बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मंगलवार को शाम को करीब सात बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इसके बाद मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा से गुजरने के दौरान करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे कई जगहों पर घर और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं जिसमें एक महिला की मौत होने की सूचना है। मौसम विभाग के मुताबिक, मोंथा के बुधवार सुबह ओडिशा पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि मोंथा मंगलवार सुबह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसकी वजह से आंध्र के अलावा तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्र में विशाल लहरें उठीं और तीव्र हवाओं के साथ भारी बारिश जारी रही। इस वजह से कम से कम 52 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। वहीं, पिछले 24 घंटों के दौरान 120 ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। आंध्र पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में तूफान के कारण ताड़ का पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। राज्य में 38,000 हेक्टेयर में खड़ी फसलें और 1.38 लाख हेक्टेयर में बागवानी फसलें नष्ट हो गई हैं। करीब 76,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

चक्रवाती तूफान मोंथा – फोटो : पीटीआई
मोंथा के कारण ओडिशा के 15 जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मोंथा से निपटने के लिए तैयार ओडिशा सरकार पहले से ही 800 राहत केंद्र स्थापित कर चुकी है। तटवर्ती क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें भी पूरी तरह मुस्तैद हैं। मोंथा के मद्देनजर राहत और बचाव कार्यों के लिए 45 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 10 टीमें आंध्र प्रदेश में, 6 ओडिशा में, 3-3 तमिलनाडु और तेलंगाना में, 2 छत्तीसगढ़ में और 1 पुडुचेरी में तैनात की गई हैं। लोगों को समुद्र के करीब न जाने की सलाह दी गई है। चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार सुबह तकर सड़कों पर वाहनों की आवाजाही स्थगित करने का फैसला लिया गया है।
अश्विनी वैष्णव ने की समीक्षा बैठक
मोंथा की दस्तक के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पूर्वी तट, दक्षिणी तट और दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्रों में यात्री सुरक्षा, ट्रेन नियमन, बहाली योजना और स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने इन रेलवे क्षेत्रों को सभी एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया।