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*कला, संस्कृति, इनोवेशन और बहादुरी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 बच्चों का सम्मान*

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वीर बाल दिवस’ (26 दिसंबर 2025) के अवसर पर नई दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों—बहादुरी, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान, नवाचार (Innovation), और कला एवं संस्कृति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 बच्चों को प्रतिष्ठित ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया। 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के इन विजेताओं में 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के तहत कला, संस्कृति, इनोवेशन और बहादुरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 बच्चों को सम्मानित किया गया है. पश्चिम बंगाल के सुमन सरकार को तबला वादन में तो आगरा के अजय राज को मगरमच्छ से पिता की जान बचाने के लिए पुरस्कार मिला. यह पुरस्कार देश के प्रतिभाशाली और साहसी बच्चों की पहचान करता है.

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इन बच्चों ने न केवल अपने परिवार और समाज, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मान देशभर के अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देगा।

साहिबजादों के बलिदान को किया याद

वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि लगभग 320 वर्ष पहले दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके चारों साहिबजादों ने सत्य और न्याय के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि सबसे छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की वीरता को भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश की महानता इस बात से तय होती है कि उसके बच्चे कितने देशभक्त और उच्च आदर्शों से प्रेरित हैं। उन्होंने खुशी जताई कि पुरस्कार पाने वाले बच्चों ने बहादुरी, कला-संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

बच्चों के उल्लेखनीय असाधारण कार्य

उन्होंने सात वर्षीय शतरंज खिलाड़ी वाका लक्ष्मी प्रग्निका, साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित अजय राज और मोहम्मद सिदान पी तथा दूसरों की जान बचाते हुए शहीद हुए व्योमा प्रिया और कमलेश कुमार का विशेष उल्लेख किया। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में सैनिकों को सहायता पहुंचाने वाले श्रवण सिंह और दिव्यांग होते हुए भी खेल जगत में उपलब्धियां हासिल करने वाली शिवानी होसुरु उप्पारा की भी सराहना की।

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि इस वर्ष 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 बच्चों को यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार यह साबित करते हैं कि आत्मविश्वास और समर्पण के बल पर संसाधनों की कमी को भी मात दी जा सकती है।

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