लाखों लोगों ने खेला रंग, 35 मिनट में हुई साफ-सफाई
रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर में उत्साह और उल्लास का अनोखा नजारा देखने को मिला। शहर में पारंपरिक गेर के दौरान रंगों की मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरा आसमान सतरंगी रंगों से सराबोर हो गया। हर साल की तरह इस साल भी रंगपंचमी पर निकली गेर राजवाड़ा में खत्म हो गई है।इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पर रंगपंचमी के अवसर पर टेसू के फूलों के गुलाल से आसमान तिरंगे रंग में रंग गया. पारंपरिक गेर और फाग यात्रा में तोपों और विशेष मिसाइलों से रंग-गुलाल और फूलों की बारिश हो रही है.
ढोल-नगाड़ों की गूंज, हवा में उड़ते रंग-गुलाल और उत्साह से झूमती भीड़ के बीच इंदौर की रंगपंचमी का भव्य नजारा देखने को मिल रहा है. शहर की पारंपरिक गेर में हजारों लोग शामिल होकर रंगों के इस अनोखे उत्सव का आनंद ले रहे हैं. हर चेहरा रंगों से सराबोर है और पूरा शहर उत्सव के रंग में डूबा नजर आ रहा है. इस बार गेर में धार्मिक और सामाजिक झलकियों के साथ देशभक्ति के रंग भी दिखाई दे रहे हैं. हिंद रक्षक संगठन की फाग यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं संगम कॉर्नर की गेर में भगवान महाकाल की जटा से गंगाजी के अवतरण का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया गया है. दोपहर तीन बजे तक शहर की हृदय स्थली में टैंकर, बोरिंग मशीन और विशेष मिसाइलों से लाल, गुलाबी, हरे, पीले और नीले रंगों की बौछार की जा रही है, जिससे पूरा आसमान भी रंगों से सराबोर नजर आ रहा है. वहीं गेर को देखने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने गौराकुंड के पास पृथ्वी लोक होटल और बालाजी टावर की छतों पर दर्शकों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की है. ‘बुक माय शो’ के जरिए 150 सीटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई है, जिनमें से 100 सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं. यहां दर्शकों के लिए पेयजल और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है.
बीते कुछ वर्षों से रंगपंचमी की गेर में जनसहभागिता बढ़ने से इंदौर की गेर का स्वरूप भव्यताम हो गया है। देशभर में इसतरह का नजारा कहीं और दिखाई नहीं देता। इस बार भी शहर के पश्चिम क्षेत्र से निकली गेर व फाग यात्राओं में लाखों लोगों ने भाग लेकर रंगों के इस अनूठे पर्व का भरपूर लुत्फ उठाया। संगम कॉर्नर, टोरी कॉर्नर, रसिया कॉर्नर और मॉरल क्लब की गेर के अलावा हिंदरक्षक संगठन की राधाकृष्ण फाग यात्रा ने रंगों की वो बारिश की, कि जमीन से आसमान तक रंग ही रंग नजर आए। हरे, नीले, पीले, केसरिया और लाल रंगों की छटा कुछ ऐसी बिखरी की समूचा माहौल रंगों में सराबोर हो गया। मिसाइलों से की जा रही रंगों की बौछार के बीच ढोल – ताशे की धुन पर झूमते, नाचते, गाते इंदौरियों का उल्लास देखते ही बन रहा था।

