शुरुआत एलआईजी और नेहरू नगर की जर्जर मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों को तोड़कर की जा रही है
हाऊसिंग बोर्ड के अफसरों ने बताया कि नेहरू नगर मंडल द्वारा विकसित किया गया है। नगमर की सभी बिल्डिंगे 50 वर्ष से अधिक पुरानी है। जिन्हें नगर निगम ने वर्ष 2018 में खतरनाक घोषित किया है।
इंदौर में पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत मप्र गृह निर्माण मंडल पुरानी बहुमंजिला इमारतों को तोड़कर नए भवन बनाएगा। शुरुआत एलआईजी और नेहरू नगर की जर्जर मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों को तोड़कर की जा रही है। बोर्ड नई बिल्डिंग में रहवासियों को 20 प्रतिशत ज्यादा फ्लोर एरिया या तल क्षेत्र देगा। यानी रहवासियों को घरों में ज्यादा जगह मिलेगी।
कलेक्टर कार्यालय में इस योजना को लेकर रविवार को एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कहा गया कि मप्र आवास पुनर्विकास नीति 2022 के तहत एलआईजी और नेहरू नगर की पुनर्विकास परियोजना प्रस्तावित है। मप्र हाऊसिंग बोर्ड के अफसरों ने बताया कि नेहरू नगर मंडल द्वारा विकसित किया गया है। यहां की सभी बिल्डिंगें 50 वर्ष से अधिक पुरानी है। जिन्हें नगर निगम ने वर्ष 2018 में खतरनाक घोषित किया है। ये बिल्डिंगें अब मरम्मत लायक भी नहीं बची हैं। इस वहज से वे कभी भी गिर सकती है और जनहानि हो सकती है।
बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि जब तक यह प्रोजेक्ट पूरा होगा। तब तक रहवासियों को अन्य स्थान पर रहने के लिए प्रचलित दर के हिसाब से किराया दिया जाएगा। इसी के साथ ही प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद रहवासियों की रजिस्ट्री निशुल्क कराई जाएगी।
हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि पुनर्विकास परियोजना पश्चात जितने भी रहवासी यहां निवासरत है उनके भवन के वर्तमान क्षेत्रफल में 20 प्रतिशत इजाफे के साथ नया फ्लोर एरिया मिलेगा। बैठक में अफसरों ने कहा कि आईटीआई एवं होलकर शासकीय महाविद्यालय की चिन्हित भूमि पर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत नया निर्माण किया जा सकता है। आईटीआई की 1.50 हेक्टेयर भूमि पर नए छात्रावास और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा सकता है।

