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इंदौर  में शाम में तेज बारिश:सूख रही सोयाबीन की फसल को राहत

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इंदौर में बुधवार को हुई बारिश के बाद गुरुवार सुबह फिर बारिश शुरू हो गई है। सुबह 7 बजे हल्की बारिश शुरू होने लगी। फिर कुछ समय बाद थमी और धूप भी निकली। इसके बाद शाम 5.30 बजे फिर बादल छाए और तेज बारिश शुरू हो गई। पिछले 12 घंटे में आधा इंच बारिश हो चुकी है जबकि बुधवार को भी आधा इंच बारिश हुई थी। इससे मौसम में ठण्डक घुली हुई है और गर्मी से राहत मिलने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों ने अभी एक-दो दिन हल्की बारिश के आसार जताए हैं।

रिकॉर्ड देखा जाए तो 2019, 2020, 2021 और 2022 बारिश के मामले में मेहरबान रहा है। इससे पहले 2018 में जिले में औसत करीब 28 इंच ही बारिश हुई थी। जबकि जिले का कोटा 37 इंच माना जाता है। इस बार 32 इंच के करीब बारिश हुई है और अगस्त पूरी तरह सूखा गया। ऐसे में सितंबर से ही आस है, अन्यथा जिले का सामान्य कोटा भी पूरा नहीं हो पाएगा। आने वाली गेहूं फसल के लिए जरूर यह बारिश राहत दे सकती है।

सूख रही सोयाबीन की फसल को राहत पर ज्यादा फायदा नहीं

उधर,दो दिन से हल्की बारिश का दौर सांवेर, देपालपुर, महू सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी चल रहा है। इससे सोयाबीन की सूख रही फसलें फिर लहलहाने लगी है। किसान बबलू जाधव, रामप्रसाद बारोड, मदनलाल परमार व लाखन बारोड ने बताया कि सोयाबीन फसलों को जो पहले नुकसान होना था, हो चुका है। अब अगर अच्छी बारिश हुई तो आने वाली गेहूं के लिए जरूर फायदेमंद होगी। वर्ना पानी की कमी के कारण दिक्कत खड़ी हो जाएगी।

पारा गिरा, मौसम में घुली ठंडक

गुरुवार को अलसुबह तेज हवा के साथ जब बारिश शुरू हुई तो लोगों के चेहरे खिल उठे। यह बारिश 12 दिनों बाद हुई थी। अब तक आधा इंच बारिश दर्ज की गई है। बारिश का प्रभाव यह रहा कि इतने दिनों से दिन और रात का तापमान बढ़ने से जो गर्मी हो रही थी उससे राहत मिली है। मंगलवार को जहां दिन का तापमान 33.4 डिग्री (+4) था वह 30 डिग्री (सामान्य) सेल्सियस पर आ गया है। ऐसे ही मंगलवार रात का तापमान जहां 22.8 डिग्री सेल्सियस (+2) था, वह बुधवार रात को मामूली गिरावट के साथ 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

दो दिन से हो रही हल्की बारिश से सोयाबीन की फसलें लहराने लगी है।

गुरुवार सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। इस दौरान कई हिस्सों में हल्की बारिश शुरू हुई जो 20 मिनट बाद रुक गई। दूसरी कहीं-कहीं रिमझिम का दौर रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12 सितम्बर से बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बन रहा है। अगर यह स्ट्रांन्ग रहा तो अभी जितनी कमी है उससे आधी की पूर्ति हो सकती है।

दो दिन से हो रही बारिश से किसानों को बंधने लग गई उम्मीदें।

अगस्त माह में कम बारिश से बढ़ी चिंता

उधर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार रेसीडेंसी में अधिकारियों की बैठक लेकर फसलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए की सभी अधिकारी फसलों पर सतत निगरानी रखें। वे किसानों से निरंतर सवांद बनाए रखें। अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र का सघन प्रबंध करते रहें। सभी मैदानी राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और कम से कम 25-25 खेतों को देखें। वे खुद फसलों की स्थिति का जायजा लें तथा उसकी रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही उन्होंने किसानों से कहा कि वे किसी भी तरह की चिंता नहीं करें। उन्बें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते मंत्री तुलसीराम सिलावट।

प्रदेश में सूखे जैसे हालत से इंदौर सहित प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को भी चिंता सताने लगी थी। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उज्जैन में महाकाल का जलाभिषेक करने के बाद अच्छी वर्षा की कामना किए थे। इंदौर में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन इंद्रेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर अभिषेक के साथ पूजा अर्चना कर प्रदेश में जल्द अच्छी बारिश की कामना की थीं।

शहर में आखिरी बार 24 अगस्त को हल्की बारिश के साथ लगभग 0.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। अगस्त में मात्र 2.7 इंच ही बारिश के कारण सूखे जैसा हालत बन गए थे। अगस्त में सामान्य रूप से 10 इंच बारिश होती है। इंदौर में बारिश का कोटा 37 इंच का है और अभी तक 25 इंच ही बारिश हुई है।

इस बार सितंबर के पहले हफ्ते में काफी गर्मी भरे दिन रहे। दिन का तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया गया। इसी तरह रात का तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री ज्यादा रहा। इससे काफी गर्मी रही। अब अगर बारिश अच्छी होती है तो गर्मी से राहत मिल सकती है।

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