लुधियाना के ग्यासपुरा में रविवार सुबह गैस लीक होने से 2 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। ये कौन सी गैस थी, अभी पता नहीं चल सका है। मृतकों की बॉडी की जांच करने वाले डॉक्टर ने बताया कि दिमाग में जहर पहुंचने की वजह से मौतें हुईं। डेड बॉडीज के फेफड़ों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
ग्यासपुरा में हादसे के बाद भास्कर की टीम पहुंची। जिस बिल्डिंग से गैस रिसने की बात कही जा रही है, वह एक डिपार्टमैंटल स्टोर और मिल्क बूथ है। नजदीक ही सीवर लाइन गुजर रही है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि सीवर में केमिकल डाला गया था, जिसके चलते जहरीली गैस बन गई थी।
11 मौतों पर बोले अधिकारी- गैस का असर सीधा ब्रेन पर हुआ
लुधियाना की DC सुरभि मलिक ने बताया कि मौत की वजह न्यूरोटॉक्सिन हो सकता है।
लुधियाना की डिप्टी कमिश्नर (DC) सुरभि मलिक ने कहा, “जिन लोगों की मौत हुई, उनके रेस्पिरेटरी सिस्टम में दम घुटने का कोई लक्षण नहीं दिखा। मौत की वजह न्यूरोटॉक्सिन (नर्वस सिस्टम पर असर करने वाला जहर) हो सकता है।
हो सकता है कि सीवरेज मैनहोल में केमिकल रिएक्शन हुआ हो। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स (NDRF) की टीमें बुलाई गई हैं। गैस लीकेज की जांच के लिए मशीनें लगाई गई हैं। सीवरेज मेनहोल से सैंपल लिए गए हैं। बॉडीज का पोस्टमॉर्टम होगा और ब्लड सैंपल भी लिए जाएंगे।”
गैस लीक की 3 वजहें हो सकती हैं…
1. गैस सीवर लाइन से लीक हुई हो
जिस जगह गैस रिसाव से लोगों की मौत हुई, उसके पास से सीवर लाइन गुजर रही है। ऐसे में आशंका है कि गैस यहीं से लीक हुई। सीवरेज लाइन से निकली यह जहरीली गैस इलाके में फैल गई। जो लोग संपर्क में आ गए, वे बेहोश होते गए। इसका लीकेज पॉइंट उसी गोयल कोल्ड ड्रिंक्स की दुकान के पास है, जहां सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई।
2. सीवर लाइन में कोई जहरीला केमिकल डाला गया
आशंका है कि सीवर लाइन में केमिकल रिएक्शन हुआ हो। इस लाइन में पहले ही जहरीली गैस रहती है। हो सकता है कि किसी ने जहरीला केमिकल फेंका हो। इसके रिएक्शन के चलते ऐसी जहरीली गैस बनी, जिसने लोगों की जान ले ली। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिद्धू ने भी कहा कि ऐसा हो सकता है कि किसी ने इंडस्ट्रियल वेस्ट को मिटाने के लिए केमिकल को सीवर में डाला हो जिसके बाद गैस रिसाव हुआ हो।
3. जहरीली गैस मैनहोल के टूटे ढक्कनों से रिसी हो
जिस दुकान के पास लोगों की मौत हुई, वहां सीवर लाइन के मैनहोल के ढक्कन टूटे मिले हैं। पुलिस ने आशंका जताई कि सीवर के अंदर जो गैस बनी, वह इन्हीं टूटे हुए ढक्कनों से बाहर निकली।
जहरीली गैस लीक के बाद मौके पर पहुंचकर जांच करते NDRF के कर्मचारी।
सवाल- क्या दुकान में कुछ लीक हुआ?