सुबह से लोग रंगों के सैलाब में डूबने के लिए गेर मार्ग पर पहुंचने लगे थे। करीब दस बजे विभिन्न स्थानों से गेर निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। मिसाइल और प्रेशर पाइप के जरिए टैंकरों से रंगों की वो बौछार की जा रही थी की कोई भी उनकी मार से बच नहीं सका। मिसाइलों से छोड़े जा रहे सूखे रंग आसमान में सतरंगी छटा बिखेर रहे थे। एक के पीछे एक रंगों की धमाल मचाते हुए ये गेर राजवाड़ा पहुंची। हिंदरक्षक संगठन की फाग यात्रा सीतलामाता बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर खजुरी बाजार होते हुए राजवाड़ा पहुंची। इस फाग यात्रा में राधा – कृष्ण की झांकी आकर्षण का केंद्र बनीं रही।इस फाग यात्रा की शुरुआत करीब 28 बरस पूर्व लक्ष्मण सिंह गौड ने की थी, जिसे अब उनके पुत्र एकलव्य गौड आगे बढ़ा रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों की गूंज, हवा में उड़ते रंग-गुलाल और उत्साह से झूमती भीड़ के बीच इंदौर की रंगपंचमी का भव्य नजारा देखने को मिल रहा है. शहर की पारंपरिक गेर में हजारों लोग शामिल होकर रंगों के इस अनोखे उत्सव का आनंद ले रहे हैं. हर चेहरा रंगों से सराबोर है और पूरा शहर उत्सव के रंग में डूबा नजर आ रहा है. इस बार गेर में धार्मिक और सामाजिक झलकियों के साथ देशभक्ति के रंग भी दिखाई दे रहे हैं. हिंद रक्षक संगठन की फाग यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं संगम कॉर्नर की गेर में भगवान महाकाल की जटा से गंगाजी के अवतरण का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया गया है. दोपहर तीन बजे तक शहर की हृदय स्थली में टैंकर, बोरिंग मशीन और विशेष मिसाइलों से लाल, गुलाबी, हरे, पीले और नीले रंगों की बौछार की जा रही है, जिससे पूरा आसमान भी रंगों से सराबोर नजर आ रहा है. वहीं गेर को देखने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने गौराकुंड के पास पृथ्वी लोक होटल और बालाजी टावर की छतों पर दर्शकों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की है. ‘बुक माय शो’ के जरिए 150 सीटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई है, जिनमें से 100 सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं. यहां दर्शकों के लिए पेयजल और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है.
रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर में उत्साह और उल्लास का अनोखा नजारा देखने को मिला। शहर में पारंपरिक गेर के दौरान रंगों की मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरा आसमान सतरंगी रंगों से सराबोर हो गया। बड़ी संख्या में लोग इस भव्य उत्सव को देखने के लिए सड़कों पर उमड़े और रंगों के इस अनोखे जश्न का आनंद लिया। शहर के ऐतिहासिक राजवाड़ा से पारंपरिक रंगारंग गेर निकाली गई, जो इंदौर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है। ढोल-नगाड़ों, नृत्य और रंग-गुलाल के बीच निकली इस गेर ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
रंगपंचमी 2026 पर मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भव्य गेर निकल रही है. इंदौर में 5 लाख लोग और कई विदेशी पर्यटक शामिल हुए हैं, जहां यूनेस्को धरोहर का दर्जा मिलने की उम्मीद है. उज्जैन में CM मोहन यादव महाकाल गेर में शामिल हुए, जबकि भोपाल में पुराने बाजारों से रंग-गुलाल की धूम मची. पुलिस ने ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई है. ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है. इस दौरान गेर में झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उत्साह चरम पर है. पूरे प्रदेश में रंगपंचमी और गेर के पारंपरिक ढंग से निकाले जाने की खबरें हैं.
रंगों के सैलाब में डूबा राजवाड़ा क्षेत्र।
विभिन्न स्थानों से निकली गेर व फाग यात्रा का मिलन स्थल राजवाड़ा क्षेत्र बन गया। रंगों की अनवरत बारिश कुछ ऐसी हो रही थी कि चारों ओर रंगों के गुबार के अलावा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जहां तक नजर दौड़ाई जाए रंगों की मस्ती में झूमते, नाचते लोग ही दिखाई दे रहे थे। यहां न कोई छोटा था न बड़ा सभी बस रंगों में सराबोर होकर रंगपर्व के उल्लास का आनंद ले रहे थे। लाखों लोगों की सहभागिता ने गेर की इस परंपरा को और नई ऊंचाई तक पहुंचाया। इसने साबित किया कि इंदौर वाकई उत्सव प्रिय शहर है। यहां के लोग अपनी परंपराओं को सहेजने में भी आगे हैं।
राजवाड़ा से गोपाल मंदिर के रास्ते ये गेर व फाग यात्रा अपने – अपने गंतव्य स्थल पहुंचकर समाप्त हुई। गेर मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे गए थे। ड्रोन कैमरों के माध्यम से हुड़दंगियों पर सतत नजर रखी जा रही थी कि वे माहौल खराब न करें। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह सहित तमाम बड़े अधिकारी अस्थाई कंट्रोल रूम में बैठकर स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
इस बार की रंगपंचमी में एक खास आकर्षण भी देखने को मिला। पहली बार गेर में भगवान Mahakal की भव्य प्रतिकृति शामिल की गई, जिसे देखने के लिए लोगों में खास उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं और दर्शकों ने इस प्रतिकृति के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और महाकाल के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।
इंदौर की रंगपंचमी गेर को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दूर से आए पर्यटक भी पहुंचे। रंगों, संगीत और पारंपरिक उत्साह से सराबोर यह उत्सव शहर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक पेश करता नजर आया।
मध्य प्रदेश में होली के बाद रंगपंचमी के रंगारंग उत्सव हो रहे है, जहां भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहर परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम दिखा रहे हैं. उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बाबा महाकाल की पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की है. वहीं उन्होंने शौर्य प्रदर्शन करते हुए शस्त्र संचालन परंपरा भी निभाई. उज्जैन, इंदौर में गेर की शुरुआत हो चुकी है. हजारों लाखों लोग आज रंगपंचमी पर गेर में शामिल हो रहे हैं. एमपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली हुई है. पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी और ट्रैफिक प्लान शामिल हैं, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण रहे. यह पर्व सामाजिक एकता का प्रतीक है, जहां विभिन्न समुदाय एक साथ रंग खेलते हैं, लेकिन भीड़ प्रबंधन की चुनौती भी खड़ी करता है.
रंगपंचमी, जो होली का पांचवां दिन है, रंगों, गुलाल, ढोल-नगाड़ों और झांकियों से सराबोर होता है, जो सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है. इंदौर की ऐतिहासिक गेर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जबकि उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति से यह उत्सव राजकीय रंग ले चुका है. राजधानी भोपाल में पुराने बाजारों से निकलने वाली गेर शहर को रंगों की बरसात से नहला देगी. ये आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, जहां 10 से अधिक राज्यों से लाखों श्रद्धालु और 100 से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं.
रंगों की बौछार के बीच निकली इंदौर की गेर, सख्त सुरक्षा के बीच नेताओं से दूरी
