने से सोयाबीन, मक्का, कपास को नुकसान हो रहा है। मौसम की बेरुखी की वजह से मालवा में सबसे ज्यादा नुकसान सोयाबीन को हुआ है। यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो फसलों के साथ-साथ दूसरी समस्याएं आ सकती हैं। इंदौर के अलावा धार, खरगोन, बड़वानी जिले में इंद्रदेव को मनाने के लिए बाग रसोई के साथ-साथ टोने-टोटके भी किए जा रहे हैं।
किसान मनोज धन्नाजी वाला का कहना है कि लंबे समय से वर्षा नहीं होने से फसलों को 60% तक नुकसान हो चुका है। अगर जल्द बारिश नहीं होती है तो फसलें पूरी तरह से चौपट हो जाएंगी। क्षेत्र के किसानों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि वर्षा की कमी से फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन किया जाए। किसान नेता जगदीश रावलिया ने कहा कि फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसका आकलन तहसीलदार, पटवारी द्वारा करवाकर फसल बीमा निर्धारित किया जाए।
प्रशासन में कोई हलचल न होने से भी बढ़ रही नाराजगी
बारिश की खींच ने कारण सोयाबीन की फसल खेतों में ही सड़ने लगी है। एक माह होने को आया है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। किसानों की चिंता यह है कि उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी। इंदौर तहसील के ग्राम पिडवाय, कंपेल, खंडेल, शिवानी, खराडिया, बावलियाखुर्द, खुड़ैल सहित अनेक गांवों में सोयाबीन की फसल बारिश के अभाव में पीली पड़कर सड़ने लगी है। किसानों की परेशानी यह है कि अलग से सिंचाई की व्यवस्था उनके पास नहीं है। ज्यादातर किसान बारिश के भरोसे खेती करते हैं।
ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर रहे फसल
क्षेत्र में हालात ऐसे हो गए हैं कि किसान खेतों में ट्रैक्टर चलाकर फसल नष्ट कर रहे हैं। ग्राम पिड़वाय के किसान प्रभुलाल चौधरी ने बताया फसल में बीज ही नहीं आ पाए। खेतों में 100 फीसदी फसल सड़ गई है। बुवाई, जुताई, खाद, बीज और दवाई पर किया खर्च डूबता दिख रहा है। किसान जीवन चौधरी, संतोष पटेल ने बताया कि मुआयना कर मुआवजे की घोषणा करें।
सब मिलकर करें प्रार्थना : सीएम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल में कहा कि सब मिलकर प्रार्थना करें कि भगवान बारिश कर दें। मैं रातभर परेशान रहा, क्योंकि पूरा अगस्त सूखा रहा है। फसलों को बचाने के लिए पानी देना होगा। 50 सालों में ऐसा संकट नहीं आया। मैं भी प्रार्थना करूंगा कि एक बार बारिश हो जाए।

