इंदौर
इंदौर में मंगलवार को मौसम की पहली जोरदार बारिश हुई। हालांकि इस दौरान देश के सबसे स्वच्छ शहर का जो हाल नजर आया, उसने बारिश से निपटने की तैयारियों की पोल खोल दी। 3 घंटे में करीब 3.6 इंच हुई बारिश से सड़कों ने नाले का रूप ले लिया। संकरी गलियों से पानी की तेज धार बह निकली। लगातार बारिश होती देख निचले इलाके में रह रहे लोगों की सांसें फूल गईं।
सबसे बुरे हाल तो BRTS कॉरिडोर के रहे। यहां पूरे मार्ग में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। हालात ऐसे हो गए कि कई गाड़ियां बंद होकर वहीं खड़ी हो गईं। कल (बुधवार) होने वाले मतदान के लिए पोलिंग बूथ तक कर्मचारियों को लेकर जाने वाली बसों के पहिए भी डूबने लगे। जलजमाव में एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे धक्का देकर बाहर निकाला।
इंदौर में मंगलवार सुबह से ही बादल छाए हुए थे। 11 बजते-बजते तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जो करीब दो बजे तक चला। बारिश के बीच इंदौर के पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में जमकर बादल गरजे। बारिश के चलते शहर के भंवरकुआं, जीपीओ और नवलखा, देवास नाका, विजय नगर, संजय सेतु समेत कई इलाके पानी-पानी हो गए। बारिश के कारण यहां जाम की स्थिति बन गई।
एंबुलेंस को धक्का देकर बाहर निकालने में मदद की।
BRTS में पानी भरा होने के कारण एंबुलेंस बंद हो गई। जिसे धक्का देकर निकाला गया।
इंदौर के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम केंद्र के अनुसार इंदौर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले तीन दिनों में मौसम विभाग ने इंदौर को लेकर दूसरी बार ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक आशीष चौहान ने बताया कि इस सीजन शहर में बारिश का कुल आंकड़ा 8.8 इंच पहुंच चुका है।
प्रेस क्लब के पीछे कार पर पेड़ गिर गया, जिससे वह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
वोटिंग कल, बारिश ने बढ़ाई टेंशन
तेज बारिश ने 6 जुलाई को नगर निगम चुनाव के लिए होने वाले मतदान को लेकर प्रशासन के साथ प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है। नेहरू स्टेडियम में मतदान सामग्री बंटवारे के दौरान काफी परेशानी हुई। यहां पर टेंट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया। स्टेडियम में मतदान दलों के लिए आठ डोम बनाए गए थे, लेकिन सभी पानी-पानी हो गए। सामग्री लेने गए लोग ईवीएम के साथ खुद को बचाते नजर आए।
बारिश के कारण गाड़ियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। सड़कों पर जाम लग गया।
निगम कर्मचारी पानी निकालने सड़क पर उतरे
करीब 3 घंटे हुई जोरदार बारिश के बाद नाले में तब्दील BRTS से जल निकासी के लिए निगम की टीम ने मैदान संभाला। निगमायुक्त प्रतिभा पाल खुद निगम कंट्रोल रूम पर जल निकासी की जोन वार समीक्षा करती रहीं। निगम की टीमें बारिश के दौरान भी डी वाटरिंग मशीन और अन्य संसाधनों के साथ शहर में घूमती रहीं।
टीआई काजी ने जाम की स्थिति बनने पर बंद गाड़ियों को धक्का देकर निकालने में मदद की।
दो पहिया वाहन भी पानी में फंस गए। लोगों ने एक-दूसरे की मदद कर वाहनों को पानी से निकाला।
पूरा BRTS पानी-पानी हो गया। जिससे कई गाड़ियां चलते-चलते बंद हो गईं और वहीं खड़ी हो गईं।
निगम की टीम बरसते पानी में जल निकासी के लिए मशक्कत करती रही।
तेज हवा और पानी के बीच कई पेड़ धराशायी हो गए।

