8 जनवरी 2026, इंदौर। गुरुवार को शाम इंदौर के रीगल चौराहा (महात्मा गांधी प्रतिमा) पर वेनेज़ुएला की आज़ादी के समर्थन तथा अमेरिकी साम्राज्यवाद की दादागिरी के खिलाफ एकजुटता प्रकट करते हुए मानव श्रृंखला और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम वेनेज़ुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के विरुद्ध साम्राज्यवादी हस्तक्षेप, राजनीतिक साज़िशों और संप्रभु राष्ट्र की आज़ादी पर हो रहे हमलों के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे केवल वेनेज़ुएला ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा बताया।

सभी वक्ताओं ने सामूहिक रूप से अमेरिका द्वारा किए जा रहे हस्तक्षेप की निंदा की और वेनेज़ुएला की संप्रभुता के सम्मान की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि वेनेज़ुएला के खिलाफ साम्राज्यवादी आक्रमण दरअसल वैश्विक वर्चस्व की राजनीति का हिस्सा है, जो युद्ध, अस्थिरता और शांति के संकट को जन्म देती है। उन्होंने विश्व समुदाय और भारत सरकार से अपील की कि वे स्पष्ट रूप से इस हस्तक्षेप का विरोध करें औऱ राष्ट्रपति मदुरा और उनकी पत्नि को तुरन्त रिहा करने हेतु दबाव डाले।
यह विरोध प्रदर्शन और मानव श्रृंखला सीपीआई, सीपीआई (एम), एसयूसीआई, समाजवादी पार्टी, एटक, सीटू, असंगठित मजदूर कांग्रेस, प्रगतिशील लेखक संघ, इप्टा तथा अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन द्वारा आयोजित था।
मानव श्रृंखला में प्रमुख रूप से जया मेहता, प्रमोद नामदेव, अरुण चौहान, कैलाश गोठानिया, जावेद आलम, हरनाम सिंह, विनीत तिवारी, रुद्रपाल यादव, सारिका श्रीवास्तव, राहुल निहोरे, प्रकाश पाठक, अरविंद पोरवाल, विजय डालाल तथा भागीरथ कछवै, मृदुला शर्मा, प्रांजल श्रोत्रिय आदि शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि साम्राज्यवाद, युद्धोन्माद और अन्याय के विरुद्ध जनआंदोलनों को और व्यापक किया जाएगा तथा विश्व शांति, मानवता और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।