भोपाल
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के बदहाल होने और कोविड मरीजों की मौतों पर कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरा है। बुधवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने सरकार से 10 सवाल किए हैं। कोविड की चेन तोड़ते-तोड़ते मौतों की चेन बना दी, नदियों में शव तैर रहे हैं। उन्होंने लापरवाही व ऑक्सीजन की कमी से मौत पर मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की सहायता देने की सरकार से मांग की है।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महामारी से निपटने के लिए न तो सर्वदलीय बैठक बुलाई और न ही विपक्ष से सलाह ली है, बल्कि विपक्ष पर लगातार झूठे आरोप लगा कर नाकामियों का ठीकरा फोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री कहते हैं, कांग्रेस के नेता भ्रम फैलाते हैं। पटवारी ने गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा, गृह मंत्री कहते हैं कि महामारी में काला बाजारी करने वाले लोगों को आजीवन कारावास की सजा होगी, लेकिन उन्हीं के पार्टी के कार्यकर्ता गिद्धों की तरह लोगों को नोंचने में लगे हैं, उनके प्रति आपकी सरकार नर्म क्यों हैं?
जीतू पटवारी ने कहा कि जबलपुर में सिटी हॉस्पिटल के संचालक सबरजीत सिंह मोखा, जिसने रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचे, उसके खिलाफ सरकार का रुख नर्म क्यों है? रतलाम में भाजपा से जुड़े राजेश माहेश्वरी को ऑक्सीफ्लो मीटर की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया, उसे रात में ही क्यों छोड़ दिया? उज्जैन के कैबिनेट मंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रतिनिधि अभय विश्वकर्मा जो 30-30 हजार में अस्पताल में बेड बेच रहा था, अस्पताल के डॉक्टर ने यह बयान दिया है।
आपकी सरकार क्यों चुप है? गृहमंत्री कार्यवाही क्यों नहीं की गई? आपकी सरकार कहती है कि जिले वार क्राइसिस मैनेजमेंट की कमेटियां बनाई हैं, गांव-गांव, नगर-नगर सर्वे चल रहा है, तो फिर केन नदी की सहायक रूंज नदी में शव नदियों में क्यों बह रहे हैं?
कांग्रेस ने सरकार से पूछे 10 सवाल
- मुख्यमंत्री जी बताएं कि कालाबाजारी करने वाले भाजपा से जुड़े गिद्द जो महामारी में भी लालच नहीं छोड़ते। इनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है?
- नदियों में शव तैर रहे हैं, ऐसा कैसे हुआ इसका उत्तर सरकार दे?
- एक लाख नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन जो करीब 40 हजार मरीजों को लगाए गए, जिनकी मौतें हो गईं। इसकी सरकार जांच कराए। कांग्रेस इस महाघोटाले की हाई कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग करती है।
- प्रदेश में कोरोना के साथ फंगस इंफेक्शन लगातार बढ़ रहा है। इसकी दवाओं की भी कालाबाजारी शुरू हो गई है। इसके लिए सरकार ने क्या कार्य योजना बनाई है?
- गांव में कोविड की महामारी में फैल गई है। 50 प्रतिशत से अधिक लोगों की मौत गांव से हुई है। इसे लेकर क्या कार्ययोजना बनाई है?
- प्रदेश में दो लाख से ज्यादा मृत्यु हुई हैं। पर्याप्त टेस्ट हो नहीं रहे। और सरकार महामारी को नियंत्रण में बता रही है, यह भ्रम सरकार न फैलाएं। क्या करीब 10 लाख में से 50 हजार लोगों की जांच कराने की कोशिश शिवराज जी करेंगे, क्या इसे लेकर कार्य योजना है?
- तीसरी लहर को लेकर सरकार कि क्या कार्य योजना है या मुख्यमंत्री जी सिर्फ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जनता को बस काम कर रहे हैं, यह दिखाने की कोशिश करते रहेंगे?
- वैक्सीन को लेकर आज तक करीब 90 लाख लोगों को वैक्सीन लगाए जाने का दावा सरकार कर रही है। क्या सभी को वैक्सीन लगे इसे लेकर सरकार की कार्य योजना है? आपको 8 करोड़ 64 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। क्या वैक्सीन को लेकर अन्य ग्लोबल टेंडर कर प्रदेश के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने का कार्य राज्य सरकार करेगी?
- सरकारी लापरवाही से दो लाख मौतें हुई हैं। कुछ मौतें ऑक्सीजन के अभाव से हुईं, कुछ मौतें दवाओं की कमी की वजह से हुई। आंध्र सरकार ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों को लेकर 10 लाख रुपए देने की बात कही है। शिवराज सरकार किसानों की मौत पर 1 करोड़ रुपए दे सकती है, तो क्या इसी तरह सरकार 10 लाख रुपए देंगे?
- क्या तीन महीने के राशन से, जिसमें गेहूं नमक देने की बात कह रही है, चक्की खुली नहीं क्या सरकार पात्रता पर्ची वाले लोगों को हर महीने 7 हजार रुपए देने की पहल करेगी क्योंकि सिर्फ सूखा आटा फांकने से पेट नहीं भरता है?

