पिछले 15 दिन से मध्यप्रदेश में चर्चा है कि कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बन सकते हैं, लेकिन ताजा जानकारी कहती है कि वे इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी है। विजयवर्गीय को मध्यप्रदेश सहित पांचों राज्यों के पॉलिटिकल फीडबैक विंग की कमान सौंपी गई है।
मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्यों के राजनीतिक घटनाक्रमों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ योग्य उम्मीदवारों के चयन में भी विजयवर्गीय की भूमिका रहेगी। यह विंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में काम करेगी।
नई जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि पांचों राज्यों में फीडबैक लेने के लिए प्रदेश संयोजकों की नियुक्ति की जाएगी। इसका निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में लिया जाएगा। वे बताते हैं कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भी केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें कुछ ऐसी ही जिम्मेदारी सौंपी थी। इस बार किस फॉर्मूले के तहत काम करना है, यह शाह के साथ बैठक के बाद ही साफ होगा।
बीजेपी के एक सीनियर लीडर ने बताया कि पार्टी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए योग्य उम्मीदवार, जातीय समीकरण व सकारात्मक मुद्दों को साधने की रणनीति बना रही है। पॉलिटिकल फीडबैक हासिल करने के लिए पार्टी ने नई विंग एक्टिव की है, जो चुनावी राज्यों में पार्टी की जीत के समीकरणों पर काम करेगा।
चुनावी राज्यों में अनुभवी नेताओं को प्रदेश संयोजक बनाएंगे
हर विधानसभा सीट के जातीय समीकरणों से लेकर लोकल मुद्दों का जमीन पर असर और विपक्ष के संभावित उम्मीदवारों का समय रहते पता लगाकर पार्टी को योग्य उम्मीदवारों का चयन में भूमिका भी निभाएगा। ग्राउंड से रियल फीडबैक पार्टी को समय से पहले मिल जाए। इसको ध्यान में रखते हुए भाजपा ने पहली बार इस तरह का प्रयोग किया है। चुनावी राज्यों में अनुभवी नेताओं को प्रदेश संयोजक बनाए जाएंगे।
कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार कौन?
यह विंग राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से चल रही तैयारियों के बारे में भी रिपोर्ट देगा। साथ में यह भी फीडबैक दिया जाएगा कि कांग्रेस की ओर से संभावित उम्मीदवार के उतारे जाने की स्थिति में बीजेपी को किस जाति वर्ग के उम्मीदवार को उतारना फायदेमंद होगा। खास बात यह है कि फीडबैक में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं होगा, लेकिन जाति-वर्ग की स्थितियों का आंकलन स्पष्ट रूप से किया जाएगा।
बता दें कि कांग्रेस ने उन सीटों पर तीन महीने पहले उम्मीदवारों की घोषणा की है, जहां कांग्रेस पिछले कई चुनावों में लगातार हारती आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सर्वे के आधार पर कई विधायकों को भी परफार्मेंस सुधारने व क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा समय देने की चेतावनी नसीहत के रूप में दी है। बीजेपी इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रही है।
कांग्रेस की 5 गारंटियों का कितना असर
कमलनाथ ने नारी सम्मान योजना के तहत हर महिला को 1500 रुपए महीना, 500 रुपए में गैस सिलेंडर और ओल्ड पेंशन स्कीम, किसान कर्ज माफी और 100 यूनिट बिजली बिल माफ और 200 यूनिट हाॅफ करने का वादा किया है। विजयवर्गीय की अगुवाई वाली यह विंग कांग्रेस की गारंटियों को लेकर ग्राउंड पर असर और इससे बीजेपी को होने वाले नुकसान को लेकर विधानसभा सीट वार रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि पता चल सके कि कांग्रेस क्या कर रही है और उसका बीजेपी पर क्या असर आएगा और उनका काउंटर करने के लिए बीजेपी को क्या करना चाहिए?
क्षेत्रीय दलों की स्थिति और तैयारी का फीडबैक भी जुटाएगी विंग
इसके अलावा बसपा, सपा, जयस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जैसे क्षेत्रीय दलों की ग्राउंड पर स्थिति और चुनावी तैयारी को लेकर भी फीडबैक जुटाया जाएगा। आम आदमी पार्टी और AIMIM जैसी पार्टियों की गतिविधियों और इनकी सभाओं में शामिल हो रहे जाति-समाजों के वर्गों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि समय रहते पार्टी अपनी स्थिति को ठीक कर सके।

