इंदौर
देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी को जीतकर इतिहास रचने वाली मध्यप्रदेश की टीम सोमवार शाम बेंगलुरु से इंदौर पहुंची। टूर्नामेंट के 88 साल के इतिहास में ये पहला मौका है जब मध्यप्रदेश की टीम ने यह खिताब जीता है। इंदौर एयरपोर्ट पर शाम 7.00 बजे पहुंची टीम का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर IDCA (इंदौर क्रिकेट एसोसिएशन) के अध्यक्ष और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, एसोसिएशन के कई पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में आम लोग भी मौजूद थे। वीआईपी लाउंज से बाहर निकलने के बाद टीम बस में सवार हुई। यहां से टीम मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के ऊषाराजे इंटरनेशनल स्टेडियम पहुंचेगी। जहां स्वागत समारोह के बाद टीम खजराना गणेश के दर्शन करने जाएगी।
रणजी ट्रॉफी विजेता टीम इंदौर पहुंची, IDCA अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय ने किया कोच, सिलेक्टर्स और टीम का स्वागत।
मध्यप्रदेश की टीम के कोच चंद्रकांत पंडित को फूल मालाओं से लाद दिया गया।
कोच पंडित ने मांगी थी मन्नत
41 बार की चैम्पियन मुंबई को हराने वाली मप्र टीम के कोच चंद्रकांत पंडित ने खजराना गणेश से मन्नत मांगी थी। टीम का स्वागत करने खेल जगत की नामी हस्तियों के अलावा कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश के खिलाड़ी जिस बस में सवार हुए उस पर पूरी टीम का फोटो भी लगाया गया।
मुंबई को हराकर जीता खिताब
बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मध्यप्रदेश रणजी टीम ने इतिहास रच दिया। 2022 के रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मध्यप्रदेश ने मुंबई को 6 विकेट से हराकर पहली बार खिताब जीता।बता दें कि मध्यप्रदेश की टीम 1954-55 से रणजी ट्रॉफी खेल रही है। ऐसे में उसने 67 साल का सूखा खत्म करते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती है

