देशभर में परिवार हफ्तों से इंतजार कर रहे थे कि कब रोजाना के सामान से लेकर बड़ी खरीदारी तक सस्ती होगी. आखिरकार 22 सितंबर को वह दिन आ गया, जब नवरात्र के पहले दिन GST बचत उत्सव पर बाजार में धूम दिखाई दी. नया GST नियम लागू होने के बाद बाजार में खरीदार उमड़ पड़े.
सोमवार को आमतौर पर थम-सा रहने वाला कारोबार इस बार बिल्कुल उलटा देखने को मिला है. ऑटोमोबाइल शोरूम से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक, हर जगह खरीदारों की भीड़ मिल रही हैं.
22 सितंबर से जीएसटी को सरल करते हुए सिर्फ दो स्लैब तय की गईं 5% और 18%. पहले चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) मौजूद थे. इसके साथ ही उपभोक्ताओं पर कुल कर बोझ घट गया. अब करीब 99% दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हो गई हैं, जिससे घरों के बजट को तुरंत राहत मिली है. सरकार ने ऑटोमोबाइल पर लगने वाला मुआवजा उपकर भी पूरी तरह हटा दिया है. इससे छोटे और मझोले वाहनों की कीमतों में सीधी कटौती हुई है.
ऑटो सेक्टर में बंपर मांग
आपको बता दें सबसे बड़ा फायदा कार खरीदारों को मिला है. अब 4 मीटर तक लंबाई वाली पेट्रोल, CNG और LGP कारें (1200 सीसी तक) 28% की बजाय 18% GST पर मिलेंगी. डीजल और हाइब्रिड कारों (1500 सीसी तक, लंबाई 4000 मिमी तक) पर भी यही नई दर लागू होगी.
नतीजा साफ दिखा जब मारुति सुजुकी को एक ही दिन में 80,000 पूछताछ और 30,000 गाड़ियां डिलीवर करने का रिकॉर्ड बना. पिछले 35 साल का सबसे बड़ा आंकड़ा ह्युंडई (Hyundai) ने 11,000 डीलर बिलिंग दर्ज की, जो पांच सालों में सबसे ज्यादा है. टाटा मोटर्स ने भी 10,000 गाड़ियां सौंपीं और 25,000 से ज्यादा बुकिंग दर्ज कीं. उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, छोटे कार सेगमेंट की मांग अचानक उछल गई है, क्योंकि इन पर अब कम टैक्स लग रहा है और कीमतें पहले से काफी घट गई हैं.
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भीड़
ऑनलाइन शॉपिंग में भी जीएसटी 2.0 का असर दिखा. 22 सितंबर को ही फ्लिपकार्ट और अमेज़न ने अपने फेस्टिव सेल की शुरुआत की और लॉयल्टी मेंबर्स के लिए खुलते ही ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई.
फैशन ब्रांड Snitch की बिक्री 40% बढ़ी, जबकि The Pant Project ने पिछले साल के मुकाबले 15–20% ज्यादा ऑर्डर्स दर्ज किए. Shadow Etail, जो दोनों बड़े प्लेटफॉर्म्स पर प्रमुख विक्रेता है. होम एसेंशियल्स कैटेगरी में पिछले हफ्ते की तुलना में 151% ट्रैफिक वृद्धि दर्ज की.
कीमतों पर सरकार की नजर
तेजी से बढ़ती बिक्री के बीच केंद्र सरकार इस बात पर भी निगरानी रख रही है कि कंपनियां व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं तक टैक्स कटौती का पूरा लाभ पहुंचा रहे हैं या नहीं.
PTI के मुताबिक, ‘हम कीमतों में हो रहे बदलाव पर नजर रख रहे हैं. फील्ड फॉर्मेशन इसकी रिपोर्ट देंगे और 30 सितंबर तक पहला आकलन आएगा.’
वित्त मंत्रालय ने 9 सितंबर को ही सीजीएसटी अधिकारियों को पत्र लिखकर 54 आम वस्तुओं जैसे मक्खन, शैंपू, टूथपेस्ट, जैम, आइसक्रीम, टीवी, एसी, सीमेंट और डायग्नॉस्टिक किट की मासिक रिपोर्ट तैयार करने को कहा था.
इलेक्ट्रॉनिक्स की झोली भी भरी
जीएसटी दरों में कटौती का असर सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स में दिखा. एयर कंडीशनर और टीवी की कीमतें सीधी घटीं. स्प्लिट एसी पर 3,000–5,000 रुपये तक की कमी आई, जबकि प्रीमियम टीवी पर 85,000 रुपये तक सस्ता सौदा मिला. एयर कंडीशनर और टेलीविजन से लेकर कारों की बिक्री में जोरदार उछाल देखा गया.
हायर ने सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुनी बिक्री दर्ज की. ब्लू स्टार ने 20% वार्षिक वृद्धि का अनुमान जताया, जबकि सुपर प्लास्टॉनिक्स, जो फ्लिपकार्ट के जरिए टीवी बेचती है, ने 43-इंच और 55-इंच मॉडल्स में 30–35% तक ज्यादा बिक्री दर्ज की.
त्योहारों की शुरुआत में ‘बचत का पर्व’
सरकार का कहना है कि जीएसटी 2.0 सीधे उपभोक्ताओं की जेब को राहत देने और खपत को बढ़ाने के लिए लाया गया है. रोजमर्रा की चीज़ों पर टैक्स घटने और कारों से उपकर हटने से आम जनता को ‘बचत का त्योहार’ महसूस हो रहा है.

