अग्नि आलोक

*चंपारण में गुंडा राज-महात्मा गांधी के प्रपौत्र को बोलने से रोका*

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*डॉ सुनीलम ने कहा बिहार सरकार बोलने पर अंकुश लगा रही है*

*’बदलो बिहार, बनाओ नई सरकार’ अभियान की यात्रा जारी रहेगी*

महात्मा गांधी के प्रपौत्र, सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी के नेतृत्व में ‘बदलो बिहार, बनाओ नई सरकार’ अभियान के तहत की जा रही यात्रा आज दूसरे दिन पूर्वी चंपारण के ग्राम तुरकौलिया पहुंची, जहां 4 अगस्त 1917 में  अंग्रेजों ( नीलहों ) द्वारा किसानों को पेड़ से बांधकर पीटे जाने के खिलाफ महात्मा गांधी पहुंचे थे। वहां ग्राम पंचायत कार्यालय में तुषार गांधी को आमंत्रित करने के बाद मुखिया विनय कुमार द्वारा तुषार गांधी को बोलने से रोका गया, अभद्रता की गई तथा महात्मा गांधी की विरासत पर अपमानजनक टिप्पणी की गई। परंतु तुषार गांधी ने पंचायत कार्यालय के बाहर नुक्कड़ सभा को संबोधित किया।

 किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने नीतीश सरकार के संरक्षण में की गई इस घृणित कार्यवाही की निंदा करते हुए नीतीश कुमार से अपील की  कि वे सार्वजनिक तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा किए गए अलोकतांत्रिक और अमर्यादित आचरण के लिए माफी मांगे।

  डॉ सुनीलम ने कहा कि देश में नफरत और हिंसा के खिलाफ अभियान चलाने के लिए तुषार गांधी जाने जाते हैं तथा उनके नेतृत्व में की जा रही यात्रा का मकसद हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह बिहार के आगामी चुनाव में जनादेश की चोरी को रोकना है।

   डॉ सुनीलम ने कहा कि बिहार महात्मा गांधी, तथागत महामानव गौतम बुद्ध, चंपारण सत्याग्रह और संपूर्ण क्रांति आंदोलन की क्रांतिकारी धरती है, यहां लोकतंत्र का गला नहीं घोटा जा सकता तथा किसी भी नागरिक और संगठन को स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता ।

डॉ सुनीलम ने कहा कि यात्रा जारी रहेगी।

  यात्रा आगामी 14 जुलाई को  दरभंगा के, एल सी एस महाविद्यालय के सभागार, भच्छी पंचायत (बहेरी ब्लॉक), 15 जुलाई को सुपौल के कोशी महासेतु,  एकडेरा, पंचगछिया, खोकनाहा, मंगरार, कोसी यूथ लाइब्रेरी, 16 जुलाई को  सहरसा में महात्मा गांधी, डॉ  बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर, गंगजला चौक के पास देव रिजॉर्ट और अररिया, 17 जुलाई को पूर्णिया में महात्मा गांधी, फणीश्वर नाथ  रेणु , डॉ  बाबासाहेब आंबेडकर और जे पी की प्रतिमा पर और जयप्रकाश समग्र सेवा संस्थान से कला भवन, 18 जुलाई को भागलपुर में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर,  वृंदावन विवाह भवन, जावरीपुर और तिलका मांझी, 19 जुलाई को  बिहपुर  गाँव में सभा करने के पश्चात पटना वापस होगी।

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