एस पी मित्तल,अजमेर
गुजरात चुनाव में कांग्रेस के सीनियर ऑब्जर्वर अशोक गहलोत ने 24 अगस्त को अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री भी हैं। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर गुजरात में भी राजस्थान की तरह महंगाई और बेरोजगारी से राहत मिलेगी। हालांकि महंगाई के लिए केंद्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार हैं, लेकिन राजस्थान में हमने ऐसे उपाय किए हैं जिनसे लोगों को राहत मिल रही है। वेट की दर घटाकर पेट्रोल-डीजल सस्ता किया। राजस्थान में एक करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पेंशन मिल रही है। इतना ही नहीं अब तक एक लाख 29 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जबकि एक लाख नौकरी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 5 लाख रुपए तक का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त में हो रहा है। नरेगा में 100 दिन काम करने वाले व्यक्ति को 25 दिन अतिरिक्त काम दिया जा रहा है। प्रदेश की एक करोड़ 35 लाख महिलाओं को स्मार्ट फोन नि:शुल्क दिए जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों के पेंशन की पुरानी योजना लागू की गई है। राजस्थान के हर ब्लॉक में औद्योगिक क्षेत्र बनाए गए हैं। अभिभावकों की मांग पर हिन्दी मीडियम स्कूलों को इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बदला जा रहा है। अब गरीब बच्चे भी सरकार के इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कम फीस पर पढ़ रहे हैं। राजस्थान में ऐसे अनेक उपाय किए हैं जिनसे लोगों को महंगाई और बेरोजगारी से राहत मिली है। गहलोत ने दावा किया कि गुजरात के मुकाबले में राजस्थान की सड़कें बहुत अच्छी है। कांग्रेस की सरकार बनने पर गुजरात में भी राजस्थान जैसी सड़कें बनेगी। जो गुड गवर्नेंस राजस्थान में हैं, वो ही गुजरात में भी मिलेगी। चूंकि मेरी सरकार के कामकाज से प्रदेश की नजात खुश है, इसलिए जनता ने राजस्थान में कांग्रेस को रिपीट करने का मन बना लिया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि अरविंद केजरीवाल भी गुजरात को दिल्ली जैसा विकसित राज्य बनाने का दावा कर रहे हैं। 24 अगस्त को गहलोत ने केजरीवाल का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि हम जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार हमें 77 सीटें मिली थी, लेकिन इस बार हम सरकार बनाने लायक सीटें जीत लेंगे। गुजरात में 182 सीटें हैं।
अब अहमदाबाद-दिल्ली के बीच दौड़:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब तक जयपुर-दिल्ली के बीच राजनीतिक दौड़ लगाते रहे, लेकिन अब गहलोत अहमदाबाद दिल्ली के बीच दौड़ लगा रहे हैं। गहलोत गत 16 व 17 अगस्त को गुजरात में थे। गुजरात से ही गहलोत दिल्ली चले गए। 20 अगस्त तक दिल्ली में रुकने के बाद गहलोत जयपुर आए और फिर अगले ही दिन पुन: दिल्ली चले गए। 23 अगस्त को दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचे और 23 अगस्त को पुन: दिल्ली पहुंच गए। यानी अब गहलोत की राजनीतिक दौड़ अहमदाबाद और दिल्ली के बीच हो रही है।

