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ब्रज की होली : मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में 40 दिवसीय रंगोत्सव का शंखनाद

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ब्रज की होली केवल एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, परंपरा और उत्साह से भरा 40 दिनों का रंगोत्सव है. 23 जनवरी 2026 से ब्रज होली का शुभारंभ हो चुका है, जो पूरे क्षेत्र में धीरे-धीरे रंग जमाते हुए मुख्य पर्व तक पहुंचता है. उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में मनाया जाने वाला यह उत्सव देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है. यह महोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है.अगर आप होली के असली आनंद और आध्यात्मिकता का अनुभव करना चाहते हैं, तो इन दिनों ब्रज की ओर रुख करें. उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में 40 दिवसीय रंगोत्सव का शंखनाद हो चुका है. इसलिए ब्रज की होली की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो सही शेड्यूल जरूर जान लें.

जहां देशभर में होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी, वहीं ब्रज में उत्सव कई सप्ताह पहले शुरू होकर मुख्य पर्व के बाद भी चलता रहता है. आइए जान लेते हैं ब्रज की होली  वो बातें जो इसे देश के बाकी हिस्सों की होली से खास और अलग बनाती है.

किन शहरों में मनाई जाती है ब्रज की होली?
ब्रज क्षेत्र के प्रमुख शहरों में यह रंगोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है.

मथुरा
वृंदावन
बरसाना
नंदगांव
गोकुल
महावन
बलदेव
ब्रज होली की प्रमुख परंपराएं
फूलों की होली
वृंदावन के मंदिरों में भक्तों पर फूल बरसाकर होली खेली जाती है. यह दृश्य अत्यंत मनमोहक और आध्यात्मिक होता है.

लठमार होली
बरसाना और नंदगांव की लठमार होली सबसे अनोखी परंपरा है. इसमें महिलाएं हंसी-मजाक में पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं. तो वहीं गोकुल और महावन में छड़ी मार होली और पारंपरिक हुरंगा आकर्षण का केंद्र होते हैं.

होलिका दहन और धुलेंडी
3 मार्च 2026 की शाम को होलिका दहन होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने के कारण विशेष सावधानी रखी जाएगी. 4 मार्च की सुबह रंगवाली होली यानी धुलेंडी खेली जाएगी.

मथुरा-वृंदावन होली 2026 का पूरा कार्यक्रम
24 फरवरी बरसाना में लड्डू होली
25 फरवरी बरसाना में लठमार होली
26 फरवरी नंदगांव और रावल में लठमार होली
27 फरवरी श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में विशेष होली उत्सव
1 मार्च गोकुल में छड़ी मार होली
3 मार्च चतुर्वेदी समाज का होली डोला
3 मार्च (शाम) होलिका दहन
4 मार्च धुलेंडी (रंगवाली होली)
5 मार्च दाऊजी महाराज (बलदेव) का हुरंगा, नंदगांव और जाव का हुरंगा, मुखराई में चरकुला नृत्य
6 मार्च बठैन और गिडोह का हुरंगा
9 मार्च महावन में छड़ी मार होली
12 मार्च श्री रंगजी मंदिर, वृंदावन में होली उत्सव
40 दिनों का आध्यात्मिक उत्सव
ब्रज में होली की शुरुआत बसंत पंचमी से ही हो जाती है. यह उत्सव भगवान कृष्ण के जीवन की लीलाओं से जुड़ा है. यहां की लठमार होली, फूलों की होली और छड़ी मार होली पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. जहां देशभर में 4 मार्च को होली मनाई जाएगी, वहीं ब्रज में यह उत्सव मार्च के दूसरे सप्ताह तक जारी रहेगा.

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