विंध्य क्षेत्र जैसे अन्य आंचलों में जिन घरों में शादियां होती है वहां सोना और चांदी खरीदने की परंपरा होती है. ऐसे में सोने के गहने महंगे होने के कारण आम आदमी के लिए शादी का बजट भी काफी महंगा हो जाएगा. इसके अलावा ऐसे छोटे निवेशक जो थोड़ी बहुत बचत से सोने में निवेश का सपना देख रहे थे अब उन्हें भी मौका नहीं मिलेगा. जिनके पास अभी तक सोना नहीं है, उनके लिए भी सोने में निवेश बहुत महंगा होता जा रहा है.
भारत में सोने के भाव आसमान पर पहुंच चुके हैं. सोने की कीमतें बढ़ने से वे निवेशक तो बहुत खुश है, जिन्होंने सोने में पैसे लगा रखे हैं और जो कीमत और बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन भारत में सोना परंपराओं से जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, तीज-त्योहारों के मौके पर लोग न केवल सोना खरीदते हैं बल्कि एक दूसरे को तोहफे में भी देते हैं. ऐसे में अब आम आदमी के लिए सोना-चांदी के दाम बड़ी परेशानी बनते जा रहा हैं.
रीवा के सर्राफा व्यपारी लखनलाल खंडेलवाल कहते हैं कि सिर्फ विंध्य क्षेत्र ही नहीं बल्कि भारत में शादियां हो या कोई त्यौहार हो, एक दूसरे को उपहार दिया ही जाता है. ऐसे मौके पर कई लोग सोना चांदी जैसे मूल्यवान धातुएं तोहफे में देते हैं. लेकिन इन मेटल्स की कीमत बढ़ने के कारण अब लोग सोना चांदी खरीदने का प्लान कैंसिल करके दूसरे ऑप्शन (हीरा, प्लैटिनम, आभूषणों के अलावा अन्य उपहार) की तलाश कर रहे हैं. सोने चांदी की कीमतें बढ़ने के पीछे भू राजनीतिक तनाव का बढ़ना, फेड रेट कट की बढ़ती उम्मीद और मार्केट में बढ़ रही अनिश्चितताओं की स्थिति है.
सोना आम आदमी की पहुंच से बाहर
सोने के दाम बढ़ने के कारण मध्य और गरीब परिवारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है. इसके अलावा वे लोग जो अपनी छोटी-छोटी बचत से सोने के गहने या अन्य चीज खरीदने की प्लानिंग कर रहे थे, उन्हें भी निराशा ही हो रही है. मिडिल क्लास परिवारों में अक्सर सोने का एक गहना बनाने के लिए काफी समय से बचत की जाती है. लेकिन जिस रफ्तार से सोने चांदी की कीमतें बढ़ रही है उस रफ्तार से बचत नहीं हो पा रही है, इसलिए अब सोना आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहा है.
2 ग्राम के सोने के गहने
एक तरफ बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार पहले ही परेशान थे और अब सोने चांदी की कीमतें बढ़ने से दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बेटियों की शादी में दिए जाने वाले गहने एक या दो ग्राम में भी बनवाए जा सकते हैं. जैसे कि दो ग्राम में माथे की टीका, नाक की नथनी, कान की बालियां, अंगूठी, दो ग्राम में एक छोटा मंगलसूत्र भी बनवाया जा सकता है. 40 ग्राम चांदी में सुंदर डिजाइन की पायल और बिछिया बनाई जा सकती है. सोने-चांदी की बढ़ती मंहगाई में भी आम आदमी बहु और बेटी दोनों के लिए एक या दो ग्राम में बनने वाले ये गहने बनवा सकता है.

