शहर में रविवार को कुर्बानी के त्यौहार ईद-उल-अजहा पर मुस्लिम भाइयों द्वारा हल्की फुआरों में सदर बाजार ईदगाह पर सुबह 9.30 मुख्य नमाज अदा की गई। इसके पूर्व हर बार की तरह इस बार भी हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। रिजर्व फोर्स के संयोजक सत्यनारायण सलवाडिया द्वारा शहर काजी इशरत अली को उनके निवास राजमोहल्ला से बग्घी पर लाया गया। इसके बाद शहर काजी ने सामूहिक नमाज अदा करवाई और अमन-चैन की दुआएं मांगी। इसके साथ ही मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे के गले मिलाकर मुबारकबाद दी।
नमाज के पूर्व शहर काजी को बग्गी में बैठाकर लाया गया।
रविवार सुबह से शहर के कई क्षेत्रों में हल्की फुहारें हो रही थी। कई मस्जिदों में ऐसी फुहारों के बीच नमाज अदा की गई। खास बात यह कि दो साल के कोरोना काल में बकरीद का त्यौहार धूमधाम से नहीं मन पाया था लेकिन इस बार कोरोना में राहत होने से समाजजन में दोगुना उत्साह है और मस्जिदों में काफी भीड़ देखी गई। उधर, बकरीद पर हमेशा की तरह शहर के 9 स्लॉटर हॉउस पर कुर्बानी की परमिशन दी गई है। इसके साथ ही वहां साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की गई है।
हल्की फुहारों के बीच नमाज अदा की गई।

