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दीक्षांत समारोह:प्रोफेसर बनें राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री; छात्रों को बांटे मेडल और उपाधि

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इंदौर

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (DAVV) के 19 फरवरी को होने वाला दीक्षांत समारोह के लिए फाइनल रिहर्सल गुरुवार को हुई। फाइनल रिहर्सल करीब 3 घंटे तक चली। इसमें अतिथियों के स्वागत से लेकर मेडल वितरण तक के कार्यक्रमों को फाइनल टच दिया गया। हालांकि 10 प्रोफेसर और कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव आने के कारण यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है। रिहर्सल के दौरान यह नजर भी आया। समारोह के मुख्य अतिथि इसरो के पूर्व चेयरमैन ए. एस किरण कुमार होंगे। कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। 2017-18 और 2018-19 के पास आउट छात्रों को 194 गोल्ड, 22 सिल्वर और 126 को PhD डिग्री अवार्ड होगी।

फाइनल रिहर्सल में प्रोफेसरों का प्रोसेशन भी निकला गया।

सबकुछ असली जैसा दिखा
डॉ. चंदन गुप्ता ने बताया कि दीक्षांत समारोह के पहले फाइनल रिहर्सल में प्रोफेसरों का प्रोसेशन भी निकला गया। इस दौरान संस्कृति के श्लोकों के साथ आगंतुकों का स्वागत किया गया। इसके बाद कार्यक्रम शुरू हुआ और एक-एक कर छात्रों को मंच पर बुलाया गया। यहां उन्हें सैनिटाइज किए गए मेडल व PhD की उपाधि प्रदान की गई। अतिथियों को छोड़ दें तो सबकुछ वैसे ही हुआ जैसा 19 फरवरी को मुख्य समारोह में होना है। रिहर्सल में मुख्य अतिथि के रूप में कुलाधिपति और उच्च शिक्षा मंत्री डमी थे। प्रोफेसरों को सभी अतिथियों की डमी के रूप में खड़ा किया गया था।

दोपहर 12 बजे से हुए हुए रिहर्सल की शुरुआत प्रोसेशन निकालने से हुई। करीब 3 घंटे चले आयोजन में तय संख्या के हिसाब से एक-एक छात्र को मेडल और PhD उपाधि प्रदान की गई। कोरोना संकट के बीच हुई रिहर्सल में सभी ने मास्क पहन रखा था। एक सीट छोड़कर छात्रों और आगंतुकों को बैठाया गया। खंडवा रोड स्थित यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हुई इस पहली रिहर्सल में कुलपति डॉ. रेणु जैन और कुलसचिव अनिल शर्मा सहित सारे प्रोफेसर मौजूद थे। हालांकि इस बार काेरोना संकट को देखते हुए जगह नहीं होने पर छात्रों के परिजनों को एंट्री नहीं दी गई है।

मंच पर डमी अतिथियों ने रिहर्सल की।

समारोह की व्यवस्था पर एक नजर

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