इंदौर में रंगपंचमी पर निकली पारंपरिक गेर रंगों की बौछारों के बीच उत्साह के साथ आगे बढ़ी. अपनेपन और उमंग के रंगों में डूबने के लिए हजारों लोग शहर की सड़कों पर जुटे और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व का आनंद लिया. हालांकि इस बार गेर में भगीरथपुरा की घटना का असर साफ दिखाई दिया और गेर नेताओं के बगैर रही. किसी भी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी नजर नहीं आई. शहर की हृदय स्थली में दोपहर तीन बजे तक टैंकरों, बोरिंग मशीन, मिसाइलों और अन्य उपकरणों से लाल, गुलाबी, हरे, पीले और नीले रंग उड़ाए गए, जिससे धरती के साथ आसमान भी रंगों से सराबोर हो गया. वहीं मॉरल क्लब की मिसाइल गाड़ी का ब्रेक फेल होने के कारण उसे कृष्णपुरा छत्री पर खड़ा कर गेर से बाहर कर दिया गया. इस बार गेर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही. पुलिस और वालंटियर लगातार निगरानी करते रहे और हुड़दंग करने वालों को तुरंत पकड़ लिया गया. साथ ही पुंगी और मास्क के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके
बृज की होली और मथुरा वृंदावन में लठमार होली से हर कोई परिचित है। भगवान कृष्ण के मंदिरों में रंगोत्सव एक माह तक चलता है। राजवाड़ा के समीप भी तीन कृष्णा मंदिर हैं। जिसमें पहला बांके बिहारी का मंदिर, दूसरा गोपाल मंदिर और तीसरा यशोदा माता मंदिर है। रंग पंचमी की अवसर पर निकाले जाने वाली गेरों के रंगों से भगवान कृष्ण सुरक्षित रहे हैं, इसलिए कृष्ण के मंदिरों को भी ढक दिया गया है।
दिन में होली का रंग, शाम को क्रिकेट का संग
आज दिन में होली और संध्या को क्रिकेट मैच है, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड का मुकाबला है। यदि भारत विजयी होता है तो राजबाड़े पर रात्रि में दीपावली का नजारा भी देखने को मिल सकता है।
संगम कॉर्नर से निकली सृजन संस्था की 76वीं पारंपरिक गेर
रंगपंचमी के अवसर पर शहर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की पारंपरिक गेर निकाली जाती है। संगम कॉर्नर से संस्था सृजन के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, संयोजक महेश दलोद्रा, गोविंद गोयल और तनुजा खंडेलवाल के नेतृत्व में गेर निकली। इस वर्ष गेर का 76वां वर्ष है। आयोजन में बरसाना की प्रसिद्ध लट्ठमार होली का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
राधाकृष्ण फागयात्रा: गौड़ परिवार ने की शुरुआत
नरसिंह बाजार और लोधीपुरा से राधाकृष्ण फाग यात्रा निकली। इसकी शुरुआत नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर में पूजन से हुई। 1998 में इसकी शुरुआत पूर्व मंत्री व क्षेत्र के विधायक स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ ने की थी। अब यह परंपरा उनकी पत्नी विधायक मालिनी गौड़ के मार्गदर्शन में उनके पुत्र और हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ निभा रहे हैं। इस साल इस गेर का 28वां वर्ष है। इस वर्ष यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई जो लोगों के आकर्षण का केन्द्र रही, जिसमें महाकाल विराजमान थे।
मॉरल क्लब की गेर
इस गेर के संयोजक अभिमन्यु मिश्रा के अनुसार गेर में 15 ब्लोअर मशीनें, 6 डीजे गाड़ियां, एक बड़ी बोरिंग मशीन और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शामिल थी। इनसे रंग गुलाल उड़ाया। दो बड़े टैंकरों से पानी की छह मिसाइलें चलाई। ये 40 फीट तक रंगीन पानी की बौछार कर रही थी। गेर के जरिए हजारों किलो गुलाल उड़ाया गया।
नगर निगम की गेर का तीसरा साल
इंदौर नगर निगम भी शहर की परंपराओं को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाता है। गणेश विसर्जन चल समारोह पर अनंत चतुर्दशी के दिन झांकी के बाद गत दो वर्षों से निगम ने गेर भी निकालना शुरू किया है। इस बार तीसरा साल है। आज निकलने वाली गेर में ऑपरेशन सिंदूर की झलक देखने को मिली। नगर निगम ने एक टैंक तैयार किया है, इसी टैंक से गुलाल-पानी उड़ाया गया। इस बार गेर में सैनिकों के शौर्य और पराक्रम को दिखाया गया।
इंदौर: वृंदावन और बरसाने की होली की भले अपनी अलग परंपरा हो, लेकिन इन परंपराओं से कहीं हटकर है इंदौर की प्रसिद्ध गेर. जहां एक साथ लाखों लोग झूमते गाते सड़कों पर होली खेलने निकलते हैं. जो एक दूसरे को रंग लगाकर रंग पंचमी के रंग में रंगकर एक हो जाते हैं. इनमें कॉलेज के युवाओं से लेकर बच्चे और शहर में होली खेलने वालों की टोली की भरमार रहती है, जो अलग-अलग वेशभूषा और नए-नए गेटअप में होली खेलने के लिए पहुंचती है. पढ़िए इंदौर से खास रिपोर्ट.
