इंदौर
कॉलेजाें में बीकॉम, बीए एवं बीएससी जैसे ही तीनाें परंपरागत काेर्स की पढ़ाई शुरू हुए तीन माह बीत चुके हैं। यूनिवर्सिटी ने अप्रैल अंत व मई के पहले सप्ताह के बीच फर्स्ट ईयर की परीक्षा का शेड्यूल भी तैयार कर लिया, लेकिन हिंदी ग्रंथ अकादमी से अब तक किताबें छपकर नहीं आईं।
नई एजुकेशन पॉलिसी लागू हाेने के कारण तीनाें ही संकाय में प्रथम वर्ष में बहुत कुछ बदल गया है। 50 नए वाेकेशनल विषय जुड़े हैं, लेकिन किताबें नहीं आने से उन छात्राें की राह मुश्किल हाे गई है, जिन्हें शासन की तरफ से मुफ्त किताबें दी जाती हैं। तीनाें संकाय की करीब 70 विषयाें की किताबें छपकर आना थीं।
खराब आर्थिक हालात से जूझ रहे छात्रों काे बाजार से खरीदना पड़ रही किताबें
इंदाैर जिले के 11 सहित प्रदेशभर के 457 शासकीय कॉलेजाें में एससी-एसटी के छात्राें काे शासन की तरफ से हर साल मुफ्त में किताबें दी जाती हैं। इंदाैर के सरकारी कॉलेजाें में ऐसे छात्राें की संख्या 19 हजार से ज्यादा है। काेविड के दाैर में स्कॉलरशिप अटकने एवं खराब आर्थिक हालात से पहले से ही परेशान इन छात्राें काे पढ़ाई के लिए किताबें बाजार से खरीदना पड़ रही हैं। चूंकि आधे से ज्यादा सत्र बीत चुका है और मई के पहले सप्ताह में ही एग्जाम शुरू हाेना है। ऐसे में उन छात्राें के सामने संकट, जाे बाजार से किताबें खरीदने की स्थिति में नहीं हैं।
कई किताबें बाजार में नहीं मिल रहीं
नई एजुकेशन पॉलिसी में बीकॉम, बीए व बीएससी प्रथम वर्ष के छात्रों को वोकेशनल कोर्स का कम से कम एक विषय चुनना अनिवार्य था। बीए में 25, बीकॉम में 5 एवं बीएससी में 20 वोकेशनल विषयों के विकल्प रखे गए हैं। इनमें नर्सरी प्रबंधन, एमएस ऑफिस, रामचरित मानस का दार्शनिक चिंतन, लोक प्रशासन: सिद्धांत एवं व्यवहार, हाउस कीपिंग एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, धन एवं बैंकिंग, कम्युनिकेटिव अंग्रेजी, भारतीय अर्थव्यवस्था एक परिचय एवं मधुमक्खी पालन से लेकर कम्प्यूटर फंडामेंटल तक शामिल हैं। ये सारे विषय किसी न किसी स्किल से जुड़े हैं।
और जवाबदार बाेले- जल्द आएंगी किताबें
इस मामले में भास्कर ने हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशाेक कड़ेल से बात की ताे उन्हाेंने माना कि अब तक किताबें छपकर नहीं आई हैं। उन्हाेंने कहा कि नई एजुकेशन पॉलिसी लागू हाेने के कारण सिलेबस भी थाेड़ा लेट हो गया है। अब तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द किताबें आ जाएंगी। हालांकि उन्हाेंने इसे लेकर काेई समय सीमा नहीं बताई।

