सर्च इंजन गूगल को अमेरिका में करीब 5,823 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। मार्केट में एंड्रॉयड की मजबूत स्थिति का गलत फायदा उठाने के मामले में गूगल को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। वहीं, गूगल अपने ‘प्ले स्टोर’ पर अन्य एप डेवलपर्स को बेहतर प्रतिस्पर्धा उपलब्ध कराने पर भी सहमत हो गया है। सान फ्रांसिस्को की एक अदालत का कहना है कि गूगल 63 करोड़ डॉलर की राशि उपभोक्ताओं के लिए एक निपटान निधि में डालेगा। जबकि सात करोड़ डॉलर की राशि राज्यों को मिलेगी। हालांकि, इस फैसले पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है।आदेश के मुताबिक, हर ग्राहक को सेटलमेंट में कम से कम दो डॉलर की राशि मिलेगी, जबकि गूगल प्ले स्टोर पर ग्राहकों द्वारा 16 अगस्त 2016 से 30 सितंबर 2023 के बीच खर्च की गई राशि के हिसाब से उन्हें अतिरिक्त रकम मुहैया कराई जाएगी।
यह था आरोप
गूगल पर आरोप था कि वह प्ले स्टोर पर उपलब्ध एप्स के लिए ग्राहकों से ज्यादा राशि वसूल रहा है। इसके लिए वह अवैध तरीके से पाबंदियां लगा रहा है और एप्स के डिस्ट्रिब्यूशन में भी भेदभाव कर रहा है।
गूगल पर ग्राहकों से एप के भीतर लेनदेन करने पर अनावश्यक शुल्क वसूलने का भी आरोप रहा है। इससे पहले गूगल इसी तरह का एक और मामला ‘फोर्टनाइट’ गेम्स के मेकर ‘एपिक गेम्स’ के साथ भी लड़ रहा था। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने पिछले हफ्ते ही इस मामले में आदेश दिया था कि गूगल का एप बिजनेस एंटी-कॉम्पिटीटिव है।
भारत में भी गूगल पर लगाया गया है जुर्माना
एंड्रॉइड की मजबूत स्थिति का गलत फायदा उठाने से जुड़े एक मामले का गूगल भारत में भी सामना कर रहा है। यहां प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल पर 1,337 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके बाद गूगल ने एनसीएलएटी में अपील की है, जिसने प्रतिस्पर्धा आयोग के फैसले को सही बताया। इसके बाद अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अंतिम आदेश का इंतजार कर रहा है।

