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हांगकांग में चिंगारी से भड़की आग ने छीन लीं 94 जिंदगियां… 380 करोड़ की परियोजना खाक

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हांगकांग के ताई पो एस्टेट में मरम्मत कार्य के दौरान लगे बेहद ज्वलनशील स्टायरोफोम और गैर-मानक सामग्री की वजह से लगी भीषण आग में 94 लोगों की मौत हो गई और 70 घायल हुए। मामले में तीन अधिकारियों गिरफ्तार किया गया है। बिल्डिंग में मरम्मत चल रही थी। इसका टेंडर करीब  380 करोड़ का था।शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारतों की मरम्मत कार्य में इस्तेमाल किए गए अत्यंत ज्वलनशील स्टायरोफोम ने आग को तेजी से फैलाया। स्टायरोफोम एक तरह का थर्माकोल है। ये तेजी से आग पकड़ता है। आत तेजी से भड़कने पर सात इमारतें इसकी चपेट में आ गईं। यह हाल के दशकों में शहर की सबसे भयावह दुर्घटना मानी जा रही है। हालांकि,1948 में लगी भीषण आग अभी भी सबसे घातक रही है, जिसमें एक गोदाम में लगी आग से 176 लोगों की जान गई थी।शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारतों की मरम्मत कार्य में इस्तेमाल किए गए अत्यंत ज्वलनशील स्टायरोफोम ने आग को तेजी से फैलाया। स्टायरोफोम एक तरह का थर्माकोल है। ये तेजी से आग पकड़ता है। आत तेजी से भड़कने पर सात इमारतें इसकी चपेट में आ गईं। यह हाल के दशकों में शहर की सबसे भयावह दुर्घटना मानी जा रही है। हालांकि,1948 में लगी भीषण आग अभी भी सबसे घातक रही है, जिसमें एक गोदाम में लगी आग से 176 लोगों की जान गई थी।

स्टायरोफोम और नॉन-स्टैंडर्ड मटीरियल की पुष्टि
जांच कर रहे अधिकारियों ने हर फ्लोर की लिफ्ट विंडो के बाहर ज्वलनशील स्टायरोफोम लगे होने की पुष्टि की है। यह सामग्री आग लगने के बाद तुरंत जलने लगी। इससे आग कॉरिडोर से होते हुए फ्लैट्स तक पहुंच गई। इमारतों के बाहर लगी जाली और शीटिंग भी सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरी। माना जा रहा है ऐसी ही गैर-अनुमोदित सामग्रियों ने आग को कई गुना बढ़ा दिया।

मामले में तीन लोग गिरफ्तार
जांच में इस बात की पुष्टि होने पर कि मरम्मत में लगी सामग्री गैर-कानूनी और खतरनाक थी। ठेकेदार कंपनी के दो डायरेक्टर और एक कंसल्टेंट को हिरासत में लिया गया है। इन पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगा है। इन्होंने स्कैफोल्डिंग नेट व स्टायरोफोम जैसे गैर-मानक पदार्थों का प्रयोग किया, जिसकी इजाजत नहीं थी। इसी कारण आग तेजी से फैलकर हादसे को मौत का मैदान बना गई।

बचाव कार्य जारी, कई लोग अब भी फंसे
अधिकारियों ने बताया कि सात इमारतों में अभी भी 62 लोग फंसे हुए हैं। बचाव दल बिना रुके 31 मंजिला इमारतों में आग को काबू करने और लोगों को निकालने में जुटा है। अब तक एक महिला, एक बुजुर्ग और कई पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। फ्लोर के ऊपरी हिस्सों में अभी भी धुआं और हल्की आग मौजूद है, जिसे नियंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

शी जिनपिंग ने जताया दुख, जांच के आदेश
घटना के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गहरा दुख जताते हुए शोक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरी ताकत के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटना होगा ताकि जनहानि को कम किया जा सके। गुरुवार सुबह हांगकांग के नेता जॉन ली ने अस्पतालों में घायल लोगों से मुलाकात की और आग लगने के वास्तविक कारणों व स्कैफोल्डिंग की उपयोगिता पर व्यापक जांच का आदेश दिया।

कब लगी थी आग?
पहली कॉल 2.51 बजे की थी। शुरुआती लपटें कुछ मिनटों में ही काले धुएं के कई गुबार बनकर आसमान में उठने लगीं। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो फुटेज में दिखा कि कई फ्लैट्स के बाहर बांस की स्कैफोल्डिंग ने भी तेजी से आग पकड़ी और कुछ ही सेकंड में हरे जालीदार कपड़े के साथ धधक उठी।

कितने मिलियन का था ये प्रोजेक्ट
मरम्मत कार्य की कुल लागत 330 मिलियन हांग कांग डालर यानी करीब 380 करोड़ रुपये थी। एंटी-करप्शन विभाग ने मरम्मत वाला ठेका और खरीदी गई सामग्री को लेकर भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। जांच यह जानने के लिए भी की जा रही है कि गैर-स्टैंडर्ड सामग्री के उपयोग की अनुमति किसने दी और क्या प्रबंधन कंपनी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। इसके लिए पुलिस ने प्रबंधन कंपनी के कार्यालयों की तलाशी शुरू कर दी है।

सरकार ने इन इलाकों में भी दिया जांच का आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए हांगकांग प्रशासन ने निर्देश दिया है कि शहर में जहां-जहां बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा है, उन सभी हाउसिंग एस्टेट्स का तत्काल निरीक्षण किया जाए। विशेषकर स्कैफोल्डिंग, जालीदार कपड़े, स्टायरोफोम और सुरक्षा मार्गों की जांच पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराई जाए।

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