नई दिल्ली: काम के घंटे बढ़ाने को लेकर कई बार चर्चाएं सामने आई हैं। इसी बीच कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने काम के घंटे बढ़ाने और ओवरटाइम को लेकर नया नियम लाने की सोच रही है। इस नियम के अनुसार, काम के घंटे और ओवरटाइम की सीमा बढ़ जाएगी। जैसे ही ये प्रस्ताव सामने आया सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई। बड़ा सवाल क्या अब आदमी मशीन बनने वाला है। कर्नाटक सरकार के प्लान पर सवाल यूं ही नहीं उठ रहा। यूजर्स ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति का भी जिक्र किया, जिन्होंने पिछले साल एक कमेंट में कहा था कि भारतीय युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। इस बात पर भी काफी बहस हुई थी।
अब सरकार कर्नाटक शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट, 1961 में बदलाव करने की सोच रही है। इसके साथ ही 1963 के नियमों में भी बदलाव होगा। इससे रोजाना काम करने के घंटे 9 से बढ़कर 10 हो जाएंगे। ओवरटाइम की सीमा भी 12 घंटे तक बढ़ जाएगी। तीन महीने में ओवरटाइम करने की सीमा 50 घंटे से बढ़कर 144 घंटे हो जाएगी।
यूजर्स ने उठाए इस प्रस्ताव पर सवाल
सरकार का कहना है कि इससे IT और सर्विस सेक्टर में कारोबार करना आसान हो जाएगा। लेकिन, मजदूर संघ और सिविल सोसायटी ग्रुप्स इसका विरोध कर रहे हैं। कर्नाटक सरकार के इस प्लान को लेकर इंटरनेट यानी सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। लोगों ने नारायण मूर्ति के पहले दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए तंज कसे हैं
नारायण मूर्ति का क्यों होने लगा जिक्र
एक यूजर ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘नारायण मूर्ति का बहुत पुराना सपना आखिरकार सच हो गया।’ एक और यूजर ने लिखा, ‘कर्नाटक को इसे नारायण मूर्ति आवर्स कहना चाहिए।’ यह बात उन्होंने काम के घंटे और ओवरटाइम की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर कही। नारायण मूर्ति के पिछले बयान को लेकर एक्स पर एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा, ‘वह जरूर इस प्रस्ताव को रखने वाले बोर्ड में होंगे।’

