ऑनलाइन डिलीवरी एप्स और प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्कर्स ने अपनी समस्याओं को लेकर 3 फरवरी यानी आज काम बंद करने और राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. गिग वर्कर्स का आरोप है कि उनको काम का उचित माहौल और मेहनताना नहीं में मिलता है. साथ ही मनमाने तरीके से आईडी भी ब्लॉक कर दी जाती है.
गिग वर्कर्स का दावा है कि उनके साथ हड़ताल में ऑनलाइन काम करने वाले ब्यूटिशियन, स्पा, सैलून, घरेलू काम, सफाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, AC, टैक्निशियन और कारपेंटर भी शामिल होंगे. गिग वर्कर्स का कहना है कि 26 जनवरी और इससे पहले भी उन्होंने हड़ताल की थी लेकिन समाधान नहीं निकला. इसलिए अब Gig & Platform Service Workers Union ( GIPSWU) के बैनर तले सैकड़ों गिग वर्कर्स आज दोपहर 1 बजे जंतर मंतर पर इकट्ठा होकर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
जीआईपीएसडब्लू ने लगाए आरोप
जीआईपीएसडब्लू ने आरोप लगाया कि श्रमिकों को अक्सर मनमाने ढंग से उनकी आईडी ब्लॉक किए जाने, अपारदर्शी रेटिंग प्रणालियों, अस्थिर आय और कार्य नीतियों में बार-बार एकतरफा बदलावों का सामना करना पड़ता है. उचित वेतन या कार्य परिस्थितियों को लेकर चिंता व्यक्त करने वाली महिला श्रमिकों को कथित तौर पर परेशान किया जाता है, कभी-कभी हिंसा का शिकार बनाया जाता है और बाद में आईडी निष्क्रिय करके परेशान किया जाता है, जिससे उनकी आजीविका छिन जाती है।
गिग वर्कर्स की मांगें
जीआईपीएसडब्ल्यूयू की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि यूनियन ने केंद्र सरकार से बार-बार संपर्क किया है, लेकिन उसकी मुख्य मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं. उन्होंने कहा, हम एक अलग केंद्रीय कानून के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता देने, मनमाने ढंग से आईडी ब्लॉक करने पर रोक लगाने, पारदर्शी रेटिंग और कार्य आवंटन प्रणाली, उचित आय दरें और आंतरिक शिकायत समितियों सहित मजबूत शिकायत निवारण तंत्र की मांग कर रहे हैं. सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है.

