भोपाल। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उत्तरी मध्य प्रदेश के बाजरा उत्पादक किसानों की लूट को रोकने के लिए तुरंत सरकारी खरीद शुरू करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि बेमौसम बरसात और बाढ़ के कारण बाजरे के उत्पादन में कमी आने के कारण किसान पहले से ही परेशान थे, अब मंडियों में हो रही लूट ने उनके दर्द को दुगना कर दिया है। यह सब बाजरे की सरकारी खरीद शुरू न होने की वजह से है।
अपने पत्र में माकपा नेता ने कहा है कि पहले 15 नवंबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने की चर्चा थी, मगर अभी तक अनिश्चय की स्थिति बनी हुई है। जिसके चलते किसानों को मजबूरी में अपना बाजरा व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। निजी व्यापारी 1600 से 1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से बाजरा खरीद रहे हैं, जबकि बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2150 रुपए है। जाहिर है कि एक क्विंटल पर ही किसानों की 450 से 550 रुपए तक की लूट हो रही है। जसविंदर सिंह ने कहा है कि प्रशासन, सरकारी खरीद एजेंसियों और व्यापारियों की सांठगांठ और इस सांठगांठ को सरकारी संरक्षण के बिना यह लूट संभव ही नहीं है। विडंबना यह है कि किसानों की यह लूट तब हो रही है, जब किसान पिछले एक साल से कृषि कानून खत्म करने और एमएसपी पर गारंटी का कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने कल तीन कानूनों को वापस लेने का निर्णय भी कर लिया है। मगर मध्यप्रदेश में बाजरा उत्पादक किसानों की अभी भी लूट हो रही है।
माकपा ने तुरंत बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कर किसानों की लूट रोकने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
: बाजरा उत्पादक किसानों की लूट बंद होमाकपा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