कब शुरुआत हुई गेर की
7 दशकों से इंदौर की धरोहर बन चुकी गेर, यह आत्मीयता की वह रंगीन धरोहर है जो यहां लोकोत्सव के रूप में चर्चित होकर अब रंग पंचमी की पारंपरिक विरासत बन चुकी है. करीब 70 साल पहले इंदौर की रंग पंचमी भी अन्य शहरों की तरह रंगहीन हुआ करती थी, लेकिन यहां स्थित टोरी कॉर्नर के कुछ युवाओं ने आपस में मजमा लगाकर तय किया कि होली के दिन जो रंग नहीं खेलता उसे रंग पंचमी पर रंगना है. इसके बाद युवाओं की टोली ने अपने दोस्तों में परिचितों को पकड़ पकड़ कर रंग लगाना शुरू कर दिया.
रंगपंचमी 2026 पर मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भव्य गेर निकली और लाखों लोग उसमें शामिल हुए, इसके बाद इंदौर नगर निगम ने साफ-सफाई कर शहर को स्वच्छ बना दिया. इंदौर में 5 लाख लोग और कई विदेशी पर्यटक शामिल हुए, जहां यूनेस्को धरोहर का दर्जा मिलने की उम्मीद है. उज्जैन में CM मोहन यादव महाकाल गेर में शामिल हुए, जबकि भोपाल में पुराने बाजारों से रंग-गुलाल की धूम मची. पुलिस ने ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई. ट्रैफिक प्लान लागू किया गया था. इस दौरान गेर में झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उत्साह चरम पर रहा. पूरे प्रदेश में रंगपंचमी और गेर के पारंपरिक ढंग से निकाले जाने की खबरें हैं.
मध्य प्रदेश में होली के बाद रंगपंचमी के रंगारंग उत्सव हुए. भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहर परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम दिखाते हुए लाखों लोगों ने परंपरा निभाई. इंदौर की ऐतिहासिक गेर निकालने के महज 35 मिनट में साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया. राजवाड़ा से 5 ट्रक कचरा निकला. इससे पहले दिन की शुरुआत में उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बाबा महाकाल की पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की. वहीं उन्होंने शौर्य प्रदर्शन करते हुए शस्त्र संचालन परंपरा भी निभाई. उज्जैन, इंदौर में गेर की शुरु हुई. हजारों लाखों लोग आज रंगपंचमी पर गेर में शामिल हुए. एमपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली. पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसमें ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी और ट्रैफिक प्लान शामिल रहे, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण रहे. यह पर्व सामाजिक एकता का प्रतीक है, जहां विभिन्न समुदाय एक साथ रंग खेलते हैं, लेकिन भीड़ प्रबंधन की चुनौती भी खड़ी करता है.
रंगपंचमी, जो होली का पांचवां दिन है, रंगों, गुलाल, ढोल-नगाड़ों और झांकियों से सराबोर होता है, जो सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है. इंदौर की ऐतिहासिक गेर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जबकि उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति से यह उत्सव राजकीय रंग ले चुका है. राजधानी भोपाल में पुराने बाजारों से निकलने वाली गेर शहर को रंगों की बरसात से नहला देगी. ये आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, जहां 10 से अधिक राज्यों से लाखों श्रद्धालु और 100 से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं.
