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*विदेशी भी बन‌सकते है भारत में अफसर*

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विदेशी उम्मीदवारों के लिए पात्रता प्रमाण के साथ मानदंडों को पूरा करना जरुरी

नई दिल्लीः। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। आमतौर पर सिर्फ भारतीय नागरिक ही यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन कुछ शर्तों पर नेपाल, भूटान और भारतीय मूल के कुछ अन्य देशों के नागरिक भी यूपीएससी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

विदेशों में बसे उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीयता, शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा जैसे पात्रता मानदंडों को पूरा करना जरुरी होता है। जानकारी के मुताबिक नेपाल और भूटान के नागरिक कुछ केंद्रीय सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें भारत सरकार से पात्रता प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। श्रीलंका के नागरिकों के लिए नियम सख्त हैं और केवल भारतीय मूल के वही लोग इसके पात्र हो सकते हैं, जो भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए हों। वेबसाइट पर यूपीएससी के ऑफिशियल नोटिफिकेशन में इन नियमों की जानकारी दी गई है। यूपीएससी परीक्षा कठिन चयन प्रक्रिया के लिए जानी जाती है। 3 चरणों वाली इस परीक्षा में प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू में पास होना जरुरी है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने के लिए भारत की नागरिकता होना जरूरी शर्त है।

हालांकि, कुछ खास शर्तों के तहत नेपाल, भूटान और कुछ अन्य देशों के नागरिकों को सीमित सेवाओं के लिए इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। जिसके लिए नियत हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा के लिए सामान्य पात्रता मानदंड (राष्ट्रीयता) भारतीय नागरिक होना, नेपाल या भूटान के नागरिक केवल कुछ खास सेवाओं जैसे आईएएस, आईपीएस और आईएफएस को छोड़कर अन्य केंद्रीय सिविल सेवाओं के लिए, बशर्ते उनके पास भारत सरकार द्वारा जारी पात्रता प्रमाण पत्र हो। तिब्बती शरणार्थी जो 1 जनवरी, 1962 से पहले भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए हों वह इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

वहीं भारतीय मूल के वे लोग जो पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, केन्या, युगांडा, तंजानिया, जाम्बिया, मलावी, जायरे, इथियोपिया या वियतनाम से भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए हों और उनके पास भारत सरकार द्वारा जारी पात्रता प्रमाण पत्र हो। नेपाल और भूटान के नागरिक यूपीएससी परीक्षा कैसे दे सकते हैं? नेपाल और भूटान के नागरिकों को विदेशी माना जाता है। फिर भी उन्हें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने की इजाजत है, लेकिन वे आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के लिए पात्र नहीं हैं। यूपीएससी परीक्षा के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।

ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स भी यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन इसमें पास होकर मेंस परीक्षा देने के लिए डिग्री का प्रमाण देना जरूरी है। 1 अगस्त, 2025 को उम्मीदवार की आयु 21 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए (सामान्य वर्ग के लिए)। आरक्षित वर्गों (ओबीसी, एससी-एसटी) और कुछ विशेष मामलों में आयु सीमा में छूट दी जाती है। सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम 6 प्रयास, ओबीसी के लिए 9 प्रयास और एससी/एसटी के लिए प्रयासों की कोई सीमा नहीं है। अगर विदेशी नागरिक पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं तो ये नियम उन पर भी लागू किए जाएंगे।

नेपाल, भूटान या अन्य देशों के नागरिकों को यूपीएससी परीक्षा में भाग लेने के लिए भारत सरकार से पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त करना जरुरी है। श्रीलंका के नागरिकों के लिए पात्रता केवल तभी मुमकिन है, जब वे भारतीय मूल के हों और भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए हों।

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