इंदौर
1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु वालों का कोविड वैक्सीनेशन शुरू हो रहा है। वैक्सीनेशन अभियान के सफल क्रियान्यवन और कोविड से लोगों की सुरक्षा के लिए जिले के प्रत्येक वार्ड में नि:शुल्क वैक्सीनेशन केन्द्र स्थापित किया जाएगा। 45 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्ति इन केन्द्रों पर जाकर कोविड वैक्सीन लगवा सकेंगे। इसी के साथ जिले के निजी अस्पतालों को शहर में मोबाइल वैक्सीनेशन यूनिट शुरू करने की अनुमति भी प्रदान की जा रही है।
यह जानकारी कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार को संभागयुक्त की समीक्षा बैठक में दी। वहीं, संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने की जिले में कोविड की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि कम रिस्क वाले मरीजों के लिए बुधवार से डे-केयर सेंटर शुरू हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि संभाग के सभी जिलों के सीएमएचओ को दो बार सेंपल भेजने होंगे।
संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय में डीन डॉ. संजय दीक्षित और संबंधित शासकीय अस्पतालों के अधीक्षक और एचओडी के साथ जिले में कोविड की वर्तमान स्थिति और कोरोना के इलाज को लेकर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की। संभागायुक्त ने कोरोना को देखते हुए अस्पतालों के अधीक्षक और एचओडी को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पतालों में वेंटीलेटर, ऑक्सीजन बेड और मैन पॉवर जैसे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, सफाई कर्मचारी आदि के साथ ही अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता के बारे में बात की। जहां भी कुछ कम लगा, उन्हें तत्काल उसे पूरा करने को कहा।
कई जिले निर्देश के बाद भी एक बार ही सैंपल भेज रहे
इसके पहले संभागायुक्त सभी जिलों के सीएमएचओ को कोविड की जांच के लिए प्रत्येक दिन दो बार सेंपल इंदौर भेजने के निर्देश दे चुके हैं। जिससे कोविड मरीज की पहचान समय रहते की जा सके और उनका जल्द से जल्द उपचार शुरू हो सके। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई जिले निर्देश के बाद भी एक बार ही सैंपल भेज रहे हैं। इस पर संभागायुक्त ने संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. डागरिया को इसका पालन करवाने के निर्देश दिए।
सुपर स्पेशलिटी और एमटीएच में कल से शुरू होगा डे-केयर सेंटर
बैठक में संभागायुक्त डॉ. शर्मा द्वारा कम रिस्क और बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए बुधवार से सुपर स्पेशलिटी और एमटीएच अस्पताल में डे-केयर सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डे-केयर सेंटर पर ऐसे मरीज जो अस्मिटोमेटिक हैं और जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है, उनका इलाज किया जा सकेगा। ऐसे सभी मरीजों को उक्त केन्द्रों पर इंजेक्शन एवं अन्य दवाइयां देकर होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। डे-केयर सेंटर में कॉल सेंटर की व्यवस्था करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि कॉल सेंटर के माध्यम से मेडिकल स्टॉफ मरीज की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही दिन में दो बार फोन लगाकर मरीज के स्वास्थ की जानकारी लेंगे।