रंगों की बौछार के बीच निकली इंदौर की गेर, सख्त सुरक्षा के बीच नेताओं से दूरी
इंदौर में रंगपंचमी पर निकली पारंपरिक गेर रंगों की बौछारों के बीच उत्साह के साथ आगे बढ़ी. अपनेपन और उमंग के रंगों में डूबने के लिए हजारों लोग शहर की सड़कों पर जुटे और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व का आनंद लिया. हालांकि इस बार गेर में भगीरथपुरा की घटना का असर साफ दिखाई दिया और गेर नेताओं के बगैर रही. किसी भी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी नजर नहीं आई. शहर की हृदय स्थली में दोपहर तीन बजे तक टैंकरों, बोरिंग मशीन, मिसाइलों और अन्य उपकरणों से लाल, गुलाबी, हरे, पीले और नीले रंग उड़ाए गए, जिससे धरती के साथ आसमान भी रंगों से सराबोर हो गया. वहीं मॉरल क्लब की मिसाइल गाड़ी का ब्रेक फेल होने के कारण उसे कृष्णपुरा छत्री पर खड़ा कर गेर से बाहर कर दिया गया. इस बार गेर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही. पुलिस और वालंटियर लगातार निगरानी करते रहे और हुड़दंग करने वालों को तुरंत पकड़ लिया गया. साथ ही पुंगी और मास्क के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके
भोपाल में जबरदस्त उत्साह और उल्लास, पारंपरिक गेर निकाली
राजधानी भोपाल में रंग पंचमी के अवसर पर जबरदस्त उत्साह और उल्लास देखने को मिला. शहर के विभिन्न इलाकों में लोग रंग और गुलाल के साथ त्योहार का आनंद लेते नजर आए. खासतौर पर पुराने भोपाल के भवानी चौक क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए, जहां रंग पंचमी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया. इंदौर की तर्ज पर भोपाल में भी पारंपरिक गेर निकाली गई, जिसमें युवाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. गेर के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर लोग जमकर झूमते और नाचते नजर आए. पूरे क्षेत्र में रंग और गुलाल उड़ता दिखाई दिया, जिससे माहौल पूरी तरह रंगमय हो गया. रंग पंचमी के इस उत्सव में पानी के टैंकरों से भी होली खेली गई. लोग एक-दूसरे पर रंग और पानी डालकर खुशियां मना रहे थे. युवाओं के साथ-साथ बच्चे और बुजुर्ग भी इस उत्सव में शामिल होकर रंगों के इस पर्व का आनंद लेते दिखाई दिए. वहीं, रंग पंचमी के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. पुलिस बल पूरे क्षेत्र में तैनात रहा ताकि त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके. शहर में हर ओर रंग, संगीत और उत्साह का माहौल देखने को मिला.
इंदौर की रंग-रंगीली रंगपंचमी का उल्लास शुरू हो चुका है. तमाम झांकियों के साथ टोरी कॉर्नर सहित अन्य इलाकों से निकली गेर रंगों की बौछार करते हुए आगे बढ़ रही है. यहां पहली बार महाकाल मंदिर की प्रतिकृति और महादेव की जटा से गंगा के अवतरित होने का दृश्य दिखाती हुई झांकियां विशेष रूप से सराही गईं.
आगर मालवा में सड़कों पर उतरे लोग, रंगपंचमी पर मचाया धमाल
आगर मालवा जिले में रंगपंचमी का त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है. सुबह से ही लोग रंग और गुलाल में सराबोर नजर आए. आगर शहर में जगह-जगह पारंपरिक गेर निकाली जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल होकर ढोल-ताशों और डीजे की धुन पर झूमते दिखाई दिए. लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर इस पर्व की खुशियां मना रहे हैं. शहर में हर ओर रंगों का माहौल और त्योहार की रौनक देखने को मिल रही है. वहीं रंगपंचमी के मद्देनजर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन भी मुस्तैद नजर आ रहा है. (रिपोर्ट : रजनीश सेठी)
इंदौर में राजवाड़ा से शुरू होने वाली गेर, 5 लाख से अधिक लोग हो रहे शामिल
रंगपंचमी की यह धूम मालवा क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है, जहां हर शहर की अपनी अनूठी परंपरा है. इंदौर में राजवाड़ा से शुरू होने वाली गेर 75 वर्षों से चली आ रही है, जो अब वैश्विक पटल पर पहचान बना रही है. उज्जैन की महाकाल गेर भगवान शिव की भक्ति से ओतप्रोत है, जबकि भोपाल की गेर पुरानी हवेलियों और बाजारों के बीच रंगों का त्योहार बन जाती है. इन आयोजनों में झांकियां जैसे शिव-पार्वती, मसान होली और कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव आकर्षण का केंद्र रहेंगे. पर्यटकों के लिए छतों पर ऑनलाइन बुकिंग और फूलों की वर्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो उत्सव को आधुनिक बनाती हैं. हालांकि, बढ़ती भीड़ के बीच स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है, खासकर गुलाल मशीनों और पिचकारियों से रंगों की बरसात के दौरान. यह पर्व न केवल मनोरंजन देता है बल्कि सामुदायिक बंधन को मजबूत करता है, जहां ढोल-ताशे और भजनों की धुनें हवा में घुल जाती हैं.
उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने किया शौर्य प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में रंग पंचमी के अवसर पर महाकाल मंदिर परिसर में निकलने वाली पारंपरिक गेर में शामिल होकर ध्वजा पूजन किया. इस दौरान उन्होंने अखाड़ों में रखे पारंपरिक शस्त्रों का भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया. महाकाल मंदिर में आयोजित इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में मुख्यमंत्री ने अखाड़ों की परंपरा के अनुसार शस्त्र संचालन और प्रदर्शन भी किया. उन्होंने तलवार और अन्य पारंपरिक हथियारों के संचालन का प्रदर्शन कर अखाड़ा परंपरा के महत्व को रेखांकित किया. इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और संतों ने उनका उत्साहवर्धन किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की गेर और अखाड़ों की परंपरा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है. यह परंपरा वीरता, आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने भगवान महाकाल से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की. इस अवसर पर मंदिर प्रशासन, संत समाज, अखाड़ों के महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में निकाली जाने वाली पारंपरिक गेर में हजारों लोग शामिल होकर रंग और उत्साह के साथ इस अनूठी परंपरा का हिस्सा बने.
खंडवा में रंगपंचमी पर फाग यात्रा, 350 पुलिसकर्मी तैनात
खंडवा में आज रंगपंचमी का उल्लास रहेगा. नगर निगम तिराहे से फाग यात्रा निकलेगी. वहीं, शहर में होली से ज्यादा रंगपंचमी पर रंग गुलाल उड़ेगा. शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 350 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. वहीं, असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की पूरी तैयारी है. सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी. (रिपोर्ट : अमित जायसवाल)
रंग पंचमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर पहुंचे और भगवान महाकाल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन तथा अभिषेक किया. इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. उन्होंने कहा कि रंग पंचमी का पर्व प्रेम, सौहार्द और उल्लास का संदेश देता है. इस अवसर पर मंदिर प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे. महाकाल मंदिर में रंग पंचमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया.
इंदौर में मेडिकल टीम तैनात, आपातकालीन मदद के लिए मोबाइल नंबर 8770044700 जारी
रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर के दौरान आम लोगों की तबीयत बिगड़ने या किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चिकित्सा व्यवस्था की है. गेर मार्ग पर सुबह 9 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक 10 एंबुलेंस तैनात रहेंगी, जिनमें दो हाईटेक एंबुलेंस भी शामिल हैं. टोरी कॉर्नर से गोराकुंड, राजबाड़ा, इमामबाड़ा, जवाहर मार्ग और एमजी रोड के बीच 10 हॉट स्पॉट पर मेडिकल टीमें मौजूद रहेंगी. प्रत्येक एंबुलेंस में एक डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ तैनात रहेगा. आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए हेल्थ विभाग ने प्रोटोकॉल ऑफिसर विवेक बंसोड़ का मोबाइल नंबर 8770044700 जारी किया है, जिस पर गेर समाप्त होने तक संपर्क किया जा सकेगा.