प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का धरना आज चौथे दिन भी जारी रहा. रविवार को मौनी अमावस्या के दिन पालकी के साथ संगम नोज पर जाते समय प्रशासन ने उन्हें रोक दिया था. इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायियों के साथ हाथापाई भी हुई थी. इस घटना के बाद धरने पर बैठे अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर यूपी की राजनीति तेज हो गई है. विपक्षी दल सपा के नेता अखिलेश यादव ने उनसे बात की. उन्होंने कहा कि किसी भी साधु-संत का अपमान होगा तो समाजवादी पार्टी उसके विरोध में खड़ा रहेगा. दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर हमला बोला.
योगी ने कालनेमि का जिक्र कर साधा निशाना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ऐसे तमाम कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे. हमें उनसे सावधान होना होगा. हमें उनसे सतर्क रहना होगा. योगी आदित्यनाथ ने यह बयान गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के धरने को लेकर संत समाज भी बंटा है. इस पूरे विवाद पर गुरुवार शाम NDTV पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और जगद्गुरु रामभद्राचार्य आमने-सामने नजर आए. इस दौरान दोनों संत एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए.

