*संयुक्त किसान मोर्चा 24 जनवरी को देपालपुर तहसील कार्यालय पर करेगा प्रदर्शन*
*इंदौर । घोड़ा रोज़ (नीलगाय) के आतंक से इंदौर ही नहीं पूरे मालवा का किसान परेशान है नीलगाय के झुंड के झुंड खेतों में घुस जाते हैं और पूरी फसल को बर्बाद कर देते हैं फसल को खाने के साथ ही बेरंग डालते हैं जिससे पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। वन विभाग से किसानों ने कई बार इस जंगली जानवर पर रोक लगाने की मांग की लेकिन वन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है । पूरे मालवांचल के किसान घोड़ा रोज़ की समस्या से परेशान होकर आक्रोशित हैं । लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि घोड़ा रोज़ की समस्या को कई बार सरकार के सामने रखा गया है लेकिन किसान हितेषी सरकार का दावा करने वाले मुख्यमंत्री भी समस्या को हल करने की ओर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं इस समस्या को लेकर पूर्व में मंदसौर रतलाम सहित कई जिलों में प्रदर्शन हो चुके हैं इंदौर जिले में भी खास करके देख सांवेर रोड देपालपुर तहसील में यह समस्या अधिक है और इससे परेशान किसान 24 जनवरी को सुबह देपालपुर मंडी प्रांगण में एकत्र होंगे तथा तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन कर एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन देंगे
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बताया कि अधिकांश गांवों के किसान घोड़ारोज के आतंक से परेशान हैं । घोड़रोज के झुंड गेहूं, चना, लहसुन, प्याज़,आलू, सरसों,सब्जी आदि फसलों को दिन -रात पैरो तले रौंद कर बर्बाद कर रहे हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे खेतों में नुकसान भी बढ़ रहा है। किसानों के लिए 24 घंटे खेत की रखवाली सम्भव नहीं है। खेतों में लगे बिजूका (पुतलों ) को भी ये नष्ट कर देते हैं। इन्हें भगाने के लिए पटाखे भी फोड़े जाते हैं ,लेकिन अब उससे भी नहीं डरते हैं। बड़े रकबे में तार फेंसिंग भी सम्भव नहीं है। एक ओर किसानों द्वारा घोड़रोज को रोकने के सभी उपाय निष्फल साबित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग और प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
घोड़ारोज से मुक्ति दिलाए प्रशासन – संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि देपालपुर तहसील के बिरगोदा ,बनेडिया, मुंदीपुर, चांदेर, शिवगढ़, फरकोदा,काई, कटकोदा, मेंढकवास ,खेड़ी कडोदा,, शाहपुरा, सुमठा, बछोडा , बरोदा, सगडोद,बिरगोदा, बनेडिया, मुंदीपुर, फरकोदा, काई, कटकोदा, मेंढकवास, खेड़ी कडोदा, कटकोदा, शाहपुरा, सुमठा, बछोड़ा, बरोदा, सगडोद जैसे अन्य कई गांव हैं ,जहाँ के किसान घोड़रोज द्वारा की जा रही नुकसानी से त्रस्त हैं। किसानों का कहना है कि पहले सीमित दायरे में दिखाई देते थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ती जा रही है और खेतों में झुंड के झुंड कभी भी देखे जा सकते हैं। किसान भगवान भरोसे खेती करने को मजबूर हैं । प्रकृति की मार का सामना करने वाले किसानों को अब घोड़ारोज के आतंक से रोज रूबरू होना पड़ रहा है। घोड़रोज ,कृषि के लिए घातक साबित हो रहे हैं। किसानों की मांग है कि घोड़ारोज से मुक्ति के लिए प्रशासन और वन विभाग ठोस कार्रवाई करे।
आपने बताया कि क्षेत्र के हर गांव में घोड़ा रोज नीलगाय का आतंक है जो फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। घोड़ा रोज पकी पकाई फसल पर नुकसान कर रहे हैं, फसल कच्ची हो या पक्की इनको उससे कोई मतलब नहीं इनको तो बस दौडऩे से काम है, चाहे लहसुन के खेत हों, प्याज की खेती या गेहूं के, खेतों में इनका नुकसान बढ़ता ही जा रहा है और हर गांव में इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। झुंड के झुंड नजर आते हैं, पहले किसी सीमित दायरे में रहते थे अब पूरे जंगलों में घूमते।फिरते रहते हैं।घोड़ा रोज से किसानों की फसल बर्बाद होने के साथ ही वाहनों से टकराने से दुर्घटना भी हो रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा के चंदन सिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल, लाखन सिंह डाबी, सोनू जाधव सहित किसान नेताओं ने घोड़ा रोज से परेशान किसानों से अपील की है कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में 24 जनवरी को होने वाले प्रदर्शन में भागीदारी करें सुबह 10:00 बजे देपालपुर मंडी रामगढ़ में एकत्रित हो।

