एनडीए की ओर से समर्थित उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 452 मत मिले। इस जीत के साथ ही वह देश के उपराष्ट्रपति पद के लिए चयनित हो गए हैं।एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने 452 वोट पाकर अपने प्रतिद्वंद्वी बी सुदर्शन रेड्डी को शिकस्त दी है। सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस चुनाव में एनडीए को लगभग दो-तिहाई बहुमत मिला है। बीजेपी का दावा है कि 14 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की। 767 सांसदों ने वोट डाले जिसमें 15 वोट अमान्य हो गए।
सांसद छीन सकते हैं जनता नहीं छीन पाएंगेः कांग्रेस
उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी गठबंधन ने भी अच्छी टक्कर दी। कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने सी.पी. राधाकृष्णन की जीत पर कहा कि सी.पी. राधाकृष्णन को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। हमें उम्मीद है कि वह निष्पक्ष होकर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। जहां तक 300 और 452 वोटों की बात है, इसमें कोई शक नहीं कि क्रॉस वोटिंग हुई है…जिन्होंने भी क्रॉस वोटिंग की है, उनका कुछ निजी प्रभाव रहा होगा, लेकिन वे (NDA) सांसद छीन सकते हैं जनता नहीं छीन पाएंगे। जनता का रुझान INDIA गठबंधन की ओर है। वे जनता का रुख नहीं बदल पाएंगे।
बता दें कि विपक्ष के पास एनडीए के मुकाबले कम वोट थे। इस चुनाव को जीतने के लिए 392 वोटों की जरूरत थी। एनडीए के उम्मीदवार ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। मंगलवार को हुए चुनाव में 767 सांसदों ने वोट डाले। इनमें से 15 वोट अमान्य हो गए। कुल 782 सांसदों को वोट देना था। विपक्षी दलों से मिले 14 वोट एनडीए के लिए बड़ी सफलता है। इससे विपक्ष को नुकसान हुआ। एनडीए के पास अपने सांसदों के वोटों के साथ-साथ क्रॉस वोटिंग का भी फायदा मिला। इस टेबल में देख सकते हैं कि कब कब उपराष्ट्रपति चुनाव में कितने अवैध वोट पड़े।
| वर्ष | कुल मतदाता | अवैध वोट |
| 1997 | 790 | 46 |
| 2002 | 790 | 07 |
| 2007 | 790 | 10 |
| 2012 | 790 | 08 |
| 2017 | 785 | 11 |
| 2022 | 780 | 15 |
एकता दिखाने के लिए विपक्ष ने उतारा उम्मीदवार
विपक्ष ने अपनी एकता दिखाने के लिए सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा। विपक्ष चाहता था कि इस मतदान प्रक्रिया में एक संदेश जाए। सुदर्शन रेड्डी ने सांसदों से अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट करने की अपील की थी। लेकिन एनडीए ने अपनी रणनीति के तहत क्रॉस वोटिंग के जरिए विपक्ष के वोट बैंक में सेंध लगाई। उन्होंने 452 वोट हासिल किए। एनडीए के पास कुल 427 सांसद थे। वायएसआर कांग्रेस के 11 सांसदों के जुड़ने से यह संख्या 438 हो गई। इसके अलावा, 14 अतिरिक्त वोट क्रॉस वोटिंग के जरिए सीपी राधाकृष्णन को मिले। यह चुनाव उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद हुआ। उन्होंने जुलाई में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।
हालांकि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत पर कहा कि परिणाम में हमारे वोट शेयर में 14% की बढ़ोतरी हुई है, पहले यह 26% था, अब यह 40% है, विपक्ष कुछ खो नहीं रहा बल्कि पा रहा है। जिस तरह का माहौल देश में बना है, बदलाव जरूर आएगा। INDIA गठबंधन ने अपना पूरा प्रयास किया, सरकार ने अपना पूरा प्रयास किया, लेकिन फिर भी वे कोई सेंध नहीं लगा पाए।

