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पहले पांव छू-छूकर पैसे दिए, चुनाव हारने के बाद धमकियां देकर वापस मांग रहे

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शिवपुरी

बदरवास विकासखंड की ग्राम पंचायत बेदमऊ में ग्रामीणों को वोट के बदले नोट लेना भारी पड़ रहा है। पहले चरण की वोटिंग के बाद नतीजे सामने आते ही हारने वाले प्रत्याशी के परिवार के लोग अपने पैसे वापस लेने के लिए ग्रामीणों को धमकाने से लेकर मारपीट पर उतर आए हैं। दु:खी होकर 50 से अधिक आदिवासी महिलाएं और पुरुष रन्नौद पुलिस थाने पहुंच गए।

आदिवासी महिलाओं ने कहा कि हमें पांव छू- छूकर रुपए दे दिए। अब फिर घर में घुस-घुसकर महिलाओं से कह रहे हैं कि पैसे वापस करो। हम तो इनसे पैसे लेने नहीं गए थे। बेदमऊ के राधेश्याम आदिवासी ने बताया कि मेरे संग मारपीट की गई। एक बुजुर्ग ने बताया कि जबरन महिलाओं को पैसे दे आए और अब मारपीट कर रहे हैं। खुमान ने कहा कि हमने पैसे लेने से मना किया तो जबरन दे दे गए। अब उल्टा-सीधा बोलकर पैसा मांग रहा है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों में बाद में समझौत हो गया।

पूर्व गृह मंत्री महेंद्र बौद्ध की पत्नी-बेटा चुनाव हार गए

दतिया- मंगलवार सुबह से शुरू हुई दतिया जनपद पंचायत की मतगणना बुधवार दोपहर 12 बजे पूरी हुई। दतिया जनपद पंचायत क्षेत्र में जिला पंचायत के 5 वार्ड हैं। इनमें से चार में भाजपा समर्थित प्रत्याशी जिपं सदस्य चुने गए जबकि एक निर्दलीय प्रत्याशी जीता। जिला पंचायत के वार्ड 5 में पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान बसपा नेता महेंद्र बौद्ध का बेटा कार्तिकेय बौद्ध और वार्ड 3 से बौद्ध की पत्नी शोभा चुनाव हार गईं। वार्ड 5 से मानसिंह ने बौद्ध के बेटे को व वार्ड तीन में रचना सिरोनिया ने बौद्ध की पत्नी को हराया।

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