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पहली बार निगमायुक्त को सौंपी जिले की कमान,निगम का अनुभव आएगा काम, मगर चुनौती भी रहेगी-, शिवम वर्मा

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इन्दौर। यह पहला मौका है जब सीधे निगमायुक्त को ही जिले के मुुखिया यानी कलेक्टरी की कमान शासन (Government) ने सौंप दी हो। आज दोपहर ही कलेक्टरके रूप में शिवम वर्मा कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। उनका कहना है कि निगम का अनुभव काम आएगा और मुख्यमंत्री की मंशानुरूप प्राथमिकता से उन प्रोजेक्टों को अमल में लाया जाएगा। हालांकि वर्मा के लिए अपनी प्रशासनिक दक्षता साबित करने की भी चुनौती रहेगी, क्योंकि वे सहृदय और भले अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं, मगर अब उन्हें जमीनी जादूगरों, भूमाफियाओं से लेकर राजनीतिक दबाव-प्रभाव झेलने का दम भी दिखाना पड़ेगा।

अभी तक हालांकि पूर्व में निगम के आयुक्त रहे अधिकारी बाद के वर्षों में इन्दौर के कलेक्टर भी बने। मनीष सिंह, आशीष सिंह विगत वषों के उदाहरण हैं, मगर शिवम वर्मा ऐसे पहले आयुक्त हैं, जो इस पद पर रहते हुए सीधे इन्दौर कलेक्टर बना दिए गए। कल देर रात तक जो तबादला सूची आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की बरसती रही, उनमें संभागायुक्त से लेकर सभी महत्वपूर्ण पदों पर परिवर्तन हो गया। कलेक्टर आशीष सिंह को जहां उज्जैन सिंहस्थ के मद्देनजर संभागायुक्त का जिम्मा सौंपा गया तो इन्दौर संभागायुक्त दीपक सिंह को अवश्य लूपलाइन में भेज दिया, वहीं जनसंपर्क आयुक्त रहे सुदाम खाड़े को संभागायुक्त का जिम्मा सौंपा गया है। कलेक्टर के रूप में शिवम वर्मा अपनी पारी आज दोपहर 11 बजे के बाद से शुरू कर रहे हैं। आज सुबह हुई चर्चा में उनका कहना है कि इन्दौर नगर निगम का काम भी चुनौतीपूर्ण है और उसका अनुभव अब पूरे जिले में काम आएगा। याताायत सुधार सहित मुख्यमंत्री की मंशानुरूप ही काम किया जाएगा और मेट्रो सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों पर उनका फोकस रहेगा।

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