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*सभी पानी टैंकर में जीपीएस सिस्टम*

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इन्दौर। शहर में पानी बांटने के लिए नगर निगम ने 250 टैंकर किराए पर लिए हैं, जबकि खुद के 80 टैंकर भी पानी बांटने में लगाए गए हैं। इन सभी टैंकरों की मानीटरिंग की जा रही है और सभी जीपीएस सिस्टम लगाए जाने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं, ताकि कहीं भी पानी बेचने की कोशिशें ना हो निगम ने 250 टैंकर किराए पर लिए हैं और 80 टैंकर खुद के हैं, इन सभी में जीपीएस सिस्टम वर्कशाप विभाग में लगाए जा रहे हैं।

नर्मदा प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव के मुताबिक सभी झोनलों पर तैनात नर्मदा प्रोजेक्ट के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पानी बांटने के कार्यों में लगे टैंकरों में अनिवार्य रूप से जीपीएस सिस्टम लगवाएं और जिन टैंकरों में सिस्टम नहीं लगे हैं, उन्हें पानी के बांटने के कार्यों से दूर रखा जाए। उनके मुताबिक जिन टैंकरों में स्सिटम लगे हैं, उनकी कंट्रोल रूम से मानीटरिंग की जा रही है, ताकि यह पता लग सके कि टैंकर चालक किन-किन क्षेत्रों में पानी बांट रहा है। दिनभर में टैंकर चालक ने कितने फेरे लगाए और किन पार्षदों और अधिकारियों के कहने पर कहां-कहां पानी बांटा गया।

पानी बेचते पकड़े गए तो सीधे एफआईआर’ 

नगर निगम कर्मचारी या स्टाफ के लोग यदि पानी बेचते पकड़े गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. इस आशय के निर्देश महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक में दिए. बता दें कि गर्मी बढ़ते ही पानी की जरूरत का अहसास लोगों को होने लगा है. इंदौर शहर में पानी की किल्लत के चलते नगर निगम पानी टैंकरों से कॉलोनियों में पानी सप्लाई करवाता है. इस दौरान कई टैंकर चालकों की आवासीय क्षेत्रों में पानी बेचने की शिकायत भी मिलती है.

दौर शहर में गर्मी के समय पीने के पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति रहती है. ऐसी स्थिति में नगर निगम ने जल वितरण की समीक्षा बैठक ली. बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने “नगर निगम के बोरिंग से टैंकर भरकर सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं. जिसे देखते हुए नगर निगम ने अब पानी की टंकियों से टैंकर भरने पर भी रोक लगा दी है. इतना ही नहीं पानी के टैंकर से वितरण की प्रक्रिया में यदि कोई टैंकर पर मौजूद स्टाफ या कर्मचारी रहवासी क्षेत्र या आवासीय मल्टियों में पानी बेचते हुए पाया गया तो तत्काल उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.”

पूरा शहर नर्मदा पाइप लाइन के भरोसे’

बता दें कि करीब 32 से 35 लाख की आबादी वाले इंदौर शहर में पीने के पानी की सप्लाई को लेकर पूरा शहर नर्मदा नदी के भरोसे है. जहां खरगोन जिले के जलूद से लेकर इंदौर तक करीब 80 किलोमीटर पाइप लाइन डाली गई है. 3 चरणों में डाली गई पाइप लाइन के माध्यम से शहर की करीब डेढ़ सौ से ज्यादा टंकियां को भरा जाता है. इसके बाद इन टंकियां से नलों के जरिए पानी की सप्लाई होती है. इसके बावजूद शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां सामान्य दिनों में भी पानी नहीं पहुंच पाता.

पानी सप्लाई के लिए इलाके चिन्हित

नगर निगम ने शहर के ऐसे इलाकों को चिन्हित किया है कि जहां पीने का पानी पहुंचाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जाना है. पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में इंदौर नगर निगम में करीब 500 से अधिक टैंकर किराए पर लेकर पीने का पानी शहर के विभिन्न वार्ड में पहुंचाया था. इसके बावजूद भी सुचारू रूप से जल आपूर्ति नहीं हो पाई थी. इस मुद्दे को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि “नर्मदा का पानी अब टैंकरों के माध्यम से नहीं भेजा जाएगा बल्कि नगर निगम के बोरिंग पर हाइड्रेंट लगाकर टैंकर भरे जाएंगे. उन्हें शहर के वार्डों में भेजा जाएगा.”

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