सवाल यह भी है कि क्या इस डिपार्टमेंटल स्टोर और मिल्क बूथ में कुछ ऐसा था, जो लीक हुआ है। ज्यादातर मृतक यहां और आसपास के इलाकों के हैं। अभी तक हुई जांच में प्रशासन और पुलिस ने इस आशंका से इनकार कर दिया है।
लोग बोले- रात में डाला गया सीवरेज लाइन में केमिकल
लुधियाना सिविल अस्पताल पहुंचे कई लोगों ने भी बताया कि अक्सर बरसात के दौरान इस इलाके की डाइंग और केमिकल इस्तेमाल करने वाली फैक्ट्रियों से वेस्ट केमिकल सीवरेज में बहाया जाता है। शनिवार रात भी हल्की बारिश होने के बाद ऐसा केमिकल सीवरेज में छोड़ा गया था। रविवार सुबह ग्यासपुरा के इस मोहल्ले में सीवरेज जाम था।
गैस रिसाव से इसी दुकान पर लोग बेहोश हुए, जहां से पुलिस ने बेहोश हुए लोगों को एंबुलेंस में डालकर अस्पताल पहुंचाया।
लोगों ने दावा किया कि मोहल्ले में गोयल करियाना स्टोर नाम से दुकान चलाने वाले गौरव गोयल और सौरव ने सुबह जाम पड़ी सीवरेज लाइन में डंडे वगैरह मारे ताकि पानी निकल जाए। सीवरेज लाइन में पहला डंडा मारते ही 35 साल का सौरव वहीं गिर पड़ा। उसके बाद गैस फैलनी शुरू हो गई जिसमें सौरव की पत्नी प्रीति और मां कमलेश गोयल की भी मौत हो गई। सौरव के 50 वर्षीय भाई गौरव की हालत गंभीर बनी हुई है।
डॉ. कविलाश का घर सीवरेज मेनहोल के पास था इसलिए उनके घर के पांचों सदस्यों की मौत हो गई।
फेफड़े ठीक मिले, ब्रेन पर इफेक्ट: मनदीप सिद्धू, CP
जालंधर के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिद्धू।
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिद्धू ने कहा- डॉक्टरों ने बताया कि मरने वालों के फेफड़े ठीक हैं। इस गैस से उनके ब्रेन पर इफेक्ट हुआ। इसी वजह से मौत हुई। मेडिकल बोर्ड बनाकर मरने वालों का पोस्टमॉर्टम करवा रहे हैं। उनके ब्लड सैंपल भी लिए जा रहे हैं। NDRF की टेक्निकल टीम यहां पहुंच चुकी है। उनके पास मशीनें हैं, जो गैस के बारे में पूरी जानकारी दे देंगी।
हमें लग रहा है कि किसी ने इंडस्ट्रियल वेस्ट को डिस्पोज ऑफ करने के लिए केमिकल को सीवर में डाल दिया। जिसके बाद सीवर की गैस से मिलने के बाद कोई ऐसी गैस निकली है, जिससे यह मौतें हुई हैं।
सीवरेज के मेनहोल से सैंपलिंग के लिए सामान लेकर आते कर्मचारी।
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लुधियाना में रविवार सुबह गैस लीकेज से 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 महिलाओं और 4 पुरुषों समेत 2 बच्चे शामिल हैं। बच्चों की उम्र 10 और 13 साल है। हादसा शहर के ग्यासपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक एक इमारत में बने मिल्क बूथ में सुबह 7:15 बजे हुआ। लुधियाना की एसडीएम स्वाति ने बताया कि गैस रिसाव के बाद 12 लोग बेहोश भी हो गए।
लुधियाना गैस लीक कांड की PHOTOS: सुबह सड़कों पर बेसुध पड़े मिले लोग, पुलिस ने उठाकर अस्पताल पहुंचाया; ड्रोन से छतों पर सर्च
