भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है और यह सत्र भले ही सिर्फ चार दिनों का हो, लेकिन इसका एजेंडा काफी अहम माना जा रहा है. सरकार जहां लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी, वहीं जनप्रतिनिधियों के वेतन वृद्धि सहित कई नीतिगत प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है. इससे सत्र के शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
वहीं दूसरी तरफ विपक्ष कांग्रेस इस छोटे सत्र को सरकार के कठघरे में खड़े करने के अवसर के रूप में देख रहा है. छिंदवाड़ा के कप सिरप कांड, खाद संकट और कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर विपक्ष सदन के भीतर जोरदार हमले की तैयारी कर चुका है. सत्र छोटा होने के बावजूद टकराव, बहस और राजनीतिक गर्माहट पूरे चार दिनों में देखने को मिल सकती है.
सरकार का मुख्य एजेंडा: बजट, वेतन वृद्धि और बड़े संशोधन
सत्र के दौरान सरकार कई विधायी प्रस्ताव और वित्तीय फैसले विधानसभा में लाने जा रही है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट है, जिसे वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी माना जा रहा है.
सत्र में पेश होने वाले बड़े प्रस्ताव
- 10 हजार करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट
- नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया में बदलाव का संशोधन
- दुकान एवं प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक 2025
- जनप्रतिनिधियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
- रेरा और अन्य विभागों की वार्षिक रिपोर्टें
बजट और विधायी प्राथमिकताओं का असर
- वित्तीय प्रवाह पर असर: बजट से राज्य के अगले तीन महीनों के खर्च और विकास योजनाओं की गति तय होगी.
- शहरी निकायों पर प्रभाव : नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव में बदलाव का संशोधन स्थानीय निकाय चुनाव प्रणाली पर सीधा प्रभाव डालेगा.
- श्रम कानूनों में बदलाव : दुकान एवं प्रतिष्ठान संशोधन राज्य के व्यापारिक ढांचे को अधिक लचीला बनाने की दिशा में अहम कदम होगा.
विपक्ष किस मुद्दे पर सरकार को घेरेगा
कांग्रेस ने सत्र से पहले ही अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है. पार्टी ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली. अब विपक्ष सरकार को घेरने के लिए इन गंभीर मुद्दों को सामने रखेगा:
- छिंदवाड़ा का कप सिरप कांड और बच्चों की मौत
- राज्य में चल रहा खाद संकट
- कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध
- बेरोजगारी और युवाओं के प्रश्न
| दिनांक | दिन | कार्यवाही | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 दिसंबर | सोमवार | बैठक होगी | सत्र की शुरुआत, बजट पेश |
| 2 दिसंबर | मंगलवार | बैठक होगी | विधेयकों पर चर्चा |
| 3 दिसंबर | बुधवार | अवकाश | भोपाल गैस त्रासदी की बरसी |
| 4 दिसंबर | गुरुवार | बैठक होगी | महत्वपूर्ण मतदान |
| 5 दिसंबर | शुक्रवार | बैठक होगी | सत्र का समापन |

