एस पी मित्तल, अजमेर
25 फरवरी को जयपुर में मेरी मुलाकात भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से हुई। कोई पौन घंटे के सीधे संवाद में राजे ने यूक्रेन में फंसे राजस्थान के मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को लेकर चिंता प्रकट की। जो अभिभावक अपने बच्चों के लिए राजे के पास आ रहे हैं, उन सभी की जानकारियां दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय तथा सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह के पास भिजवाई जा रही है। राजे ने कहा कि राजस्थान के विद्यार्थियों को सुरक्षित लाने के लिए वे भरसक प्रयास कर रहे हैं। उनका विदेश मंत्रालय से भी संपर्क बना हुआ है। राजे ने माना कि यूक्रेन में फंसे अधिकांश बच्चे मध्यमवर्गीय परिवारों के हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 23 फरवरी को प्रस्तुत वार्षिक बजट के संबंध में राजे ने कहा कि बजट घोषणाएं राजस्थान के लोगों को और कर्जदार बनाएगी। सरकार के पास पैसा तो है नहीं और करोड़ों रुपए के खर्च वाली घोषणाएं कर दी गई है। कुछ घोषणाओं का तो पूरा होना संभव ही नहीं है। आने वाले दिनों मे लोगों को बजट घोषणाओं की हकीकत का पता चल जाएगा। राजे ने दिल्ली स्थित उदयपुर हाउस में 250 कमरों का हॉस्टल बनाए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की। राजे ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थी, तब उदयपुर हाउस जैसी संपत्तियों को दिल्ली सरकार से मुक्त कराया था। ऐसी सम्पत्तियां हैरिटेज से जुड़ी है। इन संपत्तियों को खुर्द बुर्द करने के बजाए संरक्षण दिया जाना चाहिए। उदयपुर हाउस जैसी संपत्तियां देश की राजधानी दिल्ली में राजस्थान की आन बान और शान को प्रदर्शित करती है। राजे ने कहा कि स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता के लिए सरकारी स्कूलों का सामनीकरण उनके शासन में किया था। इससे स्कूलों के शिक्षकों और स्कूल भवनों का सदुपयोग हो सका, लेकिन कांग्रेस के राज में सब गड़बड़ कर दिया गया। अब अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने की रट लगाई जा रही है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खुले, यह अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए अंग्रेजी के अच्छे जानकारी शिक्षकों का होना जरूरी है। जब अंग्रेजी के सैकड़ों स्कूल खोल दिए हैं, तब अंग्रेजी के शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई। न जाने कब नए शिक्षकों की भर्ती होगी। सरकार के कामकाज का इतना बुरा हाल है कि शिक्षकों की भर्ती के पात्रता परीक्षा तक आयोजित नहीं हो पा रही है। गत वर्ष 26 सितंबर को हुई रीट की परीक्षा को रद्द करना पड़ा है। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्रों को 10-10 लाख रुपए में बिकना बेहद ही शर्मनाक है। सरकार अब इस मामले में लीपापोती कर रही है। अफसोनाक बात तो यह है कि सरकार में बैठे लोग पेपर लीक घोटाले में शामिल हैं। राजे ने कहा कि रीट पेपर लीक घोटाले की जांच सीबीआई से ही होनी चाहिए। राजे ने अजमेर के आनासागर के चारों तरफ बनने वाले पाथवे के बारे में भी जानकारी ली। राजे ने कहा कि जब चारों तरफ पाथवे बन जाएगा, तब आनासागर झील का प्राकृतिक सौंदर्य और निखरेगा। राजे ने कहा कि प्रकृति की सुंदरता मनुष्य के जीवन पर असर डालती है। जब कोई व्यक्ति पेड़ पौधे और रंग बिरंगे फूल देखता है तो उसे सुकून (आनंद) की अनुभूति होती है। मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए जयपुर के कई स्थानों पर छोटे बड़े बगीचे विकसित किए थे, लेकिन अब इन बगीचों की सार संभाल नहीं हो रही है। पौन घंटे की मुलाकात में वसुंधरा राजे से अन्य कई मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान हुआ।