पंजाब के लुधियाना में गैस लीक होने से 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 2 बच्चों समेत 5 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां दूध का बूथ है। जो भी लोग सुबह दूध लेने के लिए आए, वह बेहोश होते चले गए। मौके पर ही वह बेसुध हो गए। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल में भिजवाया गया है। वहां उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लुधियाना के ग्यासपुरा में रविवार सुबह गैस लीक होने से 2 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। ये कौन सी गैस थी, अभी पता नहीं चल सका है। मृतकों की बॉडी की जांच करने वाले डॉक्टर ने बताया कि दिमाग में जहर पहुंचने की वजह से मौतें हुईं। डेड बॉडीज के फेफड़ों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
ग्यासपुरा में हादसे के बाद भास्कर की टीम पहुंची। जिस बिल्डिंग से गैस रिसने की बात कही जा रही है, वह एक डिपार्टमैंटल स्टोर और मिल्क बूथ है। नजदीक ही सीवर लाइन गुजर रही है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि सीवर में केमिकल डाला गया था, जिसके चलते जहरीली गैस बन गई थी।
11 मौतों पर बोले अधिकारी- गैस का असर सीधा ब्रेन पर हुआ
लुधियाना की DC सुरभि मलिक ने बताया कि मौत की वजह न्यूरोटॉक्सिन हो सकता है।
लुधियाना की डिप्टी कमिश्नर (DC) सुरभि मलिक ने कहा, “जिन लोगों की मौत हुई, उनके रेस्पिरेटरी सिस्टम में दम घुटने का कोई लक्षण नहीं दिखा। मौत की वजह न्यूरोटॉक्सिन (नर्वस सिस्टम पर असर करने वाला जहर) हो सकता है।
हो सकता है कि सीवरेज मैनहोल में केमिकल रिएक्शन हुआ हो। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स (NDRF) की टीमें बुलाई गई हैं। गैस लीकेज की जांच के लिए मशीनें लगाई गई हैं। सीवरेज मेनहोल से सैंपल लिए गए हैं। बॉडीज का पोस्टमॉर्टम होगा और ब्लड सैंपल भी लिए जाएंगे।”
गैस लीक की 3 वजहें हो सकती हैं…
1. गैस सीवर लाइन से लीक हुई हो
जिस जगह गैस रिसाव से लोगों की मौत हुई, उसके पास से सीवर लाइन गुजर रही है। ऐसे में आशंका है कि गैस यहीं से लीक हुई। सीवरेज लाइन से निकली यह जहरीली गैस इलाके में फैल गई। जो लोग संपर्क में आ गए, वे बेहोश होते गए। इसका लीकेज पॉइंट उसी गोयल कोल्ड ड्रिंक्स की दुकान के पास है, जहां सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई।
2. सीवर लाइन में कोई जहरीला केमिकल डाला गया
आशंका है कि सीवर लाइन में केमिकल रिएक्शन हुआ हो। इस लाइन में पहले ही जहरीली गैस रहती है। हो सकता है कि किसी ने जहरीला केमिकल फेंका हो। इसके रिएक्शन के चलते ऐसी जहरीली गैस बनी, जिसने लोगों की जान ले ली। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिद्धू ने भी कहा कि ऐसा हो सकता है कि किसी ने इंडस्ट्रियल वेस्ट को मिटाने के लिए केमिकल को सीवर में डाला हो जिसके बाद गैस रिसाव हुआ हो।
3. जहरीली गैस मैनहोल के टूटे ढक्कनों से रिसी हो
जिस दुकान के पास लोगों की मौत हुई, वहां सीवर लाइन के मैनहोल के ढक्कन टूटे मिले हैं। पुलिस ने आशंका जताई कि सीवर के अंदर जो गैस बनी, वह इन्हीं टूटे हुए ढक्कनों से बाहर निकली।
जहरीली गैस लीक के बाद मौके पर पहुंचकर जांच करते NDRF के कर्मचारी।
सवाल- क्या दुकान में कुछ लीक हुआ?
