किसान संघर्ष समिति ने तेलंगाना के ज्वार किसानों को जीत की बधाई दी
2 महीने से तेलंगाना किसानों द्वारा चलाये जा संघर्ष और देशभर मे किसानों द्वारा 6 महीने से चलाए जा रहे सँघर्ष का नतीजा
केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी महंगाई बढ़ने के अनुपात से भी कम और सी2 +50 से बहुत दूर
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवंं पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने तेलंगाना के किसानों की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि तेलंगाना में ज्वार की खेती करने वाले किसानों की ज्वार न्युनतम समर्थन मूल्य से कम 900 रूपये प्रति क्विंटल से खरीद की जा रही थी। तेलंगाना के हजारों किसानों ने पिछले 2 महीने तक एमएसपी की मांग को लेकर आंदोलन किया । तेलंगाना के किसान संगठन रैयतु स्वराज्य वेदिका द्वारा एमएसपी पर खरीद किए जाने की मांग को लेकर 1 जून 2021 को उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर 9 जून को उच्च न्यायालय ने सरकार के किसानों के प्रति रवैये पर अप्रसन्नता जाहिर की तथा सरकार को 2620 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद का आदेश दिया।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्री मंडलीय समिति ने 9 जून को खरीफ 2021 की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है जिसमें व्यापक लागत C2 +50 को लागत अवधारणा के रूप में उपयोग करने की बजाय, जिस पर कम से कम 50% का लाभ मार्जिन जोड़ा जाएगा । मोदी सरकार ने भुगतान की गई लागतों + पारिवारिक श्रम के आरोपित मूल्य का उपयोग करने की अपनी पुरानी चाल को जारी रखा,जिसे A2+FL फॉर्मूला के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा मक्का के लिए पिछले वर्ष की तुलना में केवल बीस रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। धान, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का और मूंग जैसी विभिन्न फसलों पर एमएसपी में वृद्धि देश में महंगाई दर के बराबर नहीं है। दरअसल सी2+50 प्रतिशत से यदि समर्थन मूल्य निकाला जाए तो अभी भी घोषित फसलों में 600 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की लूट की जा रही है ।जो किसानों को अस्वीकार्य है। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जो गारंटी देता है कि प्रत्येक किसान को कम से कम एमएसपी को न्यूनतम मूल्य के रूप में मिलें। इसलिए जहां तक किसानों का सवाल है, यह एक अर्थहीन वृद्धि है । इसीलिए किसान आंदोलन सभी किसानों के लिए एमएसपी के क़ानूनी अधिकार की मांग करता रहा है ताकि सभी किसानों के लिए एक लाभकारी एमएसपी सुनिश्चित की जा सके। पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने कहा कि एमएसपी में वृद्धि लाखों किसानों के महीनों से विरोध के बावजूद सरकार का एमएसपी देने का वायदा जुमला बना हुआ है। किसानों की आमदनी दुगनी करने का वायदा खोखला साबित हो चुका है ।
उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे पहले इन तीनों कृषि कानूनों को पूर्ण रूप से रद्द करना चाहिए और किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के लिए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए।डॉ सुनीलम ने कहा कि केरल और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन उन्होंने सभी विपक्ष की 9 राज्य सरकारों से अपील की कि वे 3 किसान विरोधी कानूनों को किसी भी तरीके से अपने राज्य में लागू नही होने देने के वायदे को अमली जामा पहिनाए ।
भागवत परिहार
कार्यालय प्रभारी, किसान संघर्ष समिति

