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 बजट के कदमों से अन्नदाताओं को मिलेगी मजबूती,महिलाओं-युवाओं और किसानों के लिए बजट में कई एलान

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एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट में कहने के लिए सरकार ने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है, लेकिन इसके बाद भी बजट की तमाम योजनाओं से किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने का काम किया गया है। सीधे तौर पर किसानों और ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कदम इस अंतरिम बजट में उठाए गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक तौर पर सशक्त करने में मदद मिलेगी।

कोई बड़ी घोषणा न करने से मोदी सरकार का यह आत्मविश्वास भी साफ़ दिखाई पड़ता है कि वह किसी लोकप्रिय घोषणा के बिना भी चुनाव जीत सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना और राशन योजना जैसी कई योजनाएं हैं जिसका लाभ करोड़ों लोगों को मिल रहा है। सरकार का अनुमान है कि ये लाभार्थी उसे दोबारा सरकार में आने में मदद करेंगे…

सरकार ने रखी अंतरिम बजट की मर्यादा

कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ देविंदर शर्मा ने कहा कि कोई नई बड़ी घोषणा न करके सरकार ने इस बार अंतरिम बजट की मर्यादा रखी है। यह केवल लोकसभा चुनाव होने तक आवश्यक खर्च के लिए संसद से अनुमति लेने का बजट होता है। सरकार इसमें कोई नई बड़ी घोषणा नहीं कर सकती। चुनावी साल में यह अधिकार आने वाली नई सरकार के पास होता है। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले पीएम किसान सम्मान निधि की बड़ी घोषणा कर सरकार ने यह मर्यादा तोड़ी थी। माना जाता है कि उसे इस चुनावी घोषणा का बड़ा लाभ मिला था।   

कोई बड़ी घोषणा न करने से मोदी सरकार का यह आत्मविश्वास भी साफ़ दिखाई पड़ता है कि वह किसी लोकप्रिय घोषणा के बिना भी चुनाव जीत सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना और राशन योजना जैसी कई योजनाएं हैं जिसका लाभ करोड़ों लोगों को मिल रहा है। सरकार का अनुमान है कि ये लाभार्थी उसे दोबारा सरकार में आने में मदद करेंगे। 
हालांकि, कृषि क्षेत्र के लोग यह मान रहे थे कि केंद्र सरकार पीएम किसान निधि के अंतर्गत किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता (6,000 रुपये प्रति वर्ष) की राशि बढ़ा सकती है। फिलहाल आवश्यक खर्चों के दबाव में सरकार ने ऐसी कोई लोकप्रिय घोषणा करने से परहेज बरता है। लेकिन इसके बाद भी बजट में ऐसे कई प्रावधान किये गए हैं जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने में मदद मिलेगी।

देविंदर शर्मा के अनुसार, बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में दो करोड़ पीएम आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन घरों को बनाने में ग्रामीण लोगों को ही रोजगार मिलेगा। साथ ही गृह निर्माण की वस्तुओं की खपत बढ़ेगी। इससे भी इन क्षेत्रों के उद्योगों और ग्रामीणों को आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार ने घर निर्माण में भी सहायता देने की घोषणा की है। इसका असर भी ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बेहतर करेगी।

स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। वे अपने घर को संभालने के साथ-साथ रोजगार के काम कर पाती हैं। इन समूहों में किसानों के घरों की महिलाएं ही काम करती हैं। इसलिए इससे भी किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।  

आशा बहनों को आयुष्मान योजना का लाभ  

सरकार ने सभी आशा बहनों को आयुष्मान योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपना इलाज कराने में पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा। अब तक इलाज में भारी पैसा खर्च होने से लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती थी। लेकिन अब आशा बहनों के परिवारों के साथ ऐसा नहीं होगा।  

मछली पालन का काम ज्यादातर मामलों में बड़े औद्योगिक घरानों के कारोबारी नहीं करते। यह काम गांव-देहात में बसे छोटे-छोटे किसान ही करते हैं। केंद्र सरकार ने मत्स्य योजना को ज्यादा बढ़ावा देने की रणनीति बनाई है। किसानों को इसका भी लाभ मिलेगा। साथ ही जैविक क्षेत्र को बढ़ावा देकर, नैनो खादों का विकास कर भी किसानों की लागत कम करने की कोशिश की गई है।  

सरकार ने एक करोड़ घरों में सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यानी, अब किसान अपने घरों या खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर न केवल मुफ्त बिजली प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को बेचकर हर महीने 15-20 हजार रुपये की कमाई भी कर सकते हैं। इससे देश के किसानों की तस्वीर बदल सकती है।

ये है चुनौती

देश की 60 फीसदी आबादी आज भी गांवों में रहती है। इन्हें रोजगार के लिए कृषि क्षेत्र पर ही निर्भर करना पड़ता है। लेकिन कृषि क्षेत्र में केवल 1.8 फीसदी की वृद्धि हो रही है, जबकि आबादी का अनुपात कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। यानी इसके बाद भी कृषि क्षेत्र में कम तेज वृद्धि के कारण रोजगार की चुनौती बनी रह सकती है।

महिलाओं-युवाओं और किसानों के लिए बजट में कई एलान

गृह मंत्रालय को दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट मिला

अंतरिम बजट 2024-25 में गृह मंत्रालय को  202868.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस आवंटन में से ज्यादातर हिस्सा केंद्रीय बलों जैसे सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ को मिलेगा। 1,32,345 करोड़ रुपये पुलिस को मिलेंगे। इनमें से 37277 करोड़ रुपये जम्मू कश्मीर को मिलेंगे।

सीबीआई को 928 करोड़ रुपये आवंटित

गुरुवार को घोषित अंतरिम बजट 2024-25 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को 928.46 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पिछले बजट की तुलना में 40.4 करोड़ रुपये कम है। केंद्रीय जांच एजेंसी को 2023-24 के बजट अनुमान में 946.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और बाद में संशोधित अनुमान में उसे बढ़ाकर 968.86 करोड़ रुपये कर दिया गया था।

सांसद दानिश अली का दावा- जुलाई में भाजपा की वित्त मंत्री बजट पेश नहीं करेंगी

सांसद दानिश अली ने कहा, ‘EVM और चंडीगढ़ मेयर चुनाव में जो हुआ उससे भाजपा को लगता है कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर वे सत्ता में वापस आ जाएंगे लेकिन जुलाई में भाजपा का वित्त मंत्री बजट नहीं पेश करेगा… जुमलेबाजी और तुकबंदी में इस सरकार में स्पर्धा चलती है, वही आज हुआ।’

‘देश में करदाता 2.4 गुना बढ़े’

‘प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 साल में तीन गुना बढ़ा है। करदाता 2.4 गुना बढ़े हैं। करदाताओं का योगदान देश के विकास में काम आ रहा है। हम करदाताओं की सराहना करते हैं। सरकार ने कर दरों को कम किया है। लागू हो चुकी नई कर योजना के तहत सात लाख रुपये तक अब कोई कर नहीं हैं। कॉर्पोरेट टैक्स भी कम हुआ है। नए फॉर्म 26AS से टैक्स फाइल करना आसान हुआ है। 2013-14 में 93 दिनों के बजाय अब 10 दिन में रिफंड मिल रहा है। कर दरों, आयात दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।’

‘2024-25 में 47.66 लाख करोड़ रुपये के कुल व्यय का अनुमान है। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1% रहने का अनुमान है, जिसे उसके अगले वर्ष 4.5% से नीचे लाने का लक्ष्य रहेगा। FDI यानी फर्स्ट डेवलप इंडिया पर जोर दिया जाएगा ताकि पहले विकास भारत में आए। राज्यों की सुधार योजनाओं के लिए 75 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। यह 50 वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण होगा। अगले 25 वर्ष हमारे लिए कर्तव्य काल है।’

‘रेलवे के लिए किए गए ये एलान’

तीन रेलवे कॉरिडोर ऊर्जा, खनिज और सीमेंट के लिए बनाए जाएंगे। पीएम गति शक्ति के तहत इनकी पहचान की गई है। इससे लागत कम होगी और सामान की आवाजाही सुगम होगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से विकास दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। 40 हजार सामान्य बोगियों को वंदे भारत के पैमानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत को बढ़ाया जा सके।

‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’

‘नई तकनीकों से कारोबार को मदद मिल रही है। लालबहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। अटलजी ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे और विस्तार देते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा दिया है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह स्वर्णिम दौर है। एक लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त या कम ब्याज दर पर कोष वितरित किया जाएगा। इससे दीर्घकालिक वित्तीय मदद दी जाएगी। इससे निजी क्षेत्र को मदद मिलेगी।’

महिलाओं के लिए किया ये एलान

‘नौ करोड़ महिलाओं से जुड़े 83 लाख स्वयं सहायता समूहों अहम योगदान रखते हैं। उनकी कामयाबी से एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में मदद मिली है। वे दूसरों के लिए प्रेरणा हैं। हमने तय किया है कि लखपति दीदी के लिए लक्ष्य को दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ किया है।’

 स्वास्थ्य के लिए हुए ये एलान

मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे का ही इस्तेमाल करते हुए हम और मेडिकल कॉलेज बनाएंगे। हमारी सरकार 9 से 14 साल की बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। मातृत्व और बाल विकास के लिए एक समग्र योजना बनाई जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा। पोषण 2.0 के अमल में तेजी लाई जाएगी। टीकाकरण को मजबूत किया जाएगा। आयुष्मान भारत के तहत सभी आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

 मध्यमवर्ग को मिलेगा आवास

‘मध्यमवर्ग के लिए योजना बनेगी। किराए के घर, बस्ती, अनियमित घरों में रहने वालों के पास नया घर खरीदने या बनाने का मौका रहेगा। पीएम आवास योजना-ग्रामीण
इसके तहत तीन करोड़ आवास बनाए जाएंगे। इनमें दो करोड़ आवास अगले पांच वर्ष में बनने जा रहे हैं।’

’38 लाख किसानों को पीएम किसान संपदा योजना से फायदा मिला’

‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 38 लाख किसानों को फायदा मिला है और 10 लाख रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। उपज के बाद होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी योजनाओं पर काम हो रहा है। हम कृषि उपज होने के बाद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी मजबूत करेंगे। आत्मनिर्भर तेल बीज अभियान को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत कृषि की नई प्रौद्योगिकी और कृषि बीमा को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी से जुड़े किसानों की भी मदद की जा रही है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मत्स्य संपदा को भी मजबूत किया जा रहा है। सी-फूड का उत्पादन दोगुना है। मत्स्य संपदा योजना के जरिए उत्पादकता को तीन से बढ़ाकर पांच टन प्रति हेक्टेयर किया जाएगा। रोजगार के 55 लाख नए अवसरों को उत्पन्न किया जाएगा। पांच समेकित एक्वा पार्क बनाए जाएंगे।’

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर बेहद अहम

संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर भारत और दूसरे देशों के लिए भी एक परिवर्तनकारी कदम है।’ वित्त मंत्री ने कहा, ‘कोविड के बावजूद हमने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 करोड़ घर बनाने का काम पूरा हुआ। 2 करोड़ घर अगले 5 साल में और बनाए जाएंगे।’

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