सवाल यह भी है कि क्या इस डिपार्टमेंटल स्टोर और मिल्क बूथ में कुछ ऐसा था, जो लीक हुआ है। ज्यादातर मृतक यहां और आसपास के इलाकों के हैं। अभी तक हुई जांच में प्रशासन और पुलिस ने इस आशंका से इनकार कर दिया है।
लोग बोले- रात में डाला गया सीवरेज लाइन में केमिकल
लुधियाना सिविल अस्पताल पहुंचे कई लोगों ने भी बताया कि अक्सर बरसात के दौरान इस इलाके की डाइंग और केमिकल इस्तेमाल करने वाली फैक्ट्रियों से वेस्ट केमिकल सीवरेज में बहाया जाता है। शनिवार रात भी हल्की बारिश होने के बाद ऐसा केमिकल सीवरेज में छोड़ा गया था। रविवार सुबह ग्यासपुरा के इस मोहल्ले में सीवरेज जाम था।
गैस रिसाव से इसी दुकान पर लोग बेहोश हुए, जहां से पुलिस ने बेहोश हुए लोगों को एंबुलेंस में डालकर अस्पताल पहुंचाया।
लोगों ने दावा किया कि मोहल्ले में गोयल करियाना स्टोर नाम से दुकान चलाने वाले गौरव गोयल और सौरव ने सुबह जाम पड़ी सीवरेज लाइन में डंडे वगैरह मारे ताकि पानी निकल जाए। सीवरेज लाइन में पहला डंडा मारते ही 35 साल का सौरव वहीं गिर पड़ा। उसके बाद गैस फैलनी शुरू हो गई जिसमें सौरव की पत्नी प्रीति और मां कमलेश गोयल की भी मौत हो गई। सौरव के 50 वर्षीय भाई गौरव की हालत गंभीर बनी हुई है।
डॉ. कविलाश का घर सीवरेज मेनहोल के पास था इसलिए उनके घर के पांचों सदस्यों की मौत हो गई।
फेफड़े ठीक मिले, ब्रेन पर इफेक्ट: मनदीप सिद्धू, CP
जालंधर के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिद्धू।
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिद्धू ने कहा- डॉक्टरों ने बताया कि मरने वालों के फेफड़े ठीक हैं। इस गैस से उनके ब्रेन पर इफेक्ट हुआ। इसी वजह से मौत हुई। मेडिकल बोर्ड बनाकर मरने वालों का पोस्टमॉर्टम करवा रहे हैं। उनके ब्लड सैंपल भी लिए जा रहे हैं। NDRF की टेक्निकल टीम यहां पहुंच चुकी है। उनके पास मशीनें हैं, जो गैस के बारे में पूरी जानकारी दे देंगी।
हमें लग रहा है कि किसी ने इंडस्ट्रियल वेस्ट को डिस्पोज ऑफ करने के लिए केमिकल को सीवर में डाल दिया। जिसके बाद सीवर की गैस से मिलने के बाद कोई ऐसी गैस निकली है, जिससे यह मौतें हुई हैं।
सीवरेज के मेनहोल से सैंपलिंग के लिए सामान लेकर आते कर्मचारी।
लुधियाना गैस लीक हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें:-
लुधियाना में गैस लीक… 11 की मौत, कई बीमार:मरने वालों में 2 बच्चे, 5 महिलाएं; रिहायशी इमारत में बने मिल्क बूथ में हुआ हादसा
लुधियाना में रविवार सुबह गैस लीकेज से 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 महिलाओं और 4 पुरुषों समेत 2 बच्चे शामिल हैं। बच्चों की उम्र 10 और 13 साल है। हादसा शहर के ग्यासपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक एक इमारत में बने मिल्क बूथ में सुबह 7:15 बजे हुआ। लुधियाना की एसडीएम स्वाति ने बताया कि गैस रिसाव के बाद 12 लोग बेहोश भी हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
लुधियाना गैस लीक कांड की PHOTOS: सुबह सड़कों पर बेसुध पड़े मिले लोग, पुलिस ने उठाकर अस्पताल पहुंचाया; ड्रोन से छतों पर सर्च
पंजाब के लुधियाना में गैस लीक होने से 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 2 बच्चों समेत 5 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां दूध का बूथ है। जो भी लोग सुबह दूध लेने के लिए आए, वह बेहोश होते चले गए। मौके पर ही वह बेसुध हो गए। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल में भिजवाया गया है। वहां उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुबह सड़कों पर बेसुध पड़े मिले लोग, पुलिस ने उठाकर अस्पताल पहुंचाया
घटना के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और NDRF की टीमें पहुंच गई। लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने इमारत के आसपास के इलाके को सील कर दिया है। NDRF की टीमें मशीनों की मदद से गैस लीक की जांच कर रही है। वहीं पुलिस ड्रोन की मदद से आसपास के इलाके पर नजर रख रही है। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल में भिजवाया गया है। वहां उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
देखिए लुधियाना में गैस रिसाव से हुए हादसे की तस्वीरें…
लुधियाना में इमारत में गैस रिसाव होने के बाद बेहोश हुए युवक को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाते पुलिस कर्मचारी।
लुधियाना में जिस इमारत में गैस रिसाव हुई, वहां मिल्क का बूथ बना हुआ है। जो भी व्यक्ति दूध लेने के लिए आया गैस चढ़ने की वजह से बेहोश हो गया।
लुधियाना ग्यासपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में गैस रिसाव होने के बाद पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सील कर दिया।
लुधियाना में गैस रिसाव के बाद मौके पर घेरा बंदी कर खड़ी टीमें।
गैस लीक की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची लुधियाना वेस्ट की SDM स्वाति और विधायक राजिंदर कौर छीना।
विधायक राजिंदर कौर छीना ने बताया कि जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां दूध का बूथ है। जो भी व्यक्ति दूध लेने के लिए आया बेसुध हो गया।
ग्यासपुरा इलाके में गैस लीक होने के बाद फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।
लुधियाना की SDM स्वाति ने बताया कि पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। NDRF आसपास के इलाके में मशीनों की मदद से जांच कर रही है।
NDRF की टीमों ने गैस लीक की जांच के लिए मशीनें मंगाई है। जिसकी मदद से वह कारण जानने की कोशिश कर रहे हैं।
NDRF टीम के सदस्य मौके पर मशीनों को सेट करते हुए। इनसे में वह गैस लीक होने की जांच करेंगे।
NDRF टीम के सदस्य ऑक्सीजन किट के साथ गैस लीक होने वाली इमारत में जाने की तैयारी करते हुए।
NDRF की टीमें ऑक्सीजन किट लगाकर आसपास के दुकानों में गैस लीक की जांच का रही हैं।
इलाके का जायजा लेने के लिए ड्रोन उड़ाने की तैयारी करते पुलिस कर्मचारी।
लुधियाना के सिविल अस्पताल में मोर्चरी हाउस के बाहर खड़े मृतकों के परिजन और पुलिस कर्मचारी।
लुधियाना के सिविल अस्पताल में पहुंचे मृतक के परिजनों काे सांत्वना देता पुलिस कर्मचारी।
सिविल अस्पताल में पहुंचे मृतकों के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
लुधियाना सिविल अस्पताल में गैस रिसाव से मौत के बाद पहुंचे मृतक के परिजन विलाप करते हुए।
लुधियाना में गैस लीक… 11 की मौत, कई बीमार:मरने वालों में 2 बच्चे, 5 महिलाएं; रिहायशी इमारत में बने मिल्क बूथ में हुआ हादसा
पंजाब के लुधियाना में रविवार सुबह गैस लीकेज से 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 महिलाओं और 4 पुरुषों समेत 2 बच्चे शामिल हैं। बच्चों की उम्र 10 और 13 साल है। हादसा शहर के ग्यासपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक एक इमारत में बने मिल्क बूथ में सुबह 7:15 बजे हुआ। लुधियाना की एसडीएम स्वाति ने बताया कि गैस रिसाव के बाद 12 लोग बेहोश भी हो गए।

